बिहार के खगड़िया जिले में पदस्थापित पुलिस अधीक्षक भानु प्रताप सिंह और उनकी पत्नी पूजा सिंह के बीच चल रहा वैवाहिक टकराव लगातार गहराता जा रहा है। पटना से लौटने के बाद पूजा सिंह खगड़िया स्थित एसपी के आधिकारिक आवास के मुख्य द्वार पर पहुंचीं और वहां घंटों तक विरोध दर्ज कराया। उन्होंने परिसर के अंदर प्रवेश करने की भरसक कोशिश की, लेकिन प्रवेश द्वार पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने गेट खोलने से साफ मना कर दिया। पूजा सिंह का कहना है कि पुलिस अधीक्षक के सीधे निर्देश पर उन्हें आवास के भीतर जाने से रोका जा रहा है, जिसकी वजह से वह अपनी मासूम संतान से नहीं मिल पा रही हैं।
महिला आयोग से लेकर मुख्यमंत्री आवास तक पहुंची फरियाद
यह पारिवारिक कलह अब प्रशासनिक और संवैधानिक संस्थाओं की चौखट तक पहुंच चुका है। मामला बिहार राज्य महिला आयोग के समक्ष पहले ही दर्ज कराया जा चुका है। इसके अलावा पूजा सिंह लगातार राजधानी पटना में पुलिस महकमे के वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाकर अपनी बात रख चुकी हैं। जब विभागीय स्तर पर कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो यह मामला मुख्यमंत्री आवास तक जा पहुंचा। अपनी मांगों पर ध्यान आकर्षित कराने के लिए पूजा सिंह रविवार को पटना में मुख्यमंत्री आवास के समीप धरने पर भी बैठ गई थीं।
विवाद खत्म कर घर बसाने की इच्छा
पूजा सिंह का स्पष्ट रुख है कि वह वैवाहिक रिश्ते को खत्म करने के पक्ष में बिल्कुल नहीं हैं। उन्होंने बताया कि उनका इरादा किसी भी प्रकार की अदालती मुकदमेबाजी या कानूनी उलझन पैदा करने का नहीं है। वह चाहती हैं कि उनके पारिवारिक मतभेद सुलझ जाएं और उनका दांपत्य जीवन फिर से सामान्य हो सके। उन्होंने बताया कि पिछले आठ से नौ महीनों से उन्हें अपनी छह साल की बच्ची से मिलने नहीं दिया जा रहा है। इसी मानसिक पीड़ा और लाचारी के कारण वह बार-बार उच्चाधिकारियों से हस्तक्षेप करने की गुहार लगा रही हैं।
विवाह और अन्य आरोपों पर दिया बयान
पूजा सिंह ने सार्वजनिक तौर पर यह बात रखी है कि भानु प्रताप सिंह ने आईपीएस अधिकारी बनने से पहले उनके साथ प्रेम संबंध बनाए थे और दोनों ने विवाह किया था। उनका गंभीर आरोप है कि अब अधिकारी और उनके परिजन इस पुराने रिश्ते को समाप्त कर उनकी दूसरी शादी कराने की योजना बना रहे हैं। इन्हीं परिस्थितियों के विरोध में और अपने अधिकार पाने के लिए वह अलग-अलग मंचों पर जाकर अपनी फरियाद सुना रही हैं, जिससे यह पूरा घटनाक्रम लगातार चर्चा का केंद्र बना हुआ है।



















