नेपाल में भारी बारिश और आपदा की स्थिति के बाद गंडक नदी का जलस्तर अचानक बढ़ जाने से पश्चिम चंपारण के रिहायशी इलाकों में जलीय जीव पहुंच रहे हैं। उफनती नदी और उससे जुड़ी नहरों के बहाव के साथ ऐसे कई वन्यजीव तटीय ग्रामीण इलाकों में दस्तक दे रहे हैं, जो सामान्य तौर पर गहरे जंगलों या जलस्रोतों तक ही सीमित रहते थे। हाल के दिनों में स्थानीय लोग इंडियन रॉक पायथन, मीठे पानी के मगरमच्छ, विभिन्न प्रकार के पानी वाले सांप और कछुओं को बस्तियों के आसपास देख रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को एक विशालकाय अजगर आबादी के बीच दाखिल हो गया, जिससे ग्रामीणों में अफरा तफरी मच गई।
गुफरान अंसारी के घर के सामने दिखा 10 से 12 फीट लंबा अजगर
यह ताजा घटना जिले के अंतर्गत आने वाले योगपट्टी प्रखंड की बहुअरवा पंचायत स्थित वार्ड नंबर 13 में सामने आई। शुक्रवार के दिन यहां के निवासी गुफरान अंसारी के घर के ठीक सामने लोगों ने करीब 10 से 12 फीट लंबा भारी-भरकम अजगर रेंगते हुए देखा। अचानक इतने बड़े जीव को बस्ती के बीच देखकर वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए और चारों तरफ चीख पुकार मच गई। कई लोग डर के मारे तुरंत पीछे हट गए, जबकि कुछ जागरूक ग्रामीणों ने धैर्य का परिचय दिया और मामले की तत्परता से वन विभाग को जानकारी दी।
वन विभाग की देरी पर ग्रामीणों ने खुद किया रेस्क्यू
सूचना दिए जाने के काफी देर बाद तक जब वन कर्मियों का दल मौके पर नहीं पहुंचा, तो ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। बस्ती में छोटे बच्चों और पालतू जानवरों की मौजूदगी को देखते हुए लोगों ने हाथ पर हाथ धरे बैठे रहना ठीक नहीं समझा। स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों ने खुद ही हिम्मत जुटाई और अजगर को बिना नुकसान पहुंचाए सावधानीपूर्वक आबादी वाले इलाके से दूर एक सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया। ग्रामीणों का कहना था कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाया जाता, तो किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी रह सकती थी।
विशेषज्ञों की राय और अजगर के शिकार का तरीका
वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक इंडियन रॉक पायथन एक विषहीन सांप होता है, इसलिए इसके जहर से इंसानों को जान का सीधा खतरा नहीं रहता। इसके बावजूद इसकी शारीरिक बनावट काफी खतरनाक होती है। अजगर के मुंह में दर्जनों नुकीले दांत मौजूद होते हैं, जो आरे के समान पीछे की तरफ मुड़े रहते हैं। यह अपने शिकार को अपने भारी शरीर की कुंडली में जकड़ लेता है और उसका दम घोंटकर मार डालता है। इसके बाद वह उल्टे मुड़े दांतों की मदद से शिकार को धीरे-धीरे पूरा निगल जाता है। इंसान इसके सामान्य आहार का हिस्सा नहीं होते, फिर भी इसके नुकीले दांत किसी को भी लहूलुहान कर गंभीर रूप से घायल कर सकते हैं। यही वजह है कि छोटे बच्चों और मवेशियों को इनसे पूरी तरह दूर रखने की सलाह दी जाती है।



















