पश्चिम चंपारण जिले के बेलसंडी गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया जब जंगल से भटककर एक विशाल भालू सीधे इंसानी बस्ती में दाखिल हो गया। सोशल मीडिया पर एक वीडियो इन दिनों काफी चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें यह भारी-भरकम स्लॉथ बियर एक राज्य संपोषित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के बरामदे में बेखौफ घूमता हुआ दिखाई दे रहा है। इस डरावने दृश्य ने न केवल स्कूली बच्चों और शिक्षकों की रातों की नींद उड़ा दी है, बल्कि पूरे इलाके के ग्रामीणों के दिलों में खौफ पैदा कर दिया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब इलाके में खेती का काम जोरों पर है, और वन्यजीव के इस तरह घुस आने से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
विद्यालय परिसर में टला बड़ा हादसा
यह एक बहुत बड़ी राहत की बात रही कि जिस समय भालू स्कूल के परिसर में टहल रहा था, उस वक्त वहां कोई भी छात्र या कर्मचारी मौजूद नहीं था, अन्यथा एक भयंकर त्रासदी हो सकती थी। वायरल हो रहे वीडियो में एक स्थानीय व्यक्ति भी खौफजदा आवाज में यह बताता सुनाई दे रहा है कि बेलसंडी गांव के स्कूल में भालू घुस आया है और सभी लोग बेहद डरे हुए हैं। दरअसल, यह विद्यालय भवन वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व के गोवर्धना रेंज से बिल्कुल सटा हुआ है। यह इलाका रिज़र्व के डिविजन एक के अंतर्गत आता है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि जंगल की सीमा के इतने करीब होने के बावजूद स्कूल में कोई पक्की बाउंड्री वॉल नहीं है। चारदीवारी की इस कमी के कारण अक्सर जंगली जानवर आसानी से रास्ता भटककर स्कूल के आसपास के इलाकों में पहुंच जाते हैं।
धान की रोपनी पर पड़ा सीधा असर
भालू की इस खौफनाक मौजूदगी का असर सिर्फ स्कूल परिसर तक ही सीमित नहीं रहा है, बल्कि इसने आसपास के कई गांवों की अर्थव्यवस्था की कमर भी तोड़ दी है। वर्तमान में इलाके में धान की रोपनी का सीजन अपने चरम पर है, जो किसानों के लिए साल का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। लेकिन जंगली जानवर के हमले के डर से किसानों ने खेतों का रुख करना ही छोड़ दिया है। हर कोई अपनी जान बचाने के लिए घरों में रहने को मजबूर है। खेतों में काम करने से कतराने के कारण धान की बुवाई का काम पूरी तरह से ठप पड़ गया है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की चिंता सताने लगी है।
वन विभाग की मुस्तैदी से जंगल लौटा भालू
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर गोवर्धना रेंज के वन रेंजर सुनील पाठक ने स्थिति को स्पष्ट किया। रेंजर ने बताया कि भालू के स्कूल में घुसने की सूचना मिलते ही वनकर्मी तुरंत हरकत में आ गए और मौके पर पहुंच गए। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद, वन विभाग की टीम आखिरकार उस विशाल भालू का रास्ता वापस घने जंगल की तरफ मोड़ने में कामयाब रही। वन अधिकारी ने स्थानीय लोगों को आश्वस्त किया है कि अब स्थिति पूरी तरह से सामान्य और नियंत्रण में है, इसलिए किसी को भी घबराने की कोई जरूरत नहीं है। इसके साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं और दुर्घटनाओं से बचने के लिए इलाके में जरूरी एहतियात बरती जा रही है, ताकि ग्रामीण बिना किसी डर के अपना काम कर सकें।




















