न्यू अलीपुरद्वार से सियालदह के बीच चलने वाली 12378 डाउन पदातिक एक्सप्रेस के आरक्षित डिब्बे में सफर कर रहे एक यात्री का कीमती सामान चोरी होने के मामले को सुरक्षा एजेंसियों ने पूरी तरह सुलझा लिया है। पूर्वी रेलवे के रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में वारदात को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी के साथ ही चोरी का माल खरीदने वाले जौहरी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। इस पूरे ऑपरेशन के दौरान लूटे और चुराए गए कीमती सामान का एक बड़ा हिस्सा सुरक्षित बरामद किया गया है, जिसकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 16.41 लाख रुपये आंकी गई थी।
रेल मदद पोर्टल पर दर्ज कराई गई थी शिकायत
यह घटना 15 सितंबर 2026 की है, जब उक्त ट्रेन कोटलपुकुर स्टेशन पर रुकी हुई थी। उसी दौरान एस-1 कोच में मौजूद एक यात्री के पास से आभूषण, चांदी, नकद रकम और मोबाइल फोन झपट लिए गए थे। पीड़ित मुसाफिर ने बिना देर किए आधिकारिक रेल मदद पोर्टल के जरिए इस अपराध की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में साफ तौर पर बताया गया कि बैग में सोने के विभिन्न जेवरात, कच्चा सोना, चांदी के सिक्के और नकदी रखी हुई थी, जिसे असामाजिक तत्वों ने निशाना बनाया। घटना की गंभीरता को देखते हुए रेल सुरक्षा तंत्र तुरंत हरकत में आ गया।
सीसीटीवी फुटेज से मिली संदिग्ध की सटीक पहचान
मामले की गहराई से छानबीन करने के लिए पाकुड़ आरपीएफ पोस्ट, बरहड़वा आरपीएफ पोस्ट तथा सीआईबी बर्दवान के जवानों को मिलाकर एक विशेष संयुक्त जांच दल गठित किया गया। इस दल ने स्थानीय थाना पुलिस के साथ मिलकर तालमेल बिठाया और कोटलपुकुर रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों के डिजिटल रिकॉर्ड को खंगालना शुरू किया। वीडियो फुटेज की बारीक जांच में एक संदिग्ध व्यक्ति ट्रेन के एस-1 डिब्बे में प्लेटफॉर्म के दूसरी तरफ से चढ़ता हुआ साफ दिखाई दिया। तकनीकी साक्ष्यों और धरातलीय स्तर पर जुटाए गए गुप्त सूत्रों के आधार पर टीम ने कुछ ही समय में उस व्यक्ति की पहचान पक्की कर ली।
ससुराल में छापेमारी कर दबोचा गया मुख्य आरोपी
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, पुख्ता सुराग हाथ लगते ही राजमहल पुलिस थाने के सहयोग से संयुक्त दल ने राजमहल स्थित नागेश्वर बाग गांव में दबिश दी। संदिग्ध व्यक्ति वहां अपने ससुर के घर में छुपा हुआ था, जहां से उसे हिरासत में ले लिया गया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक गुलाबी रंग का ज्वेलरी बैग बरामद हुआ। इस बैग के भीतर से बड़ी मात्रा में चुराया गया सामान मिला, जिसमें सोने के टूटे कंगन, सोने की चूड़ियां, गले का हार, अंगूठियां, लॉकेट लगी चेन, बच्चे का बाजूबंद, पूजा में इस्तेमाल होने वाला देवी-देवता का मुकुट, कच्चा सोना, चांदी के सिक्के और 1.41 लाख रुपये नकद बरामद किए गए।
लालू मार्केट के ज्वेलर के पास से बाकी जेवरात बरामद
हिरासत में लेकर की गई कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने चोरी की दो सोने की चेन और दो जोड़ी सोने की बालियां एक स्थानीय सुनार को 1,41,500 रुपये में बेच दी थीं। आरोपी के इस बयान के आधार पर संयुक्त टीम ने राजमहल के प्रसिद्ध लालू मार्केट स्थित एक आभूषण दुकान पर तत्काल छापा मारा। पुलिस ने चोरी का माल खरीदने वाले दुकानदार को रंगे हाथ धर दबोचा और उसके कब्जे से बेचे गए बाकी सोने के जेवर भी अपने अधिकार में ले लिए। इस तरह चोरी की गई लगभग पूरी संपत्ति बरामद कर दोनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया।























