बिहार के कई इलाके इन दिनों विनाशकारी बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहे हैं, जहां जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। संकट की इस घड़ी में सारण जिले से प्रशासन की संवेदनहीनता का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सारण के मकेर थाना क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री बांटी जा रही थी, तभी थाना प्रभारी ने भीड़ की तरफ कथित रूप से पिस्तौल लहरा दी। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आरोपी अधिकारी के खिलाफ सख्त कदम उठाया गया।
ड्यूटी में अनुशासनहीनता और मनमानी के आरोप में निलंबन
सारण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से मामले की गंभीरता को देखते हुए आधिकारिक बयान जारी किया गया। एसएसपी कार्यालय के अनुसार, मकेर के थाना प्रभारी संग्राम कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से पद से निलंबित कर दिया गया है। इंटरनेट पर सामने आए वीडियो में थाना प्रभारी राहत सामग्री वितरण के समय आम लोगों की तरफ कथित तौर पर हथियार तानते हुए दिखाई दे रहे थे। विभाग ने स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया यह बर्ताव ड्यूटी में घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता और मनमानी को दर्शाता है, जिसे पुलिस सेवा में किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। पुलिस विभाग ने इस संदर्भ में सोशल मीडिया पर बयान साझा करते हुए कार्रवाई की जानकारी दी है।
नेपाल में भारी बारिश के बाद 6 जिलों में जलप्रलय
बिहार में मौजूदा बाढ़ की स्थिति सितंबर के अंतिम सप्ताह में नेपाल और उसके आसपास के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भीषण मानसूनी वर्षा के कारण उत्पन्न हुई है। नदियों के उफान पर आने से राज्य के 6 जिलों के 30 प्रखंडों में पानी भर गया है। इस आपदा से 169 ग्राम पंचायतों के लगभग 9.87 लाख लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। जलप्रलय की इस मार को झेलने वाले प्रमुख जिलों में सारण, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, दरभंगा और मुजफ्फरपुर शामिल हैं, जहां बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान चलाए जा रहे हैं।
हेलीकॉप्टर से गिरे राहत पैकेट की चपेट में आने से व्यक्ति की मौत
सारण जिले से एक और अत्यंत दुखद दुर्घटना की खबर भी आई है, जहां आसमान से गिराई गई राहत सामग्री एक ग्रामीण के लिए जानलेवा साबित हो गई। अमनौर थाना क्षेत्र के परशुरामपुर गांव में एक राहत शिविर के पास हेलीकॉप्टर से बाढ़ पीड़ितों के लिए खाद्य सामग्री के पैकेट गिराए जा रहे थे। इसी दौरान शुक्रवार दोपहर लगभग साढ़े तीन बजे गिराया गया एक भारी पैकेट कथित तौर पर 58 वर्षीय ग्रामीण के सिर पर आ गिरा। इस हादसे में गंभीर रूप से चोटिल होने के कारण परशुरामपुर निवासी अनिल कुमार सिंह की मौत हो गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी मौत की सही वजह
मढ़ौरा के अनुमंडल पुलिस अधिकारी सबिंद्र कुमार दास ने घटना का ब्योरा देते हुए बताया कि प्रारंभिक सूचना के अनुसार शुक्रवार अपराह्न हेलीकॉप्टर से नीचे गिराए गए राहत पैकेट के सीधे सिर पर लगने से अनिल कुमार सिंह की जान गई है। घटना के तुरंत बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया और पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। एसडीपीओ सबिंद्र कुमार दास के मुताबिक, मौत के वास्तविक और सटीक मेडिकल कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत ही हो सकेगी।




















