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अक्षय कुमार और विक्की कौशल की सैन्य फिल्मों समेत 7 बेहतरीन देशभक्ति कहानियांबॉलीवुड
15 अग॰ 2026, 12:04 pm (29 दिन पहले)· 1

अक्षय कुमार और विक्की कौशल की सैन्य फिल्मों समेत 7 बेहतरीन देशभक्ति कहानियां

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जानिए बॉलीवुड की उन 7 प्रभावशाली फिल्मों के बारे में, जिनमें दिग्गज अभिनेताओं ने भारतीय सेना के जांबाज अधिकारियों की भूमिका निभाकर पर्दे पर इतिहास रचा।

भारतीय सिनेमा के इतिहास में जब भी अभिनेताओं ने सैन्य वर्दी धारण कर बड़े पर्दे पर कदम रखा है, तब-तब दर्शकों के दिलों में देशभक्ति का एक नया ज्वार उत्पन्न हुआ है। विक्की कौशल से लेकर अक्षय कुमार जैसे कलाकारों ने भारतीय थलसेना के जांबाज अधिकारियों की भूमिकाओं को पर्दे पर जीवंत करने के लिए अद्वितीय संजीदगी और समर्पण का परिचय दिया है। 1999 के कारगिल युद्ध के मैदान से लेकर 1971 के ऐतिहासिक युद्ध की अग्रिम पंक्तियों तक, इन चरित्रों ने दर्शकों को सैनिकों के अदम्य साहस, अनवरत त्याग और मातृभूमि के प्रति निष्ठा का अहसास कराया है। स्वतंत्रता दिवस के इस गरिमामय अवसर पर भारतीय सेना के अमर शौर्य और बलिदान को नमन करती ऐसी ही 7 प्रभावशाली हिंदी फिल्मों का विश्लेषण प्रस्तुत है, जो हर भारतीय नागरिक में गर्व की भावना भर देती हैं।

कारगिल के नायक कैप्टन विक्रम बत्रा की अमर कहानी: शेरशाह

बायोपिक फिल्म शेरशाह 1999 में हुए कारगिल युद्ध के दौरान अद्भुत पराक्रम का परिचय देने वाले परमवीर चक्र से सम्मानित कैप्टन विक्रम बत्रा के जीवन पर निर्मित एक अत्यंत भावुक और प्रेरणादायक रचना है। अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा ने इस फिल्म में कैप्टन विक्रम बत्रा के जिंदादिल स्वभाव, मित्रवत व्यवहार और युद्ध क्षेत्र में उनके निडर नेतृत्व को बेहद खूबसूरती से पर्दे पर उतारा है। युद्धभूमि में दुश्मन के छक्के छुड़ाते हुए उनका बोला गया ऐतिहासिक नारा ये दिल मांगे मोर आज भी देश के प्रत्येक नागरिक के भीतर ऊर्जा और रोमांच का संचार कर देता है। फिल्म केवल रणभूमि के दृश्यों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि कैप्टन बत्रा के व्यक्तिगत जीवन, उनकी प्रेम कहानी और तिरंगे के सम्मान की रक्षा के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान को भी संवेदनशीलता से चित्रित करती है।

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प्रथम फील्ड मार्शल के रोबीले व्यक्तित्व की दास्तान: सैम बहादुर

ऐतिहासिक बायोग्राफिकल ड्रामा सैम बहादुर भारत के पहले फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ के गौरवशाली जीवन और सैन्य योगदान पर आधारित एक भव्य फिल्म है। इस फिल्म में अभिनेता विक्की कौशल ने फील्ड मार्शल मानेकशॉ की विशिष्ट चाल-ढाल, उनके बोलने के अनूठे अंदाज और उनके रोबीले व्यक्तित्व को इतनी बारीकी से अपनाया कि दर्शक आश्चर्यचकित रह गए। फिल्म में उनके लगभग चार दशकों लंबे विस्तृत सैन्य करियर, 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उनकी अचूक कूटनीतिक और रणनीतिक सोच, तथा भारतीय थलसेना के प्रति उनके अटूट समर्पण को बहुत ही गरिमापूर्ण ढंग से दर्शाया गया है।

भटके हुए युवक से जाबांज अफसर बनने की राह: लक्ष्य

निर्देशक फरहान अख्तर के निर्देशन में बनी फिल्म लक्ष्य एक दिशाहीन और गैर-जिम्मेदार युवा करण शेरगिल (ऋतिक रोशन) के जीवन परिवर्तन की कथा है। आरंभ में बिना किसी स्पष्ट उद्देश्य के जीवन जी रहा करण अपनी वास्तविक पहचान और लक्ष्य की तलाश में इंडियन मिलिट्री एकेडमी में प्रवेश लेता है। एक लापरवाह लड़के से लेकर कारगिल युद्ध के दौरान एक अनुशासित, साहसी और निडर आर्मी कैप्टन बनने तक की उसकी यात्रा देश के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनती है। ऋतिक रोशन का सैन्य परिवर्तन और फिल्म में दिखाए गए यथार्थवादी युद्ध के दृश्य इस सिनेमाई प्रयास की सबसे प्रमुख विशेषता हैं।

आधुनिक सैन्य कार्रवाई और उच्च मनोबल की मिसाल: उरी - द सर्जिकल स्ट्राइक

वर्ष 2016 में उरी में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले के पश्चात भारतीय सेना द्वारा सीमा पार जाकर अंजाम दी गई रणनीतिक सर्जिकल स्ट्राइक की वास्तविक घटना पर उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक का निर्माण किया गया। इस हाई-ऑक्टेन एक्शन फिल्म में विक्की कौशल ने मेजर विहान सिंह शेरगिल की मुख्य भूमिका निभाई। यह फिल्म भारतीय थलसेना की पूर्व-नियोजित रणनीति, आधुनिकतम हथियारों के सटीक उपयोग और जवानों के अटूट मनोबल को शानदार ढंग से उजागर करती है। फिल्म का प्रसिद्ध संवाद हाउज द जोश आज भी संपूर्ण देश में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव का पर्याय बना हुआ है।

लोंगेवाला की जंग में 120 जांबाजों का अदम्य साहस: बॉर्डर

निर्देशक जेपी दत्ता की कालजयी फिल्म बॉर्डर 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय हुई लोंगेवाला की प्रसिद्ध लड़ाई की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म में अभिनेता सनी देओल ने मेजर कुलदीप सिंह चांदपुरी का स्मरणीय किरदार निभाया था। मात्र 120 भारतीय जवानों के बल पर पूरी रात दुश्मन की विशाल सेना और बख्तरबंद टैंकों का डटकर मुकाबला करने की यह शौर्यगाथा वीरता का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत करती है। इस फिल्म के मर्मस्पर्शी संगीत और देशभक्ति से ओतप्रोत पटकथा ने दशकों से दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बनाई रखी है।

छुट्टी पर भी मुस्तैद फौजी और आंतरिक सुरक्षा का पाठ: हॉलिडे

फिल्म हॉलिडे: अ सोल्जर इज नेवर ऑफ ड्यूटी इस महत्वपूर्ण विचार को रेखांकित करती है कि एक सच्चा सैनिक अवकाश पर होने के उपरांत भी देश की सुरक्षा के प्रति निरंतर सतर्क रहता है। अक्षय कुमार ने इसमें मिलिट्री इंटेलिजेंस के कैप्टन विराट बक्शी की भूमिका का निर्वहन किया है। जब वह अपनी छुट्टियों के सिलसिले में घर लौटते हैं, तो मुंबई महानगर में फैले स्लीपर सेल्स के खतरनाक आतंकवादी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हैं। यह थ्रिलर फिल्म यह संदेश देती है कि सीमाओं की रखवाली के साथ-साथ देश के भीतर मौजूद दुश्मनों का खात्मा करना भी सैन्य अफसरों के कर्तव्य का अभिन्न अंग है।

मनोरंजन, भावना और गुप्त सैन्य मिशन का संगम: मैं हूं ना

शिक्षिका और निर्देशिका फराह खान के कुशल निर्देशन में बनी मैं हूं ना एक मनोरंजक मसाला-एक्शन देशभक्ति फिल्म है। इसमें अभिनेता शाहरुख खान ने मेजर राम प्रसाद शर्मा का किरदार निभाया है। एक अत्यंत गोपनीय सैन्य अभियान के तहत मेजर राम एक कॉलेज में छात्र बनकर प्रवेश लेते हैं, ताकि एक सैन्य जनरल की बेटी की रक्षा की जा सके और भारत-पाकिस्तान के बीच प्रस्तावित शांति प्रक्रिया को असामाजिक तत्वों से बचाया जा सके। शाहरुख खान का यह अनुशासित और सहृदय आर्मी अफसर वाला रूप दर्शकों को काफी पसंद आया था।

सवाल-जवाब

1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध पर आधारित कौन सी फिल्में इस सूची में शामिल हैं?
बॉर्डर (लोंगेवाला की लड़ाई पर आधारित) और सैम बहादुर (फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ के 1971 के युद्ध रणनीति नेतृत्व पर आधारित) 1971 के संघर्ष को दर्शाने वाली प्रमुख फिल्में हैं।
फिल्म शेरशाह में कैप्टन विक्रम बत्रा का किरदार किस अभिनेता ने निभाया है?
सिद्धार्थ मल्होत्रा ने 1999 के कारगिल युद्ध के परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा की भूमिका निभाई है।
फरहान अख्तर के निर्देशन में बनी फिल्म लक्ष्य की कहानी क्या है?
लक्ष्य करण शेरगिल की कहानी है जो एक लापरवाह युवक से इंडियन मिलिट्री एकेडमी जॉइन कर कारगिल युद्ध में एक अनुशासित और निडर आर्मी कैप्टन बनता है।
फिल्म हॉलिडे में अक्षय कुमार का किरदार किस प्रकार आतंकवाद से लड़ता है?
हॉलिडे में अक्षय कुमार मिलिट्री इंटेलिजेंस के कैप्टन विराट बक्शी की भूमिका में हैं, जो छुट्टी पर घर आने के दौरान मुंबई में स्लीपर सेल्स के आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हैं।
फिल्म मैं हूं ना में शाहरुख खान किस गुप्त मिशन पर जाते हैं?
फिल्म में शाहरुख खान मेजर राम प्रसाद शर्मा का किरदार निभाते हैं, जो एक सैन्य जनरल की बेटी की सुरक्षा करने और भारत-पाक शांति प्रक्रिया को बचाने के लिए छात्र बनकर कॉलेज जाते हैं।
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