बिहार के मधुबनी जिले में कानून के रखवाले पर ही गंभीर वारदात को अंजाम देने का मामला सामने आया है। बाबूबरही थाना क्षेत्र के बलिराजगढ़ इलाके में तैनात एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) पर ग्रामीणों पर अंधाधुंध गोलियां चलाने का आरोप लगा है। इस हिंसक झड़प में गोली लगने से एक स्थानीय ग्रामीण की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए हैं। अचानक हुई इस गोलीबारी से पूरे गांव और आसपास के इलाके में भारी तनाव फैल गया है।
आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े जाने के बाद हुआ विवाद
बलिराजगढ़ क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के तहत बाबूबरही थाने के एक एएसआई की प्रतिनियुक्ति की गई थी। इसी दौरान उसका निकटवर्ती गांव की एक महिला के साथ कथित तौर पर अवैध संबंध विकसित हो गया था। बीती रात यह पुलिस अधिकारी महिला से मिलने उसके घर पहुंचा था। इसी बीच कुछ स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस अधिकारी और महिला को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों का जमावड़ा लग गया और उन्होंने पुलिसकर्मी को घेर लिया, जिसके बाद दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक और विवाद शुरू हो गया।
सर्विस पिस्टल से चलाईं लगातार चार गोलियां
गुस्साए ग्रामीणों से खुद को घिरा पाकर एएसआई ने अपनी सरकारी सर्विस पिस्टल निकाल ली। आरोप है कि उसने स्थिति को संभालने के बजाय भीड़ पर सीधे लगातार चार राउंड फायरिंग कर दी। अचानक हुए इस हमले में गोली लगने से अशोक यादव समेत कुल चार ग्रामीण गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। अचानक चली गोलियों की आवाज से गांव में अफरातफरी मच गई और आरोपी पुलिसकर्मी मौके से फरार होने में सफल रहा।
इलाज के दौरान एक ग्रामीण ने तोड़ा दम, तीन की हालत नाजुक
वारदात के फौरन बाद ग्रामीणों और परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए सभी चारों घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने अशोक यादव को बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन अत्यधिक खून बहने के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया। गोलीबारी में घायल हुए तीन अन्य ग्रामीणों का अस्पताल में गहन उपचार चल रहा है, जहां उनकी शारीरिक स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है।
एसएसपी ने लिया जायजा, हत्या का केस दर्ज
मामले की नजाकत और क्षेत्र में बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए मधुबनी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) योगेंद्र कुमार स्वयं भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। एसएसपी ने मौका-ए-वारदात का बारीकी से मुआयना किया और प्रत्यक्षदर्शियों से घटना की विस्तृत जानकारी ली। एसएसपी योगेंद्र कुमार ने स्पष्ट किया कि आरोपी एएसआई को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही आरोपी पुलिस पदाधिकारी के खिलाफ हत्या का मुकदमा भी दर्ज किया जा रहा है।
गिरफ्तारी के लिए दो विशेष पुलिस टीमों का गठन
फरार आरोपी एएसआई को कानून के शिकंजे में लाने के लिए पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। एसएसपी ने जानकारी दी कि आरोपी की धरपकड़ के लिए दो विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें आरोपी के संभावित ठिकानों पर लगातार सघन छापेमारी कर रही हैं। पुलिस विभाग का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। एक कर्तव्यस्थ पुलिस अधिकारी द्वारा सरकारी हथियार का दुरुपयोग कर हत्या जैसी वारदात को अंजाम देने से पुलिस महकमे में भी गहरा हड़कंप मचा हुआ है।



















