बिहार में मॉनसूनी बारिश और उत्तर भारत के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हुई मूसलाधार मानसूनी वर्षा के बाद गंगा नदी अपने उफान पर है। राज्य की राजधानी पटना समेत कई प्रमुख जिलों में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होने लगा है। इस बीच बेगूसराय और भागलपुर जिलों से प्रशासनिक चिंता बढ़ाने वाली बड़ी खबरें सामने आई हैं जहां सुरक्षात्मक बांध और तटबंध पानी के भारी दबाव को झेल नहीं सके और टूट गए। इन दोनों ही इलाकों में जलसंसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी युद्धस्तर पर बचाव और मरम्मत कार्यों में जुट गए हैं ताकि स्थिति को नियंत्रण में लाया जा सके और बड़े पैमाने पर होने वाले नुकसान को टाला जा सके।
बेगूसराय में रिंग बांध टूटा और फसलें डूबीं
बेगूसराय जिले के बछवारा प्रखंड क्षेत्र में गंगा के बढ़ते जलस्तर ने तबाही मचा रखी है। यहां बेगमसराय और झमतिया गांव के बीच बना जमींदारी रिंग बांध अचानक करीब 30 मीटर की लंबाई में तेज बहाव के कारण बह गया। घटना अहले सुबह तीन से चार बजे के आसपास की है। जब ग्रामीणों को बांध टूटने की इस घटना का पता चला, तो उन्होंने अपनी तरफ से तुरंत पानी के वेग को रोकने का प्रयास शुरू किया। स्थानीय लोगों ने पेड़ों की शाखाओं को काटकर और उन्हें पानी में डालकर बहाव को कम करने की कोशिश की। इसके बाद तुरंत प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई जिसके बाद बाढ़ नियंत्रण विभाग ने मौके पर मोर्चा संभाला।
जल संसाधन विभाग की एक तकनीकी टीम ने घटना से ठीक पहले यानी रात के 12 बजे तक बांध का निरीक्षण किया था। अधिकारियों के अनुसार रात में बांध के किनारे पानी के तेज दबाव और कटाव की वजह से एक बड़ा ताड़ का पेड़ गिर गया। उस पेड़ की जड़ें काफी गहरी थीं और वे सीधे जमींदारी बांध के भीतर तक फैली हुई थीं, जिसके उखड़ने से बांध कमजोर हो गया और लगभग 30 मीटर का हिस्सा ढह गया। इस घटना की वजह से सैकड़ों एकड़ उपजाऊ जमीन में खड़ी फसलें पूरी तरह पानी में डूब गई हैं। रानी गांव की तरफ भी बाढ़ का खतरा तेजी से बढ़ रहा है और निचले इलाकों के रिहायशी घरों में पानी प्रवेश करना शुरू हो गया है। इसके अलावा गुप्ता लख्मीनिया बांध पर भी दबाव काफी बढ़ गया है, जिसे लेकर स्थानीय ग्रामीण लगातार चिंता जता रहे हैं और इस जमींदारी बांध की मरम्मत प्राथमिकता से करने की मांग कर रहे हैं ताकि मुख्य बांध पर दबाव कम हो सके।
भागलपुर के राघोपुर में तटबंध में बड़ा कटाव
भागलपुर जिले के राघोपुर क्षेत्र में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। यहां गंगा नदी के किनारे स्थित खरीक अंचल के काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल तटबंध का एक हिस्सा तेज जलदाब के कारण क्षतिग्रस्त हो गया। यह घटना रविवार की देर रात करीब ढाई बजे हुई जब पानी का दबाव अचानक बढ़ गया और तटबंध के एक हिस्से में कटाव शुरू हो गया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। जिला प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है और आला अधिकारी खुद मौके पर कैंप कर रहे हैं। जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय व्यक्तिगत रूप से इस पूरी स्थिति की लगातार निगरानी कर रही हैं।
कटाव की सूचना मिलने के बाद नवगछिया के अनुमंडल पदाधिकारी, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन, बाढ़ नियंत्रण विभाग के वरिष्ठ अभियंता और तमाम तकनीकी विशेषज्ञ वार्ड संख्या 12 स्थित शंकरपुर टोला के पास घटनास्थल पर पहुंचे। जिला प्रशासन की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि कटाव के कारण पानी तेजी से नवगछिया की दिशा में बह रहा है। इसे रोकने के लिए बाढ़ नियंत्रण विभाग की टीम पूरी ताकत से सुरक्षात्मक कार्यों में जुटी है और जल प्रवाह को नियंत्रित करने के वास्ते सभी आवश्यक सामग्री और मशीनरी मौके पर तैनात कर दी गई है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह कटाव स्थल राज्य के एक प्रमुख नेता के पैतृक गांव से लगभग 500 मीटर की दूरी पर स्थित है। प्रशासनिक अमले ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और शांत रहें क्योंकि जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं।
फरक्का बैराज के गेट खोलने की अपील
बिहार के कई जिलों में उत्पन्न हुई इस बाढ़ जैसी स्थिति के पीछे उत्तर भारत में हो रही भारी बारिश और नदियों में आ रहा अतिरिक्त पानी मुख्य वजह है। गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर से निचले इलाकों में लगातार खतरा बना हुआ है। इस बीच जलस्तर को नियंत्रित करने और दबाव कम करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर भी कड़े प्रयास किए जा रहे हैं।



















