बिहार में पटना स्नातक सीट के लिए जारी चुनावी घमासान के बीच जनता दल यूनाइटेड में आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई है। जेडीयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने पार्टी के आधिकारिक रुख को दरकिनार करते हुए जनसुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह के पक्ष में खुलकर ताल ठोक दी है। अनुज सिंह के नामांकन कार्यक्रम में अनंत सिंह खुली जीप पर सवार होकर अपने भारी दलबल और समर्थकों के काफिले के साथ पहुंचे। चुनावी हलकों में इस कदम को पार्टी नेतृत्व के खिलाफ सीधी बगावत के तौर पर देखा जा रहा है।
खुली जीप में शक्ति प्रदर्शन और नामांकन का अंदाज
नामांकन दाखिल करने पहुंचे काफिले में अनंत सिंह अपने जाने-पहचाने तेवरों में नजर आए। जब जनसुराज प्रत्याशी अनुज सिंह निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष पर्चा दाखिल करने के लिए प्रशासनिक कार्यालय के भीतर गए, तब अनंत सिंह परिसर के बाहर अपनी खुली जीप पर ही सवार रहे। इस दौरान वह कभी अपनी मूंछों पर ताव देते तो कभी पीला गमछा लहराकर अपने समर्थकों का उत्साह बढ़ाते दिखे। उनके इस बेबाक अंदाज और खुलकर सामने आई नाराजगी ने पटना की सियासी सरगर्मी को अचानक बढ़ा दिया है।
नीरज कुमार से पुरानी अदावत और खुली चेतावनी
जेडीयू की इस अंदरूनी दरार की मुख्य वजह पटना स्नातक सीट से पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार हैं। अनंत सिंह पिछले कई दिनों से नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोले हुए हैं। अपने रुख पर सफाई देते हुए अनंत सिंह का कहना है कि उनकी नाराजगी पार्टी या संगठन से नहीं है, बल्कि सीधे तौर पर नीरज कुमार से है। उन्होंने साफ कहा कि चूंकि नीरज कुमार ने अतीत में चार बार उनका विरोध किया है, इसलिए वह किसी भी कीमत पर इस चुनाव में नीरज कुमार की हार सुनिश्चित करना चाहते हैं।
समर्थकों के लिए विशेष तैयारी और बंपर दावत
इस नामांकन और शक्ति प्रदर्शन के लिए कई अलग-अलग जिलों से अनंत सिंह के समर्थक राजधानी पटना पहुंचे थे। समर्थकों की भारी भीड़ के स्वागत और खान-पान के लिए एक रात पहले ही व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिसमें विशेष तौर पर 30000 रसगुल्ले तैयार करवाए गए थे। नामांकन स्थल पर भी जनसुराज कार्यकर्ताओं की तुलना में अनंत सिंह के समर्थकों की तादाद कहीं अधिक दिखाई दी। जनसुराज के कार्यकर्ता झंडे और बैनर के साथ मौजूद थे, हालांकि जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर खुद इस मौके पर नामांकन कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।
पार्टी कार्रवाई की आशंका और समर्थकों का दावा
अपनी ही पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार को छोड़कर विरोधी दल जनसुराज के प्रत्याशी के नामांकन में खुलेआम भाग लेने के बाद नीतीश कुमार की पार्टी अनंत सिंह पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का चाबुक चला सकती है। जब पत्रकारों ने संभावित कार्रवाई को लेकर अनंत सिंह से सवाल किया, तो उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। दूसरी तरफ उनके समर्थकों का जोश चरम पर था। समर्थकों ने नारे लगाकर और गीत गाकर इस बगावत को जायज ठहराया। एक समर्थक का कहना था कि दादा खुद में एक पूरी पार्टी हैं और पार्टी उन्हीं से चलती है, इसलिए उन पर किसी कार्रवाई का कोई सवाल ही नहीं उठता।



















