बिहार के भोजपुर जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए हथियारबंद अपराधियों ने एक सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। नवादा थाना क्षेत्र के अंतर्गत जैन कॉलेज के पूर्वी गेट के पास रहने वाले पूर्व कस्टम अधिकारी रामकुमार सिंह की उनके अपने घर के ठीक सामने अंधाधुंध गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई। हर दिन की तरह वे सुबह के वक्त अपने बेटे के साथ टहलने के लिए घर से बाहर कदम रख ही रहे थे कि घात लगाए बैठे हमलावरों ने उन पर अचानक हमला बोल दिया। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका दहल उठा और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
जैन कॉलेज पूर्वी गेट के पास सुबह की वारदात
रामकुमार सिंह अपने पूरे परिवार के साथ नवादा थाना क्षेत्र में जैन कॉलेज के पूर्वी गेट के समीप स्थित अपने निजी आवास में निवास करते थे। सेवा से निवृत्त होने के बाद वे प्रॉपर्टी डीलिंग के कारोबार से भी जुड़े हुए थे। सुबह जब वे अपने बेटे के साथ मॉर्निंग वॉक के लिए निकले, तभी पहले से ताक में बैठे हथियारबंद बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और बेहद करीब से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुए इस जानलेवा हमले में उन्हें संभलने तक का कोई मौका नहीं मिला।
जमीन से जुड़े विवाद की आशंका
घटना के पीछे प्राथमिक तौर पर प्रॉपर्टी और जमीन से जुड़ा कोई पुराना विवाद होने की आशंका जताई जा रही है। इलाके में चर्चा है कि प्रॉपर्टी के लेन-देन को लेकर उनका किसी से विवाद चल रहा था, हालांकि हत्यारों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। गोलीबारी की खबर फैलते ही आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया और स्थानीय नागरिकों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। इस वारदात के बाद मृतक के परिजनों में चीख-पुकार मच गई और पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी पुलिस टीम
वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ पदाधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे घटनास्थल को अपने घेरे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मृतक रामकुमार सिंह के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कानूनी प्रक्रिया के लिए आरा सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों ने तुरंत कोई भी आधिकारिक बयान देने से परहेज किया है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की गहन जांच की जा रही है ताकि हमलावरों के भागने के रूट और उनकी पहचान का सुराग मिल सके।
























