बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए मोटरसाइकिल पर आए दो अज्ञात हमलावरों ने आधी रात के सन्नाटे में एक जनप्रतिनिधि के आवास को गोलियों से छलनी कर दिया। नगर निगम क्षेत्र के सिकंदरपुर थाना सीमा में पड़ने वाले वार्ड नंबर 17 की पूर्व वार्ड पार्षद राखी देवी के घर पर यह हमला रात करीब एक बजे अंजाम दिया गया। अचानक हुई ताबड़तोड़ गोलीबारी की आवाज से न केवल पूरा परिवार सहम गया, बल्कि आसपास के मोहल्ले में भी भारी सनसनी और खौफ फैल गया। वारदात को पूरा करते ही दोनों बंदूकधारी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब रहे।
गोलियों से चकनाचूर हुआ कार का शीशा, मकान के शटर पर भी मिले निशान
प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित परिवार के सदस्यों के अनुसार, दोनों हमलावर दोपहिया वाहन पर सवार होकर सीधे घर के सामने पहुंचे और बिना किसी चेतावनी के लगातार गोलियां दागने लगे। हमलावरों का मुख्य निशाना घर के बाहर पार्क की गई गाड़ी और मकान का मुख्य द्वार था। इस घातक हमले में दरवाजे पर खड़ी चौपहिया गाड़ी के शीशे बुरी तरह टूट गए। इसके अलावा मकान के बाहरी लोहे के शटर पर भी गोलियों के गहरे और स्पष्ट निशान उभरे हुए मिले हैं। गोलियों की तड़तड़ाहट सुनकर जब तक लोग कुछ समझ पाते या बाहर निकलते, तब तक हमलावर हवा में हथियार लहराते हुए भाग निकले।
घटनास्थल से कारतूस और खोखे बरामद, डीएसपी ने संभाली जांच की कमान
हमले की जानकारी मिलते ही सिकंदरपुर थाने की पुलिस टीम फौरन घटनास्थल पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने की कवायद शुरू की। तलाशी के दौरान पुलिस को मौके से दो खाली खोखे और एक जिंदा कारतूस मिला, जिसे फॉरेंसिक परीक्षण और जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर डीएसपी-1 सुरेश कुमार ने खुद वारदात वाली जगह का मुआयना किया। पुलिस अधिकारियों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर आसपास के रास्तों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने का निर्देश दिया है, ताकि बाइक सवार बदमाशों के चेहरे और उनके भागने की दिशा का सटीक पता लगाया जा सके।
बालूघाट के युवक से पुरानी रंजिश का शक, पुलिस की सुस्ती पर उठे सवाल
पूर्व वार्ड पार्षद राखी कुमारी के मुताबिक, बालूघाट इलाके के रहने वाले एक युवक के साथ उनका काफी समय से पुराना विवाद चला आ रहा है। पीड़ित परिवार का स्पष्ट आरोप है कि जब उन्होंने बाहर निकलकर देखा तो हमलावर सीधे गाड़ी पर निशाना साधते हुए गोलियां बरसा रहे थे। परिजनों ने स्थानीय थाने की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि इस पुराने विवाद को लेकर सिकंदरपुर थानाध्यक्ष को पहले भी कई दफा लिखित और मौखिक शिकायतें दी गई थीं, लेकिन पुलिस प्रशासन ने समय रहते कोई ठोस सुरक्षात्मक कदम नहीं उठाया, जिसके चलते बदमाशों के हौसले इतने बढ़ गए।
दहशत के माहौल में सुरक्षा की मांग, पुलिस का गिरफ्तारी का दावा
आधी रात को हुई इस हिंसक वारदात के बाद से पूर्व पार्षद का पूरा परिवार गहरे सदमे और भय के साए में जीने को मजबूर है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि परिजनों की शिकायत, दर्ज बयानों और घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्यों के आधार पर तफ्तीश को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी के जरिए हमलावरों की शिनाख्त कर उन्हें जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।



















