पटना: बिहार की राजधानी पटना में एक बड़ा विमान हादसा होते-होते टल गया है। यहां दिल्ली से आ रही एक कमर्शियल फ्लाइट रनवे पर उतरने से ठीक पहले एक पक्षी की चपेट में आ गई। इस घटना के बाद विमान के भीतर हड़कंप मच गया और यात्री काफी चिंतित हो गए। हालांकि, पायलट की मुस्तैदी और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के सहयोग से विमान को पटना एयरपोर्ट पर पूरी तरह सुरक्षित लैंड करा लिया गया। गनीमत यह रही कि इस अप्रत्याशित घटना में किसी भी यात्री को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। इसके बावजूद सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए अधिकारियों ने तुरंत रनवे की गहन जांच-पड़ताल की।
एक जिम्मेदार अधिकारी ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार की सुबह एयर इंडिया का यह विमान जब पटना एयरपोर्ट पर उतर रहा था, तभी यह पक्षी के टकराने का मामला सामने आया। यह फ्लाइट राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से उड़ान भरकर पटना पहुंची थी। जिस वक्त यह घटना हुई, विमान में कुल 164 यात्री सवार थे जो अपनी यात्रा पूरी होने का इंतजार कर रहे थे। तय शेड्यूल के मुताबिक, इस विमान को पटना एयरपोर्ट पर सुबह 7:44 बजे जमीन पर उतरना था, और ठीक इसी लैंडिंग के नाजुक क्षणों में यह पक्षी विमान से टकरा गया।
सभी 164 यात्री सुरक्षित, रनवे की हुई जांच
घटना के तुरंत बाद एयरपोर्ट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एयर इंडिया की फ्लाइट AI 1741 के पायलट ने विमान के उतरने के दौरान पक्षी के टकराने की आशंका जताई थी। विमान के सुरक्षित नीचे उतरने के बाद तकनीकी और सुरक्षा अधिकारियों ने बिना कोई समय गंवाए रनवे का मुआयना किया और उसकी पूरी जांच की। अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस अप्रत्याशित घटना की वजह से पटना एयरपोर्ट पर अन्य विमानों के संचालन या उड़ानों की आवाजाही में किसी भी प्रकार की कोई बाधा या रुकावट नहीं आई। सभी यात्री सुरक्षित अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए।
अधिकारी ने आगे समझाया कि विमानों से पक्षियों का टकराना कोई अकेली या पूरी तरह असामान्य घटना नहीं है, खासकर बारिश के इस मौसम में जब हवा में पक्षियों की गतिविधियां और आवाजाही काफी बढ़ जाती है। इसी खतरे को भांपते हुए एयरपोर्ट के आसपास के इलाके में पक्षियों और आवारा जानवरों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी हर महीने नियमित रूप से निरीक्षण और जांच करती है। अधिकारी ने बताया कि इस मासिक जांच के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाती है, जिसमें उन तमाम जगहों को चिह्नित किया जाता है जहां साफ-सफाई रखने या कचरा हटाने की विशेष जरूरत होती है ताकि पक्षियों का झुंड वहां आकर्षित न हो।
रांची एयरपोर्ट पर ऑक्सीजन की कमी से पांच घंटे लेट हुई दूसरी फ्लाइट
इसी से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में, रविवार को झारखंड के रांची एयरपोर्ट पर एक और विमान को तकनीकी और चिकित्सीय कारणों से पांच घंटे की भारी देरी का सामना करना पड़ा। रांची से बेंगलुरु जाने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक उड़ान को उड़ान भरने से पहले पांच लंबे घंटों तक इंतजार करना पड़ा क्योंकि एयरलाइन को आपात स्थिति के तहत दिल्ली से विशेष रूप से ऑक्सीजन सिलेंडर मंगवाने पड़े थे। संबंधित अधिकारी ने जानकारी दी कि एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान संख्या 1239 बेंगलुरु से चलकर रांची पहुंची थी।
उसी उड़ान के सफर के दौरान, विमान में बैठे एक यात्री अचानक सांस लेने में गंभीर तकलीफ से जूझने लगे, जिसके बाद क्रू मेंबर ने विमान के अंदर ही उन्हें तुरंत ऑक्सीजन मुहैया कराई। राहत की बात यह रही कि उस यात्री की तबीयत स्थिर हो गई और रांची एयरपोर्ट पर विमान के उतरने के बाद वह सुरक्षित अपने घर चले गए। लेकिन इसके बाद बेंगलुरु जाने वाली वापसी की उड़ान में पांच घंटे की लंबी देरी हो गई, क्योंकि नियमों के मुताबिक विमान में मेडिकल इमरजेंसी किट के तहत ऑक्सीजन सिलेंडर की पूर्ति करनी जरूरी थी और एयरलाइन को इसके लिए नई दिल्ली से सिलेंडर मंगाने का इंतजाम करना पड़ा।
रांची एयरपोर्ट के एयरपोर्ट डायरेक्टर विनोद कुमार सिंह ने इस मामले पर बात करते हुए बताया कि एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान संख्या IX 1239 सुबह लगभग 8:55 बजे रांची एयरपोर्ट पर उतरी थी। इसके बाद नई दिल्ली से ऑक्सीजन सिलेंडर मंगाए गए और उन्हें विमान तक पहुंचाया गया। इन तमाम प्रक्रियाओं और सुरक्षा जांच के बाद, रांची से यात्रियों को लेकर बेंगलुरु के लिए रवाना होने वाली वापसी की उड़ान संख्या IX 1244 अपने निर्धारित समय से करीब पांच घंटे की देरी के बाद दोपहर 1:51 बजे आकाश में रवाना हो सकी।



















