बिहार के नवादा जिले के नारदीगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध हथियारों के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इलाके के बनगंगा गांव में जिला पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने मिलकर एक गुप्त ठिकाने पर छापा मारा, जहां अवैध रूप से हथियार बनाए जा रहे थे। इस ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में अर्धनिर्मित असलाह, हथियार ढालने की मशीनें, कई तरह के औजार और जिंदा कारतूस अपने कब्जे में लिए। इस मामले में पुलिस ने एक शख्स को दबोच लिया है, जिससे पूछताछ के आधार पर अवैध हथियारों के इस पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।
गुप्त सूचना के बाद संयुक्त टीम की बड़ी कार्रवाई
कार्रवाई के पीछे की जानकारी साझा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि पुलिस को गुरुवार सुबह करीब आठ बजे पुख्ता खबर मिली थी। सूचना मिली थी कि नारदीगंज थाना क्षेत्र के बनगंगा गांव स्थित एक मकान में अवैध हथियारों की मैन्युफैक्चरिंग का अवैध कारोबार चल रहा है। यह घर दिलीप विश्वकर्मा और उनके पिता विनेश विश्वकर्मा उर्फ बिंदी मिस्त्री का बताया गया है। इस इनपुट की सत्यता जांचने के बाद उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष रूप से सशस्त्र बल और एसटीएफ के जवानों की एक संयुक्त टीम तैयार की गई, जिसने तुरंत बताए गए ठिकाने पर दबिश दी।
तलाशी के दौरान भारी मात्रा में मिले औजार और असलाह
घर की तलाशी ली गई तो विभिन्न कमरों में छिपाकर रखी गई हथियार निर्माण की सामग्रियां हाथ लगीं। पुलिस ने मौके से तीस लोहे की रेती, छह हथौड़े, दो ग्राइंडर मशीनें, ड्रिल मशीनें, चार बेंच वाइस मशीन, एक इलेक्ट्रिक वेल्डिंग मशीन, सात लोहे की सरसी, पंद्रह सांचे और अन्य तकनीकी उपकरण बरामद किए। इसके अलावा देशी बंदूक के छोटे-बड़े नौ नाल, चार अलग-अलग देशी बंदूकों के नाल, देशी कट्टे की दो अर्धनिर्मित बॉडी और बट, एक तैयार देशी कट्टा तथा नाल बनाने में काम आने वाले बीस लोहे के पाइप भी जब्त किए गए। इसके साथ ही चार जिंदा कारतूस भी पुलिस के हाथ लगे हैं।
पुलिस की आगे की जांच और कानूनी कदम
इस पूरी कार्रवाई को लेकर सदर डीएसपी टू राहुल कुमार ने बताया कि खुफिया तंत्र से मिली जानकारी के आधार पर एक सुनियोजित योजना बनाकर यह छापेमारी की गई थी। मौके से पकड़े गए विनेश विश्वकर्मा उर्फ बिंदी मिस्त्री के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसते हुए आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अब इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि इन हथियारों को कहां सप्लाई किया जाना था और इस अवैध कारखाने के पीछे कौन-कौन से अन्य लोग शामिल हैं। इस नेटवर्क से जुड़े हर एक पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि गिरोह के बाकी गुर्गों तक भी पहुंचा जा सके।



















