प्रतापगढ़ में अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना पुलिस और जिला विशेष टीम यानी डीएसटी ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अखेपुर गांव में स्थित एक फार्म हाउस पर छापा मारा, जहां से भारी मात्रा में अवैध कारतूस बरामद किए गए। पुलिस की इस सफल रेड में 12 बोर बंदूक के कुल 90 कारतूस हाथ लगे हैं। मामले में पुलिस ने अखेपुर के रहने वाले शोयल खान को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अब हिरासत में लिए गए आरोपी से यह पता लगाने के लिए पूछताछ कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में कारतूस कहां से लाए गए थे और इन्हें फार्म हाउस पर छिपाकर रखने का असली मकसद क्या था।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई घेराबंदी
इस पूरी कार्रवाई की शुरुआत एक पुख्ता खुफिया जानकारी से हुई थी। पुलिस महकमे को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि अखेपुर निवासी इंतखाब उर्फ मौलाना के कब्रिस्तान के पास बने फार्म हाउस पर अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है। सूचना में यह भी बताया गया था कि इंतखाब के बेटे शोयल खान ने इसी फार्म हाउस परिसर में अवैध रूप से 12 बोर बंदूक के कारतूस छिपाकर रखे हैं। इस बेहद संवेदनशील इनपुट को गंभीरता से लेते हुए प्रतापगढ़ थाना पुलिस और डीएसटी की टीम ने तुरंत एक संयुक्त दल का गठन किया और निर्धारित स्थान पर दबिश दी। जैसे ही पुलिस बल फार्म हाउस के नजदीक पहुंचा, वहां मौजूद एक संदिग्ध व्यक्ति हड़बड़ाकर भागने की कोशिश करने लगा। सतर्क पुलिसकर्मियों ने तुरंत हरकत में आते हुए इलाके की घेराबंदी की और उस व्यक्ति को दबोच लिया। पकड़े जाने के बाद जब उसने अपनी पहचान बताई, तो उसने अपना नाम शोयल खान पुत्र अखेपुर निवासी उजागर किया। पूछताछ के दौरान पुलिस ने उससे भागने का कारण जानना चाहा, लेकिन वह कोई भी संतोषजनक या स्पष्ट जवाब नहीं दे सका, जिससे पुलिस का शक और अधिक गहरा गया।
तिरपाल के नीचे छिपे थे कारतूस के चार डिब्बे
संदिग्ध की गतिविधियों और पुलिस को देखकर भागने की प्रवृत्ति के बाद अधिकारियों ने पूरे फार्म हाउस की बारीकी से तलाशी लेने का निर्णय लिया। तलाशी अभियान के दौरान पुलिस टीम जब परिसर के एक हिस्से में पहुंची, तो उनकी नजर एक पेड़ के नीचे रखे हुए तिरपाल पर पड़ी। जब पुलिसकर्मियों ने उस तिरपाल को हटाकर उसके नीचे का जायजा लिया, तो वहां कागज के चार डिब्बे रखे हुए मिले। इन डिब्बों की जब मौके पर ही जांच की गई, तो उनके अंदर से 12 बोर बंदूक के कारतूस बरामद हुए। पुलिस की गिनती के अनुसार, उन चारों बक्सों में से दो डिब्बों में प्रत्येक में 25-25 कारतूस रखे हुए थे, जबकि बाकी के दो डिब्बों में प्रत्येक में 20-20 कारतूस मिले। इस तरह सभी चार बॉक्स से कुल मिलाकर 90 कारतूस पुलिस के हाथ लगे। पुलिस ने बिना किसी देरी के इन सभी अवैध कारतूसों को अपने कब्जे में लेकर जब्त कर लिया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
आपराधिक पृष्ठभूमि और आगे की जांच
पुलिस की शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए शोयल खान का परिवार पहले से ही आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहा है। आरोपी शोयल खान का पिता इंतखाब उर्फ मौलाना प्रतापगढ़ थाने का एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर है। उसके नाम पर हत्या, लूट, आर्म्स एक्ट और अवैध मादक पदार्थों की तस्करी जैसे कई गंभीर आपराधिक मामले पहले से ही दर्ज हैं। पुलिस इस बात को खंगालने में जुटी है कि क्या इस आपराधिक नेटवर्क में परिवार के अन्य सदस्य या बाहरी लोग भी जुड़े हुए हैं। फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि कारतूसों के मुख्य सप्लायर का चेहरा बेनकाब किया जा सके। इस बात की भी गहराई से जांच की जा रही है कि क्या इन कारतूसों का इस्तेमाल किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने के लिए किया जाना था। पुलिस इस मामले के हर एक पहलू की वैज्ञानिक और तकनीकी तरीकों से जांच कर रही है ताकि इस अवैध हथियार नेटवर्क की पूरी तह तक पहुंचा जा सके।



















