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पटना की सड़कों पर उबला छात्र आक्रोश, 70वीं BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर सीएम आवास घेरने का प्रयासबिहार
25 अग॰ 2026, 12:20 pm (2 घंटे पहले)· 3

पटना की सड़कों पर उबला छात्र आक्रोश, 70वीं BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर सीएम आवास घेरने का प्रयास

बिहार की राजधानी पटना में 70वीं BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर छात्रों ने जमकर हंगामा किया और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की कोशिश की।

बिहार की राजधानी पटना का माहौल उस समय गरमा गया जब बड़ी संख्या में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र सड़कों पर उतर आए। ये सभी प्रदर्शनकारी छात्र 70वीं BPSC परीक्षा को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि इस परीक्षा में पेपर लीक और भारी प्रशासनिक गड़बड़ियां हुई हैं, जिसके कारण उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया गया है। पिछले कई दिनों से गर्दनीबाग धरना स्थल पर अपनी 15 सूत्री मांगों को लेकर यह आंदोलन चल रहा था, जो अब राजधानी की मुख्य सड़कों तक पहुंच गया है।

मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च और बैरिकेडिंग तोड़फोड़

मंगलवार को गर्दनीबाग के धरने के समर्थन में छात्र-युवा संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर राज्यभर से आए अभ्यर्थी और युवा मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए आगे बढ़े। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जेपी गोलंबर पर लगाई गई पुलिस की मजबूत बैरिकेडिंग को बलपूर्वक तोड़ दिया। मोर्चा ने पहले ही बिहार के तमाम युवाओं और छात्रों से इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में जुटने की अपील की थी। बैरिकेडिंग टूटने के बाद पुलिस और छात्रों के बीच तीखी झड़प देखने को मिली, जिससे इलाके में भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

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छात्र नेताओं के तीखे तेवर और बातचीत का दौर

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने सरकार के रवैये पर सवाल खड़े किए। एक प्रमुख छात्र नेता ने कहा, 'हमने अधिकारियों के सामने अपनी मांगें रखीं हैं।' उन्होंने बताया कि प्रशासन की तरफ से मांगों को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन तो मिला है, लेकिन जब तक ठोस निर्णय नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। नेताओं के अनुसार शिक्षा विभाग से जुड़े मसलों पर सरकार की तरफ से कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं, मगर छात्रों का स्पष्ट कहना है कि जब तक मुख्यमंत्री खुद सीधी बातचीत करके मांगों को पूरी तरह स्वीकार नहीं करते, तब तक विरोध प्रदर्शन और रैलियां तय कार्यक्रम के मुताबिक चलती रहेंगी।

छात्रों की प्रमुख 15 सूत्री मांगें

विभिन्न परीक्षाओं की व्यवस्था और प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए छात्र कई मोर्चों पर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांगों में निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं

  • BPSC TRE-4 परीक्षा का आयोजन पहले की तरह केवल एक चरण में किया जाए।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं से नेगेटिव मार्किंग के प्रावधान को पूरी तरह हटाया जाए।
  • विवादों में घिरी 70वीं BPSC परीक्षा को तुरंत रद्द किया जाए।
  • चयन प्रक्रिया में 'एक उम्मीदवार, एक रिजल्ट' की नीति सख्ती से लागू हो।
  • BSSC के माध्यम से संविदा कर्मियों को मिलने वाले वेटेज को समाप्त किया जाए।
  • CGL-4, BSO और AEDO परीक्षाओं की नई और स्पष्ट तारीखें घोषित हों।
  • बिहार में डोमिसाइल नीति लागू की जाए और कांट्रैक्ट की बजाय स्थायी नौकरियां दी जाएं।

सरकार का एक्शन और पांच सदस्यीय कमेटी का गठन

छात्रों के इस उग्र प्रदर्शन और बढ़ते दबाव को देखते हुए प्रशासन हरकत में आ गया है। सरकार ने परीक्षाओं की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित करने का ऐलान किया है। यह समिति कुल 5 सदस्यों की होगी और इसकी अध्यक्षता एक रिटायर्ड जज करेंगे। यह कमेटी परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए पुख्ता उपायों की समीक्षा करेगी। इसके साथ ही, BPSC TRE-4 के अंतर्गत नई भर्तियों के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है।

अधिकारियों के विवादित बयानों पर कार्रवाई

इस पूरे घटनाक्रम के बीच छात्रों के प्रदर्शन से जुड़ा एक BPSC अधिकारी का विवादित बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तुरंत संज्ञान लिया और उस अधिकारी को निलंबित कर दिया। सरकार की ओर से यह कदम छात्रों के गुस्से को शांत करने और व्यवस्था में सुधार का भरोसा दिलाने के लिए उठाया गया है, हालांकि छात्र अपनी मांगों पर अब भी पूरी तरह अड़े हुए हैं।

सवाल-जवाब

छात्र पटना में क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं?
छात्र 70वीं BPSC परीक्षा रद्द करने और पेपर लीक के विरोध में 15 सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
छात्रों का आंदोलन कहां चल रहा था?
यह आंदोलन पिछले कुछ दिनों से पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर चल रहा था।
सरकार ने परीक्षाओं की पारदर्शिता के लिए क्या कदम उठाया है?
सरकार ने एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय कमेटी बनाने का ऐलान किया है जो गड़बड़ियों को रोकने के उपायों की समीक्षा करेगी।
छात्रों की मुख्य मांगें क्या हैं?
छात्रों की मांगों में 70वीं BPSC परीक्षा रद्द करना, नेगेटिव मार्किंग हटाना और 'एक उम्मीदवार, एक रिजल्ट' नीति लागू करना शामिल है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·26 मिनट पहले

गर्दनीबाग के धरने से लेकर मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च और बैरिकेडिंग टूटने जैसी घटनाएं यह दर्शाती हैं कि राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था और छात्रों के बीच का अविश्वास गहराता जा रहा है। 70वीं BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग और 15 सूत्रीय एजेंडे पर जिस तरह से छात्र-युवा संघर्ष मोर्चा ने लामबंदी की है, उससे स्पष्ट है कि केवल पांच सदस्यीय कमेटी के गठन के आश्वासन भर से यह आक्रोश थमने वाला नहीं है। जब तक 'एक उम्मीदवार, एक रिजल्ट' और डोमिसाइल नीति जैसी बुनियादी मांगों पर कोई ठोस नीतिगत फैसला नहीं होता, तब तक प्रशासनिक मशीनरी और आंदोलनरत युवाओं के बीच यह टकराव आने वाले दिनों में और अधिक राजनीतिक और सामाजिक हलचल पैदा कर सकता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·26 मिनट पहले

अपराध और कानून-व्यवस्था की दृष्टि से देखें तो जेपी गोलंबर पर पुलिस बैरिकेडिंग का टूटना और हिंसक झड़पें इस बात का गंभीर संकेत हैं कि प्रशासनिक नियंत्रण कमजोर पड़ रहा है। जब तक सरकार 70वीं BPSC परीक्षा में कथित पेपर लीक और गड़बड़ियों पर एसआईटी या न्यायिक जांच के स्पष्ट परिणाम सार्वजनिक नहीं करती, तब तक छात्रों का यह असंतोष और अधिक उग्र रूप ले सकता है, जिससे सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन जाएगा।

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