ओडिशा तट के नज़दीक बंगाल की खाड़ी में डूबा कार्गो पोत, 24 नाविकों की तलाश में अभियान जारीहॉकी वर्ल्ड कप 2026: नीदरलैंड ने भारत को 3-1 से दी शिकस्त, सेमीफाइनल की रेस में फंसी भारतीय टीमजालोर के भवरानी गांव में 90 वर्षीय पुनीदेवी और 89 साल के दरगाराम प्रजापत का एक घंटे के भीतर निधन, एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कारडोनाल्ड ट्रंप के 50% टैरिफ के बाद कनाडा ने रोकी ट्रेड डील, मार्क कार्नी ने दी एनर्जी सप्लाई रोकने की खुली धमकीहाथी की त्वचा से प्रेरित कूलिंग सीमेंट, बिना बिजली और एसी के घर रहेगा ठंडासीतापुर में अनोखा ड्रामा, एक ही घर में दो पतियों के साथ रहने की जिद पर अड़ी महिलाबिना बारिश घर के भीतर मिट्टी की खुशबू आना आम बात नहीं, जानें इसके पीछे की बड़ी वजहेंएफआईएच हॉकी विश्व कप: नीदरलैंड्स के खिलाफ भारत को मिली शिकस्त, कप्तान हरमनप्रीत सिंह की कोशिश भी नहीं आई कामश्रावण पुत्रदा एकादशी 2026 की पूजा से पहले नोट कर लें सामग्री लिस्ट, जानिए सही तिथि और महत्वअंबाला में शूटिंग का क्रेज: सरबजोत सिंह की ओलंपिक सफलता के बाद कैसे बदल रही है हरियाणा के खेल प्रेमियों की पसंद
उत्तर प्रदेश की कन्या सुमंगला योजना से संवर रहा बेटियों का भविष्य, 6 किस्तों में मिलेंगे 25000 रुपयेबेनिफिट्स
21 अग॰ 2026, 6:52 pm (1 दिन पहले)· 0

उत्तर प्रदेश की कन्या सुमंगला योजना से संवर रहा बेटियों का भविष्य, 6 किस्तों में मिलेंगे 25000 रुपये

उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटियों को जन्म से लेकर डिप्लोमा तक 25,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। जानिए 3 लाख रुपये तक की आय वाले परिवार इसके लिए कैसे आवेदन कर सकते हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बेटियों की बेहतर परवरिश और उनकी शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए महिला कल्याण विभाग के माध्यम से मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का संचालन किया जा रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाना और जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक उनके वित्तीय बोझ को कम करना है। मुरादाबाद जिले में भी इस योजना के तहत पात्र परिवारों को लाभान्वित किया जा रहा है, जिससे बेटियों का शैक्षणिक और सामाजिक भविष्य उज्ज्वल बन सके।

पात्रता के नियम और परिवारों के लिए जरूरी शर्तें

योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ स्पष्ट मानक तय किए हैं। जिला परिवीक्षा अधिकारी मोनिका राणा के अनुसार, यह महिला कल्याण विभाग की एक अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है। योजना के अंतर्गत एक परिवार में अधिकतम दो बच्चों (बेटियों) को ही आर्थिक सहायता दी जा सकती है। हालांकि, यदि किसी परिवार में दूसरी डिलीवरी के दौरान जुड़वां बेटियां पैदा होती हैं, तो ऐसी स्थिति में उस परिवार की तीनों बेटियों को योजना का पूरा लाभ प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, लाभार्थी परिवार की कुल वार्षिक आय 3 लाख रुपये से कम होनी अनिवार्य है।

ये भी पढ़ें

6 चरणों में मिलने वाली 25,000 रुपये की वित्तीय सहायता

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत कुल 25,000 रुपये की धनराशि निर्धारित की गई है। यह राशि लाभार्थी बालिका को एकमुश्त देने के बजाय छह अलग-अलग चरणों में प्रदान की जाती है

  • प्रथम चरण: बालिका के जन्म के समय 5,000 रुपये दिए जाते हैं।
  • द्वितीय चरण: बालिका का संपूर्ण टीकाकरण पूरा होने पर 2,000 रुपये की राशि मिलती है।
  • तृतीय चरण: कक्षा 1 में प्रवेश लेने पर बालिका को 3,000 रुपये दिए जाते हैं।
  • चतुर्थ चरण: कक्षा 6 में दाखिला लेने पर 3,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है।
  • पंचम चरण: कक्षा 9 में प्रवेश पाने पर 5,000 रुपये की राशि प्रदान की जाती है।
  • षष्ठम चरण: कक्षा 10 पास करने के बाद इंटरमीडिएट या किसी मान्यता प्राप्त डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लेने पर 7,000 रुपये दिए जाते हैं।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज

यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन मोड पर आधारित है। योजना में आवेदन करने के लिए कुछ प्रमुख दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। यदि बालिका कक्षा 1, 6, 9 या डिप्लोमा पाठ्यक्रम में अध्ययनरत है, तो उसके स्कूल का अध्ययन प्रमाण पत्र, बालिका का आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण तथा माता-पिता का वैध आय प्रमाण पत्र संलग्न करना होता है।

सत्यापन और डीबीटी से बैंक खाते में भुगतान

आवेदन प्राप्त होने के बाद उसकी गहन जांच की जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले आवेदनों का सत्यापन ब्लॉक स्तर पर किया जाता है, जबकि शहरी क्षेत्रों से प्राप्त आवेदनों को एसडीएम पोर्टल के माध्यम से सत्यापित किया जाता है। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवेदन पत्र जिला परिवीक्षा अधिकारी के कार्यालय में आते हैं। वहां से अंतिम सत्यापन के बाद इन्हें मुख्य कार्यालय में अग्रसारित कर दिया जाता है। इसके बाद स्वीकृत धनराशि सीधे डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए लाभार्थी बालिका के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दी जाती है।

सवाल-जवाब

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत कुल कितनी धनराशि मिलती है?
इस योजना के तहत बालिका के जन्म से लेकर डिप्लोमा पाठ्यक्रम में दाखिले तक 6 अलग-अलग चरणों में कुल 25,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है।
योजना का लाभ पाने के लिए परिवार की आय और बच्चों की संख्या की क्या शर्तें हैं?
परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। एक परिवार में अधिकतम दो बेटियों को लाभ मिलता है, लेकिन यदि दूसरी बार में जुड़वां बेटियां होती हैं तो दोनों को योजना में शामिल किया जाता है।
25,000 रुपये की राशि किन-किन चरणों में ट्रांसफर की जाती है?
जन्म पर 5,000 रुपये, पूर्ण टीकाकरण पर 2,000 रुपये, पहली कक्षा में दाखिले पर 3,000 रुपये, छठी कक्षा में 3,000 रुपये, नौवीं कक्षा में 5,000 रुपये और 10वीं के बाद इंटरमीडिएट या डिप्लोमा में दाखिले पर 7,000 रुपये मिलते हैं।
कन्या सुमंगला योजना में आवेदन के लिए कौन से दस्तावेज आवश्यक हैं?
आवेदन के लिए बालिका का आधार कार्ड, स्कूल का दाखिला प्रमाण पत्र, बैंक खाता विवरण और माता-पिता का आय प्रमाण पत्र आवश्यक है।
आवेदन का सत्यापन कहां होता है और पैसा बैंक खाते में कैसे आता है?
ग्रामीण आवेदनों का सत्यापन ब्लॉक स्तर पर और शहरी आवेदनों का एसडीएम पोर्टल पर होता है। इसके बाद जिला परिवीक्षा अधिकारी के सत्यापन के उपरांत राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR