पटना के दो चर्चित कोचिंग संस्थानों के बीच टकराव से शुरू हुआ विवाद अब एक नए पड़ाव पर पहुंच गया है। फायरिंग के आरोप में पटना की बेउर जेल में बंद ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद को आखिरकार अदालत से जमानत मिल गई है। उन्हें कदमकुआं पुलिस ने 3 जून को खान ग्लोबल स्टडीज एकेडमी पर हुई फायरिंग के मामले में हिरासत में लिया था और पूरे 12 दिन बीतने के बाद अब वह जेल से बाहर कदम रखेंगे।
रिहाई की राहत के बीच परिवार पर गहरा दुख भी छाया है। रौशन आनंद के भाई प्रिंस की रविवार को नेपाल में संदिग्ध हालात में जान चली गई, और उनका अंतिम संस्कार आज किया जाना है। गौरतलब है कि इसी फायरिंग प्रकरण में खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक खान सर को पहले ही अग्रिम जमानत मिल चुकी है।
कहां से शुरू हुआ पूरा विवाद
इस पूरे घटनाक्रम की जड़ 2 जून की रात में है, जब पटना के कदमकुआं इलाके में खान ग्लोबल स्टडीज और ज्ञान बिंदु कोचिंग से जुड़े लोग आमने-सामने आ गए। आरोप है कि उसी रात खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर तोड़फोड़ और मारपीट हुई, और संस्थान के पोस्टर तथा बैनर तक फाड़ डाले गए। खान ग्लोबल स्टडीज की ओर से कहा गया कि हमला ज्ञान बिंदु से जुड़े लोगों ने किया, और इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। इस प्राथमिकी में ज्ञान बिंदु के निदेशक रौशन आनंद, उनके भाई प्रिंस यादव समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया।
जमानत के लिए लंबा इंतजार
पुलिस जांच के बाद 3 जून को रौशन आनंद को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया और तभी से वह बेउर जेल में बंद थे। उनकी जमानत याचिका बार-बार आगे टलती रही — इससे पहले भी दो मौकों पर अदालत में सुनवाई नहीं हो पाई थी। इस दौरान कोर्ट ने केस डायरी मंगवाई और पुलिस से रिपोर्ट तलब की। आखिरकार अब अदालत ने उन्हें जमानत दे दी।
खान सर पर भी दर्ज हुआ था मुकदमा
विवाद की चर्चा में खान ग्लोबल स्टडीज के निदेशक फैजल खान उर्फ खान सर का नाम भी उभरकर सामने आया। घटना के दौरान फायरिंग का वीडियो सार्वजनिक होने के बाद पुलिस ने खान सर और उनके सुरक्षा गार्डों पर भी मामला दर्ज किया, जिसमें हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं। हालांकि खान सर ने समय रहते अदालत का रुख किया और उन्हें अग्रिम जमानत याचिका पर राहत मिल गई।
भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध मौत
मामले ने तब और गंभीर मोड़ ले लिया, जब फायरिंग से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिनमें गोली चलने की आवाजें सुनाई देने का दावा किया गया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तीखे हो गए। इसी बीच एक चौंका देने वाली खबर आई — रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि प्रिंस यादव भी इस केस में नामजद आरोपी थे और एफआईआर दर्ज होने के बाद से फरार चल रहे थे। नेपाल पुलिस ने अब इस मामले की जांच शुरू कर दी है।













