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बहराइच के किसानों के लिए आई बैटरी से चलने वाली पावर वीडर, निराई के साथ मिट्टी चढ़ाने का खर्च घटेगाबिहार
1 अक्तू॰ 2026, 1:18 pm (4 मिनट पहले)· 0

बहराइच के किसानों के लिए आई बैटरी से चलने वाली पावर वीडर, निराई के साथ मिट्टी चढ़ाने का खर्च घटेगा

सब्जी और कतारबद्ध फसलों में निराई-गुड़ाई और मिट्टी चढ़ाने को आसान बनाने के लिए बैटरी चालित पावर वीडर पेश किया गया है, जिस पर सब्सिडी के जरिए 10,000 रुपये की छूट मिल रही है।

खेती की बढ़ती लागत और मजदूरों की किल्लत के बीच उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के किसानों के लिए आधुनिक कृषि यंत्र मददगार साबित हो रहे हैं। बिहार के भागलपुर की एक कृषि तकनीक फर्म ने खासतौर पर छोटे और सीमांत जोत वाले किसानों को ध्यान में रखकर एक मैनुअल बैटरी ऑपरेटेड पावर वीडर पेश किया है। कतारबद्ध बुवाई और सब्जी की खेती करने वाले काश्तकारों के लिए यह यंत्र निराई, गुड़ाई और पौधों पर मिट्टी चढ़ाने जैसे थकाऊ कामों को बेहद सरल बना देता है।

पावर वीडर के तकनीकी फीचर्स और क्षमता

इस आधुनिक कृषि उपकरण को दो अलग-अलग पावर वेरिएंट 26 वोल्ट और 48 वोल्ट में तैयार किया गया है। 48 वोल्ट वाले मॉडल में 12 एम्पियर की बैटरी लगाई गई है, जो लगातार कार्य करने में सक्षम है। कृषि फर्म के प्रतिनिधि प्रज्ञांशु शुक्ला ने बताया कि इस मशीन की सिंगल बैटरी एक बार चार्ज होने पर डेढ़ से दो घंटे तक काम करती है। यदि किसान दो बैटरियों का सेट रखते हैं, तो एक को चार्ज पर लगाकर दूसरी से काम करते हुए पूरे दिन मशीन चलाई जा सकती है।

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रोटावेटर और रीजर से दोहरा काम

फसलों की दूरी के अनुसार मशीन में अटैचमेंट बदलने की सुविधा दी गई है। कम दूरी वाली कतारों की निराई और गुड़ाई के लिए इसमें 7 इंच का रोटावेटर फिट किया जाता है। वहीं 8 इंच से लेकर 20 इंच या 2 फीट के फासले पर लगी फसलों के लिए 18 इंच का रोटावेटर इस्तेमाल होता है। इस मशीन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके अगले हिस्से में रोटावेटर लगाकर खरपतवार की सफाई होती रहती है और पिछले हिस्से में रीजर अटैचमेंट जोड़कर पौधों की जड़ों पर मिट्टी चढ़ाने की प्रक्रिया भी एक साथ पूरी हो जाती है।

मजदूरी में बचत और प्रति एकड़ लाभ

पारंपरिक खेती में मक्का या मौसमी सब्जियों में मजदूरों की मदद से निराई, गुड़ाई और मिट्टी चढ़ाने पर प्रति एकड़ लगभग 4,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक खर्च हो जाते हैं। इस बैटरी चालित वीडर के इस्तेमाल से किसान प्रति एकड़ सीधे तौर पर 3,000 रुपये से 3,500 रुपये की शुद्ध बचत कर सकते हैं। यह मशीन महज एक से दो दिनों के भीतर पूरे एक एकड़ खेत की निराई और मिट्टी चढ़ाने का काम आसानी से पूरा कर देती है, जिससे समय की भी बचत होती है।

सब्सिडी और खरीदारी का तरीका

खुले बाजार में इस बैटरी पावर वीडर की सामान्य कीमत लगभग 55,000 रुपये तय की गई है। हालांकि, डीसीएल ट्रस्ट कम्युनिटी लाइवलीहुड और उद्यमी महिला एफपीओ के सहयोग से किसानों को इस पर विशेष छूट का लाभ मिल रहा है। इस व्यवस्था के तहत डबल बैटरी वाला पूरा सेट किसानों को 45,000 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है। खरीद और जानकारी के लिए टीसीएल संस्था से संपर्क किया जा सकता है या कंपनी प्रतिनिधि प्रज्ञांशु शुक्ला से मोबाइल नंबर 8052961935 पर सीधा संपर्क साधा जा सकता है।

सवाल-जवाब

यह बैटरी पावर वीडर किन फसलों के लिए सबसे ज्यादा मुफीद है?
यह उपकरण सब्जी की खेती, मक्के और कतारबद्ध बोई जाने वाली फसलों की निराई-गुड़ाई और मिट्टी चढ़ाने के लिए बेहद उपयोगी है।
इस मशीन के साथ कितने साइज के रोटावेटर उपलब्ध हैं?
इसमें कम दूरी वाली फसलों के लिए 7 इंच और 8 इंच से लेकर 20 इंच या 2 फीट तक की दूरी वाली फसलों के लिए 18 इंच का रोटावेटर उपलब्ध है।
मशीन की बैटरी एक बार चार्ज होने पर कितनी देर चलती है?
48 वोल्ट और 12 एम्पियर की सिंगल बैटरी से यह लगातार डेढ़ से दो घंटे चलती है, जबकि डबल बैटरी के उपयोग से दिनभर काम किया जा सकता है।
सब्सिडी के बाद किसानों को यह मशीन कितने रुपये में मिलेगी?
बाजार में इसकी कीमत लगभग 55,000 रुपये है, लेकिन सब्सिडी के जरिए किसान इसे डबल बैटरी के साथ 45,000 रुपये में ले सकते हैं।
मशीन की जानकारी या खरीद के लिए किससे संपर्क करना होगा?
किसान टीसीएल संस्था से या कंपनी प्रतिनिधि प्रज्ञांशु शुक्ला से मोबाइल नंबर 8052961935 पर संपर्क कर सकते हैं।
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