देशभर में आगामी 30 अगस्त को आयोजित होने वाली मेडिकल प्रवेश परीक्षा से ठीक पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सनसनीखेज दावे सामने आने लगे हैं। इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और WhatsApp जैसे माध्यमों पर इन दिनों ऐसे कई फर्जी अकाउंट्स और ग्रुप सक्रिय हो चुके हैं जो परीक्षा का असली प्रश्नपत्र पहले ही उपलब्ध कराने का दावा कर रहे हैं। इन समूहों द्वारा एडवांस बुकिंग के नाम पर पैसे वसूले जा रहे हैं, जिसके चलते छात्र-छात्राओं में भारी भ्रम और तनाव की स्थिति बनी हुई है।
यदि आप भी सोशल मीडिया पर चल रही इन भ्रामक खबरों की वजह से चिंतित हैं तो आपको तुरंत सतर्क हो जाने की जरूरत है। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज ने इस पूरे मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए आधिकारिक एडवाइजरी जारी की है। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि इंटरनेट पर घूम रहे ये सारे दावे पूरी तरह मनगढ़ंत और धोखाधड़ी के इरादे से फैलाए जा रहे हैं। आइए जानते हैं कि इस संबंध में बोर्ड की ओर से क्या दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
सोशल मीडिया के जरिए चल रहा ठगी का कारोबार
आज के दौर में साइबर अपराधी बड़ी परीक्षाओं के नजदीक आते ही मासूम और चिंतित उम्मीदवारों को अपना आसान शिकार बनाते हैं। नीट पीजी के इस मामले में भी जालसाजों ने तमाम टेलीग्राम चैनल और वॉट्सऐप ग्रुप तैयार कर रखे हैं। इन मंचों पर बनावटी स्क्रीनशॉट और नकली पर्चे दिखाकर यह यकीन दिलाने की कोशिश की जाती है कि थोड़ी सी रकम देकर मूल पेपर हासिल किया जा सकता है। परीक्षा संचालक संस्था ने स्पष्ट किया है कि यह केवल अभ्यर्थियों की मेहनत से कमाए गए पैसे ठगने और उन्हें मानसिक रूप से परेशान करने का एक गंदा षड्यंत्र है।
नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज की सख्त चेतावनी
परीक्षा आयोजित करने वाली शीर्ष संस्था ने देश के सभी भावी डॉक्टरों और परीक्षधार्थियों को कड़े शब्दों में आगाह किया है कि वे ऐसे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, चैनल या समूह के संपर्क में आने से बचें।
- पूरी तरह सुरक्षित व्यवस्था: बोर्ड ने भरोसा दिलाया है कि इस परीक्षा का प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर उसे परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित पहुँचाने की प्रक्रिया अत्यंत गोपनीय और मजबूत है, जिसे भेदना असंभव है।
- साइबर सेल में दर्ज शिकायत: इस तरह के फर्जी वादे करने वाले समूहों और भ्रामक पोस्ट्स के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है तथा मामले की सूचना साइबर क्राइम सेल को दे दी गई है।
- छात्रों पर भी शिकंजा: यदि कोई परीक्षार्थी इन अवैध गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है या पर्चा खरीदने की कोशिश करता है, तो उसके विरुद्ध भी अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
केवल आधिकारिक पोर्टल पर ही करें भरोसा
बोर्ड ने सभी उम्मीदवारों से पुरजोर अपील की है कि वे इंटरनेट पर तैर रही किसी भी असत्यापित सूचना पर विश्वास न करें। किसी भी प्रकार की आधिकारिक जानकारी या नोटिस प्राप्त करने के लिए केवल natboard.edu.in पोर्टल का ही इस्तेमाल करें। परीक्षा की इस घड़ी में ऐसी अफवाहें केवल मानसिक भटकाव पैदा करती हैं। इन असामाजिक तत्वों से पूरी तरह दूरी बनाए रखें और अपनी तैयारी पर पूरा ध्यान केंद्रित रखें। तय शेड्यूल के मुताबिक परीक्षा 30 अगस्त को ही संपन्न होगी।





















