बिहार में कमजोर पड़ा मानसून, फिर शुरू हुआ भीषण गर्मी का दौर
बिहार में इस साल मानसून की समय से पहले एंट्री ने लोगों को बड़ी राहत दी थी, लेकिन अब इसकी रफ्तार पर अचानक ब्रेक लग गया है। मानसून के सुस्त होते ही राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में एक बार फिर तेज धूप और असहनीय गर्मी का प्रकोप लौट आया है। केवल उत्तर और पूर्वी बिहार के कुछ चुनिंदा जिलों को छोड़ दिया जाए, तो शेष पूरा राज्य भीषण उमस और चिलचिलाती धूप की चपेट में है। हालात इतने प्रतिकूल हो गए हैं कि जून के महीने में जब बारिश होनी चाहिए थी, तब कई क्षेत्रों में लू जैसे हालात बन गए हैं।
19 जिलों में हीटवेव को लेकर अलर्ट जारी
मौसम विज्ञान केंद्र पटना के पूर्वानुमान के अनुसार, शनिवार को राजधानी पटना सहित सूबे के 19 जिलों के लिए लू को लेकर येलो अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 48 घंटों यानी 22 जून तक राज्य के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में असहनीय तपन के साथ-साथ रातें भी गर्म रहने की संभावना है। इस अवधि के दौरान राज्य के अधिकतम तापमान में सामान्य से लगभग 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
मौसम विभाग द्वारा जिन क्षेत्रों के लिए अत्यधिक गर्मी और लू की चेतावनी जारी की गई है, उनमें प्रमुख रूप से पटना, गया, नालंदा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल, नवादा, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सारण, सीवान, गोपालगंज, बेगूसराय, लखीसराय और शेखपुरा शामिल हैं। इन सभी जिलों में सुबह से ही तीखी धूप निकल रही है और दोपहर होते-होते पछुआ हवाओं के चलते गर्म हवा के थपेड़े लोगों को बेहाल कर रहे हैं।
इस भीषण गर्मी के पीछे क्या है असली वजह?
आमतौर पर मानसून के दस्तक देने के बाद आसमान में बादल छाए रहते हैं और लगातार होने वाली बारिश से तापमान नियंत्रित रहता है। हालांकि, TrendKia की रिपोर्ट के अनुसार, इस बार 11 जून को समय से पहले प्रवेश करने के बाद मानसून की ट्रफ लाइन काफी कमजोर पड़ गई है। बारिश की गतिविधियां पूरी तरह से थम जाने के कारण आसमान साफ हो गया है, जिससे सूरज की सीधी किरणें धरती पर पड़ रही हैं। इसके साथ ही पछुआ हवाओं के सक्रिय होने से वातावरण की नमी कम हो गई है और शुष्क गर्मी बढ़ गई है। यही वजह है कि मानसून सीजन के बीच भी लोगों को लू का सामना करना पड़ रहा है।
पूर्वी और उत्तर-पूर्वी बिहार के 11 जिलों को मिलेगी बड़ी राहत
जहां एक ओर आधा बिहार तीखी धूप और लू से तप रहा है, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग ने राज्य के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों के 11 जिलों के लिए राहत भरा पूर्वानुमान जारी किया है। इन जिलों में सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, मुंगेर, भागलपुर, बांका और जमुई शामिल हैं।
इन क्षेत्रों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली चमकने और करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। इन जिलों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश होने की भी प्रबल संभावना है, जिससे वहां के तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी।
राजधानी पटना में फिलहाल राहत के आसार नहीं
यदि राजधानी पटना की बात करें तो अगले तीन दिनों तक यहां के मौसम में कोई विशेष सुधार होने की उम्मीद नहीं है। पटना के निवासियों को तीखी धूप और भारी उमस का सामना करना पड़ेगा। इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस से लेकर 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। हालांकि, स्थानीय मौसमी बदलावों के कारण आसमान में आंशिक रूप से बादल दिखाई दे सकते हैं, लेकिन गर्मी से राहत दिलाने वाली भारी बारिश की उम्मीद फिलहाल नहीं है। रात का तापमान अधिक रहने के कारण लोगों को रात के समय भी उमस सताती रहेगी।













