तेहरान की सड़कों पर हथियारों के साथ उतरी ईरानी जनता, छह महीने बाद भी अधूरा रहा अमेरिकी सत्ता परिवर्तन का मंसूबाप्रशांत द्वीपीय राष्ट्र फिजी ने एचआईवी संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के बीच राष्ट्रीय आपातकाल लगायाप्रशांत में पनपते अल नीनो से एशिया में खाद्य संकट की घंटी, करोड़ों जिंदगियों पर मंडराया सूखाआर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की अंधाधुंध रफ्तार थामने की मांग से दुनिया भर के टेक शेयरों में भारी गिरावटबैंक ऑफ इंग्लैंड ने ब्याज दरें 3.75 प्रतिशत पर रोकीं, पाउंड में कमजोरी से यूरो चढ़ाशेयर बाजार में 21 से 25 सितंबर के बीच 181 कंपनियों पर रहेगा फोकस, डिविडेंड और स्टॉक स्प्लिट का मिलेगा फायदासोने-चांदी की कीमतों में उछाल, 24 कैरेट सोना प्रति 100 ग्राम 14,200 रुपये चढ़ा और चांदी 2.55 लाख प्रति किलो पर पहुंचीसीकर में आस्था का अनूठा अनुष्ठान, एक साथ पूजे जाएंगे 2.15 लाख पार्थिव शिवलिंगसेउटा के तटों से प्रवासियों को हटाने का बड़ा अभियान शुरू, बंदरगाह पर बना नया तंबू शिविरहॉलीवुड में खुला फास्ट एंड फ्यूरियस रोलर कोस्टर, 72 मील प्रति घंटे की रफ्तार से हवा में घूमेंगी गाड़ियां
प्रशांत द्वीपीय राष्ट्र फिजी ने एचआईवी संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के बीच राष्ट्रीय आपातकाल लगायादुनिया
19 सित॰ 2026, 1:40 pm (23 मिनट पहले)· 1

प्रशांत द्वीपीय राष्ट्र फिजी ने एचआईवी संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के बीच राष्ट्रीय आपातकाल लगाया

फिजी में तेजी से फैलते एचआईवी मामलों के कारण स्वास्थ्य तंत्र पर गहरा दबाव बना है, जिसके बाद सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर आपातकाल लागू कर दिया है।

प्रशांत महासागर क्षेत्र में स्थित द्वीपीय देश फिजी गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट के दौर से गुजर रहा है। देश के भीतर एचआईवी संक्रमण के मामलों में हुई बेतहाशा बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन ने पूरे देश में राष्ट्रीय आपातकाल लागू करने का फैसला किया है। 10 लाख से भी कम आबादी वाले इस मुल्क में वर्ष 2025 के दौरान ही एचआईवी के 2016 नए मरीज दर्ज किए गए। संक्रमण की गति इतनी तेज रही है कि अब देश का लगभग हर 60वां वयस्क नागरिक इस वायरस के साथ जीवन यापन करने को मजबूर है। मात्र पांच वर्ष पूर्व की स्थिति से तुलना करें तो तब यह अनुपात प्रत्येक 167 वयस्कों में एक मरीज का था, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि पिछले कुछ वर्षों में जमीनी हालात तेजी से बिगड़े हैं।

स्वास्थ्य तंत्र पर भारी दबाव और सरकारी रुख

बिगड़ती परिस्थितियों के बीच स्वास्थ्य मंत्री एंटोनियो लालाबालावु ने स्पष्ट किया है कि केवल स्थानीय प्रकोप जैसी सामान्य प्रशासनिक प्रतिक्रियाएं अब नाकाफी साबित हो रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मानवीय और चिकित्सकीय संकट से पार पाने के लिए बेहद व्यापक स्तर पर ठोस कदम उठाने की तत्काल दरकार है। स्वास्थ्य तंत्र वर्तमान में नए मरीजों की बढ़ती तादाद के सामने भारी दबाव महसूस कर रहा है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गहरा असर पड़ा है।

ये भी पढ़ें

जांच और उपचार तक सीमित पहुंच बनी बड़ी बाधा

देश के भीतर हजारों संक्रमित नागरिकों तक नियमित जांच और जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना एक गंभीर चुनौती बना हुआ है। वर्ष 2025 के आंकड़ों के मुताबिक फिजी में करीब 9,100 व्यक्ति एचआईवी के साए में जी रहे थे। चिंताजनक पहलू यह रहा कि इनमें से महज 39 प्रतिशत संक्रमितों को ही अपनी वास्तविक मेडिकल स्थिति की जानकारी थी। इसके अतिरिक्त, जीवनरक्षक एंटीरेट्रोवायरल ट्रीटमेंट हासिल करने वालों की तादाद तो और भी सीमित रही, जहां केवल 22 प्रतिशत मरीजों तक यह उपचार पहुंच पा रहा था। इसका सीधा मतलब यह निकला कि आबादी का एक बड़ा हिस्सा अपनी शारीरिक स्थिति से पूरी तरह अनजान था अथवा आवश्यक मेडिकल सुविधाओं से वंचित रह गया था।

संक्रमण में उछाल के प्रमुख कारक

विभिन्न विशेषज्ञों और गैर-सरकारी संगठनों ने संक्रमण के अचानक तेज होने के पीछे कई बुनियादी सामाजिक और व्यवहारिक कारणों को जिम्मेदार ठहराया है। इनमें नशीले पदार्थों का बढ़ता सेवन, असुरक्षित यौन संबंध और नशा करते समय एक ही सुई को आपस में साझा करने जैसी लापरवाह आदतें प्रमुख वजहों के तौर पर सामने आई हैं। इन जोखिम भरे तौर-तरीकों की वजह से वायरस तेजी से फैला और सीमित स्वास्थ्य संसाधनों वाले इस देश में स्थिति आपातकाल के स्तर तक पहुंच गई।

सवाल-जवाब

फिजी सरकार ने राष्ट्रीय आपातकाल क्यों घोषित किया?
देश में एचआईवी के नए मामलों में आए भारी उछाल और स्वास्थ्य तंत्र पर बढ़ते दबाव के कारण सरकार को राष्ट्रीय आपातकाल लागू करना पड़ा।
वर्ष 2025 में फिजी में एचआईवी के कितने नए मामले दर्ज किए गए?
वर्ष 2025 के दौरान फिजी में एचआईवी संक्रमण के कुल 2016 नए मामले सामने आए।
वर्तमान में फिजी के कितने वयस्क एचआईवी से प्रभावित हैं?
मौजूदा समय में फिजी में लगभग हर 60 वयस्कों में से एक व्यक्ति एचआईवी संक्रमण के साथ जी रहा है।
फिजी में कितने प्रतिशत संक्रमितों को एंटीरेट्रोवायरल इलाज मिल पा रहा है?
साल 2025 के आंकड़ों के अनुसार वहां केवल 22 प्रतिशत संक्रमित मरीजों तक ही एंटीरेट्रोवायरल उपचार पहुंच पा रहा था।
संक्रमण फैलने के प्रमुख कारण क्या बताए गए हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार नशीले पदार्थों का सेवन, सुई साझा करना और असुरक्षित यौन संबंध संक्रमण बढ़ने के प्रमुख कारण हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Sophie Laurent@sophie-laurent·7 मिनट पहले

फिजी में एचआईवी के बढ़ते मामलों और आपातकाल से यह स्पष्ट है कि स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के मोर्चे पर तत्काल और बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है। केवल प्रशासनिक घोषणाओं से इस संकट को रोकना संभव नहीं होगा। यदि जांच और एंटीरेट्रोवायरल ट्रीटमेंट की पहुंच नहीं बढ़ाई गई, तो यह संकट पूरे प्रशांत क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और स्थिरता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।

Yuki Tanaka@yuki-tanaka·7 मिनट पहले

फिजी में उपजी यह स्वास्थ्य स्थिति केवल एक चिकित्सीय समस्या नहीं है, बल्कि यह प्रशांत महासागर क्षेत्र के द्वीपीय देशों की आर्थिक और सामाजिक सुभेद्यता को भी उजागर करती है। जब किसी छोटे राष्ट्र की वयस्क आबादी का एक बड़ा हिस्सा ऐसी स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना करता है, तो इसका सीधा असर कार्यबल की उत्पादकता और क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ता है। इस आपातकाल से निपटने के लिए सुदूर द्वीपों तक चिकित्सा आपूर्ति और जागरूकता अभियानों को युद्धस्तर पर पहुँचाना होगा, अन्यथा यह संकट संपूर्ण क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए एक दीर्घकालिक अवरोध बन सकता है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp