बिहार के मधुबनी जिले में कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय के तहत संचालित जन शिक्षण संस्थान ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं, बिना पढ़े लिखे लोगों और कॉलेज ड्रॉपआउट्स को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल कर रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को मुफ़्त हुनर सिखाना है जो औपचारिक शिक्षा से दूर रह गए हैं, ताकि वे स्वरोजगार या नौकरी के जरिए सम्मानजनक आजीविका कमा सकें। संस्थान हर साल मधुबनी में करीब 1800 लोगों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य लेकर कार्य कर रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
महिला सशक्तिकरण और विशेष पाठ्यक्रमों पर जोर
संस्थान में संचालित होने वाले कुल प्रशिक्षण कार्यक्रमों में से 95 प्रतिशत कोर्स विशेष रूप से महिलाओं और लड़कियों के लिए डिजाइन किए गए हैं। इसका उद्देश्य वंचित और ग्रामीण पृष्ठभूमि की महिलाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना है। इसके अलावा पुरुषों के लिए भी तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण के कई विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। प्रशिक्षण सत्र की अवधि न्यूनतम 30 दिनों से लेकर अधिकतम 130 दिनों तक होती है, जिसमें थ्योरी के साथ व्यावहारिक ज्ञान पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
स्थानीय जरूरतों और उत्पादों के अनुसार वोकेशनल कोर्स
जन शिक्षण संस्थान में सिखाए जाने वाले कोर्स मधुबनी जिले की स्थानीय कला, संस्कृति और बाजार की मांग को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं। महिलाओं के लिए सिलाई-कटाई का 80 दिवसीय कोर्स, 130 दिनों का कंप्यूटर प्रशिक्षण, हैंड एम्ब्रॉयडरी, ब्यूटी पार्लर और विश्व प्रसिद्ध मधुबनी पेंटिंग के कोर्स शामिल हैं। इसके साथ ही खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में स्थानीय कृषि उत्पादों जैसे अचार, पापड़ और चिप्स बनाने का प्रशिक्षण दिया जाता है। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट पहल के तहत क्षेत्र के प्रमुख उत्पाद मखाना की खेती, प्रसंस्करण और उसे बाजार के लिए तैयार करने की विशेष तकनीक सिखाई जाती है। पुरुषों के लिए विशेष रूप से इलेक्ट्रिशियन और कंप्यूटर एप्लिकेशन से जुड़े व्यावसायिक कोर्स चलाए जा रहे हैं।
पात्रता नियम और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
इस मुफ्त प्रशिक्षण योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक की आयु 15 वर्ष से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। BPL कार्डधारक इस योजना में प्राथमिकता के साथ पंजीकरण करा सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया को बेहद सरल और सुलभ बनाया गया है। इच्छुक उम्मीदवार अपने आधार कार्ड और चालू मोबाइल नंबर के माध्यम से कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय के आधिकारिक SIDH पोर्टल पर खुद ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। जो लोग खुद ऑनलाइन फॉर्म भरने में असमर्थ हैं, वे अपने गांव के रिसोर्स पर्सन या स्थानीय शिक्षक की सहायता से भी आवेदन पूरा कर सकते हैं।
सर्टिफिकेट के फायदे और करियर के अवसर
प्रशिक्षण अवधि सफलतापूर्वक पूरी करने वाले अभ्यर्थियों को NCVT द्वारा मान्यता प्राप्त सरकारी प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है। संस्थान के निदेशक अनिल प्रसाद के अनुसार, यह सरकारी प्रमाण पत्र 3 महीने, 6 महीने और 1 साल के विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए जारी किया जाता है। इस प्रमाण पत्र का उपयोग पूरे भारत में कहीं भी नौकरी पाने के लिए किया जा सकता है। इसके अलावा जो लाभार्थी अपना खुद का स्वरोजगार या लघु उद्योग शुरू करना चाहते हैं, वे इस प्रमाण पत्र के आधार पर विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत बैंक से आसान शर्तों पर लोन प्राप्त कर सकते हैं। इसके माध्यम से युवा रिसोर्स पर्सन के रूप में दूसरों को सिखा सकते हैं या देश के अन्य राज्यों में जाकर बेहतर करियर विकल्प चुन सकते हैं।



















