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बिहार के बांका में 75 हजार रिश्वत लेते बीडीओ अमित प्रताप सिंह गिरफ्तार, पूर्व मुखिया को जेल भिजवाने के 24 घंटे बाद हुई कार्रवाईबिहार
1 सित॰ 2026, 1:15 pm (1 घंटे पहले)· 1

बिहार के बांका में 75 हजार रिश्वत लेते बीडीओ अमित प्रताप सिंह गिरफ्तार, पूर्व मुखिया को जेल भिजवाने के 24 घंटे बाद हुई कार्रवाई

बिहार के बांका जिले के फुल्लीडूमर बीडीओ अमित प्रताप सिंह को 75 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए निगरानी विभाग ने गिरफ्तार किया है। आरोपी बीडीओ ने एक दिन पहले ही पूर्व मुखिया को विवाद के बाद जेल भिजवाया था।

बिहार के बांका जिले से प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाने वाला एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है। फुल्लीडूमर प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) अमित प्रताप सिंह को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने 75 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई इसलिए भी सुर्खियों में बनी हुई है क्योंकि घूसखोरी में पकड़े जाने से ठीक एक दिन पहले इसी बीडीओ ने एक पूर्व मुखिया के खिलाफ मामला दर्ज करवाकर उन्हें जेल भिजवाया था। महज 24 घंटे के भीतर घटनाक्रम में आए इस बड़े मोड़ से बांका जिले के प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया है।

बांका स्थित निजी आवास से बीडीओ और मामा गिरफ्तार

मंगलवार की सुबह पटना से आई निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने बांका शहर के नेहरू कॉलोनी स्थित बीडीओ अमित प्रताप सिंह के निजी मकान पर एक गुप्त कार्रवाई की। शिकायतकर्ता के माध्यम से 75 हजार रुपये की रिश्वत की रकम जैसे ही बीडीओ तक पहुंची, आसपास तैनात निगरानी विभाग की टीम ने तुरंत मकान के भीतर दबिश दे दी। इस दौरान बीडीओ अमित प्रताप सिंह को नकद रकम के साथ पकड़ लिया गया। छापेमारी के वक्त मौके पर मौजूद बीडीओ के मामा बच्चन प्रसाद सिंह को भी संदिग्ध भूमिका के आधार पर हिरासत में ले लिया गया। निगरानी टीम दोनों को तुरंत बांका स्थित सरकारी परिसदन ले आई, जहां अधिकारियों ने बंद कमरे में पूछताछ शुरू की।

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प्रखंड प्रमुख की शिकायत पर हुई निगरानी की कार्रवाई

निगरानी विभाग की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक यह पूरी ट्रैप कार्रवाई फुल्लीडूमर प्रखंड के प्रखंड प्रमुख गौतम प्रकाश द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर की गई। अपनी शिकायत में प्रखंड प्रमुख ने स्पष्ट आरोप लगाया था कि पंचायती राज विभाग के अंतर्गत आने वाली विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति देने और उनसे संबंधित विकास राशि की निकासी को हरी झंडी दिखाने के एवज में बीडीओ अमित प्रताप सिंह द्वारा 75 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायत प्राप्त होने के उपरांत निगरानी ब्यूरो ने अपने स्तर से मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। जब सत्यापन के दौरान घूस मांगने की पुष्टि हो गई, तब पुलिस उपाधीक्षक स्तर के पदाधिकारी के नेतृत्व में निगरानी की एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने मंगलवार सुबह बांका पहुंचकर इस पूरी कार्रवाई को सफलता से अंजाम दिया।

एक दिन पहले पूर्व मुखिया को भिजवाया था जेल

स्थानीय स्तर पर इस घटनाक्रम को लेकर काफी चर्चा है, क्योंकि बीडीओ की गिरफ्तारी से ठीक एक दिन पहले सोमवार को फुल्लीडूमर प्रखंड कार्यालय में एक बड़ा विवाद हुआ था। प्रखंड कार्यालय में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने को लेकर बीडीओ अमित प्रताप सिंह और पूर्व मुखिया संजीव कुमार मंडल के बीच कहासुनी हो गई थी। बीडीओ ने पूर्व मुखिया पर सरकारी काम में बाधा डालने, गाली-गलौज करने और धक्का-मुक्की तथा मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाते हुए स्थानीय थाने में मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने बीडीओ की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सोमवार को ही पूर्व मुखिया संजीव कुमार मंडल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पूर्व मुखिया के जेल जाने के ठीक अगले ही दिन बीडीओ का रिश्वत लेते पकड़ा जाना हर किसी को चौंका रहा है।

विशेष निगरानी अदालत में पेश करने की तैयारी

फिलहाल बांका परिसदन में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के पदाधिकारी बीडीओ अमित प्रताप सिंह और उनके मामा बच्चन प्रसाद सिंह से गहन पूछताछ कर रहे हैं। निगरानी विभाग की टीम भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कागजी प्रक्रिया पूरी करने में जुटी है। कागजी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद गिरफ्तार अधिकारी और उनके मामा को पटना स्थित निगरानी की विशेष अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इस पूरी घटना के सामने आने के बाद प्रखंड कार्यालय की कार्यशैली को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं।

सवाल-जवाब

किस अधिकारी को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है?
फुल्लीडूमर प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) अमित प्रताप सिंह को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है।
बीडीओ को कितनी रिश्वत की रकम के साथ पकड़ा गया?
बीडीओ को 75 हजार रुपये की नकद रिश्वत लेते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने रंगे हाथों पकड़ा।
यह कार्रवाई किसकी शिकायत पर की गई?
यह कार्रवाई फुल्लीडूमर प्रखंड के प्रखंड प्रमुख गौतम प्रकाश की लिखित शिकायत पर निगरानी विभाग द्वारा की गई।
पूर्व मुखिया से जुड़ा क्या मामला था?
गिरफ्तारी से एक दिन पहले बीडीओ ने पूर्व मुखिया संजीव कुमार मंडल पर मारपीट का आरोप लगाकर केस दर्ज कराया था, जिससे पूर्व मुखिया को जेल भेजा गया था।
बीडीओ के साथ किसे हिरासत में लिया गया है?
कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद बीडीओ के मामा बच्चन प्रसाद सिंह को भी कस्टडी में लिया गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·52 मिनट पहले

यह मामला भ्रष्टाचार के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसने का एक क्लासिक उदाहरण है, जहां निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने गोपनीय सत्यापन के बाद ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। प्रखंड प्रमुख की शिकायत और विकास योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति के एवज में रिश्वत की मांग यह दर्शाती है कि जमीनी स्तर पर पारदर्शिता कितनी कमजोर है। पूर्व मुखिया को महज 24 घंटे पहले जेल भिजवाने और फिर खुद भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार होने का यह घटनाक्रम प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब आगे यह देखना अहम होगा कि निगरानी ब्यूरो इस मामले में अन्य सहयोगियों की संलिप्तता की क्या गहराई से जांच करती है और अदालत इस पर क्या रुख अपनाती है।

Rohan Verma@rohan-verma·52 मिनट पहले

यह घटना दिखाती है कि प्रशासनिक पदों पर बैठे अधिकारी कैसे अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हैं। प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा विकास योजनाओं की फाइलों को रोकने और जन्म प्रमाण पत्र विवाद में पूर्व मुखिया को फौरन जेल भिजवाने का यह मामला सत्ता के दुरुपयोग की पराकाष्ठा है। निगरानी ब्यूरो की यह त्वरित कार्रवाई भले ही भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार है, लेकिन इससे ग्रामीण स्तर की त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था में प्रशासनिक और राजनीतिक खींचतान की जो परतें खुली हैं, वे स्थानीय शासन के लिए बेहद चिंताजनक हैं।

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