देशभर में इन दिनों मौसमी परिस्थितियों में तेजी से उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। एक तरफ जहां दिन के समय तेज धूप निकल रही है, वहीं दूसरी तरफ अचानक तेज हवाओं के साथ बादलों का डेरा और बारिश का सिलसिला शुरू हो जाता है, जिससे मौसम के रुख को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा चेतावनी के अनुसार, भारतीय उपमहाद्वीप में इस समय कुल 9 अलग-अलग मौसमी प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं। इस व्यापक प्रभाव के कारण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा तथा पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इसके साथ ही कई इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में स्थित महाराष्ट्र में पारा चढ़ने से गर्मी का अलग ही माहौल बना हुआ है।
पश्चिमी विक्षोभ और कई चक्रवाती परिसंचरण का संयुक्त असर
मौसम के इस व्यापक बदलाव के पीछे एक मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ और देश के अलग-अलग हिस्सों में बने चक्रवाती परिसंचरण हैं। इन मौसमी प्रणालियों के मिले-जुले असर से उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में आने वाले कुछ दिनों तक बादलों की गड़गड़ाहट, आकाशीय बिजली चमकने, आंधी चलने और तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के चुनिंदा इलाकों में बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं के थपेड़े और ओलावृष्टि की भी पूरी आशंका बनी हुई है। दूसरी तरफ, दक्षिण भारत के हिस्सों में 15 से 20 अक्टूबर के बीच व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान है, जिसमें केरल और तमिलनाडु के कुछ क्षेत्रों में भारी से अत्यंत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
देशभर में कहां-कहां बने हैं मौसमी तंत्र
मौसम विज्ञानियों के आकलन के अनुसार, उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू क्षेत्र के ऊपरी वायुमंडल में एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बना हुआ है, जिसके साथ एक ट्रफ रेखा भी गुजर रही है। इसके अलावा देश के विभिन्न भौगोलिक हिस्सों में कई चक्रवाती परिसंचरण मौजूद हैं, जिनमें उत्तरी हरियाणा, दक्षिणी राजस्थान, उत्तर-पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटा बिहार क्षेत्र शामिल हैं। वहीं दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश तथा असम के मध्यवर्ती हिस्सों में भी चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। दक्षिण भारत की बात करें तो कोमोरिन क्षेत्र और केरल के मध्य भागों के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। कोमोरिन क्षेत्र से शुरू होकर बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से तक फैली ट्रफ रेखा भी प्रायद्वीपीय और तटीय इलाकों में वर्षा की गतिविधियों को गति दे रही है।
दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में 15 अक्टूबर 2026 को मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल सकता है। इस दौरान बादलों की तेज गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तूफानी गति से हवाएं चलने की आशंका व्यक्त की गई है। दिल्ली-एनसीआर में 15 अक्टूबर को काफी व्यापक स्तर पर बारिश दर्ज की जा सकती है, जबकि इसके अगले दिन यानी 16 अक्टूबर को कुछ चुनिंदा स्थानों पर हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने के आसार हैं, जिससे वातावरण में ठंडक बढ़ सकती है।
हरियाणा और चंडीगढ़ में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंके
हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में भी 15 अक्टूबर को कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की निरंतर गति से हवाएं चल सकती हैं, जो तेज झोंकों के वक्त 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। इन क्षेत्रों में 15 अक्टूबर को काफी व्यापक से व्यापक वर्षा होने का अनुमान है। वहीं 16 अक्टूबर को भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है, तथा इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे रहने और 50 किलोमीटर प्रति घंटे के झोंके चलने की संभावना जताई गई है।
पंजाब में ओलावृष्टि और उत्तर प्रदेश में बिगड़ेगा मौसम
पंजाब में 15 अक्टूबर को गरज-चमक, आंधी और बारिश की पूरी चेतावनी दी गई है। इस मौसमी उथल-पुथल के बीच राज्य के कुछ हिस्सों में ओले गिरने की भी आशंका है, जबकि 16 अक्टूबर को छिटपुट इलाकों में हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते यह समूचा बदलाव देखा जा रहा है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश में भी मौसमी हालात बिगड़ने का अनुमान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 15 अक्टूबर को तेज हवाओं के साथ मौसम खराब रहने के आसार हैं, जबकि 15 और 16 अक्टूबर को कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के इलाकों में भी आने वाले दिनों में मौसमी परिस्थितियां खराब रहने की चेतावनी जारी की गई है।























