पंजाब में सीमा पार खुफिया सूचनाएं पहुंचाने वाले एक संदिग्ध गिरोह के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी), फाजिल्का ने भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और पाकिस्तानी सेना के साथ साझा करने के आरोप में फरीदकोट की रहने वाली एक महिला को हिरासत में लिया है. इसके साथ ही इस पूरे मामले में संलिप्तता पाए जाने पर सेना के दो जवानों के खिलाफ भी आपराधिक मामला दर्ज किया गया है. तीनों आरोपियों पर आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 की धारा 3 और 4 के अंतर्गत कार्रवाई शुरू की गई है. एफआईआर में फरीदकोट के हरिंद्रा नगर की निवासी गुरनूर सिद्धू के अलावा सेना के दो कर्मियों के नाम स्पष्ट रूप से शामिल किए गए हैं.
छावनियों से दस्तावेज जुटाने और इंटरनेट के जरिए भेजने की साजिश
पुलिस जांच में सामने आए विवरण के अनुसार, इन तीनों व्यक्तियों ने मिलकर एक संगठित समूह बनाया हुआ था, जिसके सीधे तार पाकिस्तानी सेना और उसकी खुफिया शाखा आईएसआई से जुड़े थे. दर्ज मामले के मुताबिक, भारतीय सेना के दोनों जवान विभिन्न सैन्य छावनियों से अत्यंत संवेदनशील और गोपनीय सामरिक सूचनाएं जुटाने का काम करते थे. इन जानकारियों को बाद में उनकी सहयोगी गुरनूर सिद्धू को सौंपा जाता था. इसके बाद गुरनूर इन जानकारियों को मोबाइल फोन तथा टैबलेट की मदद से इंटरनेट का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों तक पहुंचाती थी.
सुरक्षा एजेंसियों का स्पष्ट मानना है कि इस प्रकार की गतिविधियों से भारत की संप्रभुता, सुरक्षा, अखंडता और एकता पर गहरा खतरा मंडरा रहा था. इस मामले में जांच दल अब इस पहलू की गहन पड़ताल में जुट गए हैं कि वास्तव में किस स्तर की सामरिक और तकनीकी सूचनाएं सीमा पार भेजी गई हैं. इसके अलावा, किन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स या संचार माध्यमों से यह डेटा ट्रांसफर हुआ और क्या इस जासूसी सिंडिकेट में कुछ अन्य लोग भी परोक्ष या अपरोक्ष रूप से शामिल थे, इसकी भी तफ्तीश की जा रही है.
फिरोजपुर में गुप्त सूचना के बाद हुई गिरफ्तारी
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 8 अक्टूबर को हुई, जब एसएसओसी फाजिल्का के थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सतीश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस दल संदिग्ध तत्वों की टोह लेने और खुफिया अभियान के सिलसिले में इलाके में निकला था. इस टीम में सब-इंस्पेक्टर प्रशांत कंबोज के साथ कई अन्य पुलिसकर्मी मौजूद थे. जब यह पुलिस दल फिरोजपुर जिले में गांव रुकना बेगू के पास स्थित सेम नाले के पुल के समीप गश्त कर रहा था, उसी दौरान शाम करीब 3:50 बजे एक मुखबिर ने गुप्त जानकारी साझा की.
मुखबिर ने अधिकारियों को सचेत किया कि आरोपी गुरनूर सिद्धू फिरोजपुर के किला चौक से हुसैनीवाला बॉर्डर रोड की तरफ रेलवे फाटक के पास निर्माणाधीन पुल के इर्द-गिर्द घूम रही है. सूचना में यह अंदेशा भी जताया गया कि उसके पास संवेदनशील डेटा संचारित करने के लिए उपयोग किया जाने वाला टैबलेट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री मौजूद हो सकती है. इस पक्की सूचना के आधार पर पुलिस दल ने त्वरित रणनीतिक घेराबंदी की और मौके से महिला को गिरफ्तार कर लिया.





















