जेल की चार दीवारों से बाहर आते ही कॉकरोच जनता पार्टी के मुखिया अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर अपने एक हल्के-फुल्के अंदाज वाले बयान से सबका ध्यान खींच लिया। नई दिल्ली के कनॉट प्लेस इलाके से एक दिन पहले पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद उन्हें सब-डिविजनल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट अदालत ने जमानत दे दी थी। जेल से रिहा होने के तुरंत बाद उन्होंने इंटरनेट पर अपनी स्थिति को बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता शाहरुख खान की एक खास तस्वीर के साथ जोड़ते हुए साझा किया।
अदालत से मिली जमानत और कड़े निर्देश
अदालत ने अभिजीत दिपके को पचास हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया। हालांकि इस जमानत के साथ एक बड़ी कानूनी शर्त भी जोड़ी गई है जिसके तहत उन्हें पूरे एक साल तक ऐसी किसी भी गतिविधि से पूरी तरह दूर रहना होगा जिससे इलाके में शांति व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा हो। पुलिस ने उन्हें एक दिन पहले ही हिरासत में लिया था जब वे राष्ट्रीय राजधानी के व्यस्त हिस्से में विरोध दर्ज कराने पहुंचे थे।
कनॉट प्लेस में विरोध प्रदर्शन की थी योजना
यह पूरा घटनाक्रम कॉकरोच जनता पार्टी के उस प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है जो चुनाव सुधारों की मांग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए तय किया गया था। इस आंदोलन के तहत ‘लहरा दो तिरंगा’ नाम से एक अभियान चलाया जाना था। पुलिस ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए इस कार्यक्रम पर रोक लगा दी थी क्योंकि इसके लिए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद से पूर्व अनुमति प्राप्त नहीं की गई थी और इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू थी।
हिरासत में लिए जाने से पहले खड़े किए थे सवाल
पुलिस की ओर से रोके जाने के समय अभिजीत दिपके अकेले ही चल रहे थे और उनके हाथों में तिरंगा झंडा मौजूद था। उन्होंने पुलिस की इस कार्रवाई पर कड़ा ऐश्वर्य जताते हुए सवाल किया था कि क्या इस देश में राष्ट्रीय ध्वज लेकर चलना कोई जुर्म है। संगठन की योजना थी कि प्रदर्शन को बेहद शांतिपूर्ण रखा जाए और किसी भी प्रकार की भारी भीड़ इकट्ठा करने से बचा जाए ताकि व्यवस्था बाधित न हो।
पुलिस की कार्रवाई और मार्च की अनुमति
अभिजीत दिपके की यह रिहाई ऐसे समय में सामने आई है जब कनॉट प्लेस और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और कई अन्य प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिया गया था। हालांकि बाद में पुलिस ने अधिकारियों की अनुमति के बाद कुछ लोगों को कनॉट प्लेस के इनर सर्कल में तिरंगे के साथ एक छोटा मार्च निकालने की छूट दे दी थी।
























