बॉलीवुड के शीर्ष कलाकारों में शुमार अक्षय कुमार ने हिंदी सिनेमा में तीन दशकों से अधिक के अपने करियर के दौरान एक्शन, कॉमेडी और ड्रामा जैसे विभिन्न जॉनर में खुद को साबित किया है। बॉक्स ऑफिस पर दर्जनों सफल फिल्में देने के बावजूद उनके करियर का एक दिलचस्प पहलू यह भी रहा है कि कई बड़े प्रोजेक्ट्स और ब्लॉकबस्टर फ्रेंचाइजी से उनका नाम अलग हुआ। कुछ फिल्मों में पटकथा की मांग के कारण उनकी जगह नए अभिनेताओं को शामिल किया गया, तो कुछ प्रोजेक्ट्स में व्यक्तिगत वजहों से स्टार कास्ट में फेरबदल देखने को मिला।
'बरसात' में बॉबी देओल का प्रवेश और कास्टिंग फेरबदल
साल 2005 में प्रदर्शित हुई रोमांटिक ड्रामा फिल्म 'बरसात' की शुरुआती कास्टिंग को लेकर काफी चर्चाएं रही थीं। इस प्रोजेक्ट में पहले अक्षय कुमार को मुख्य भूमिका निभानी थी। हालांकि, उस दौरान सह-कलाकार प्रियंका चोपड़ा के साथ उनकी लगातार फिल्मों को लेकर पारिवारिक चिंताएं सामने आईं। उनकी पत्नी ट्विंकल खन्ना की असहमति के कारण अक्षय कुमार ने इस फिल्म से पीछे हटने का निर्णय लिया। इसके बाद निर्माता-निर्देशक ने मुख्य भूमिका के लिए बॉबी देओल को साइन किया और फिल्म नए स्वरूप में दर्शकों के सामने आई।
'वेलकम बैक' में जॉन अब्राहम की एंट्री और पटकथा में बदलाव
साल 2007 में आई कॉमेडी फिल्म 'वेलकम' में अक्षय कुमार के कॉमिक अंदाज को दर्शकों ने काफी सराहा था। इस मल्टीस्टारर फिल्म में उनके साथ कैटरीना कैफ, नाना पाटेकर, अनिल कपूर और परेश रावल जैसे वरिष्ठ कलाकार नजर आए थे। जब इस ब्लॉकबस्टर फिल्म का सीक्वल 'वेलकम बैक' तैयार किया गया, तो उसमें अक्षय कुमार की जगह जॉन अब्राहम को मुख्य किरदार के रूप में शामिल किया गया। निर्देशक अनीस बज्मी ने स्पष्ट किया कि पहली फिल्म में अक्षय के किरदार की कहानी पूरी हो चुकी थी और सीक्वल की नई स्क्रिप्ट में पुराना कैरेक्टर सही से फिट नहीं बैठ रहा था, जिसकी वजह से नई कहानी के साथ जॉन अब्राहम को कास्ट किया गया।
'नाम शबाना' में विशेष भूमिका और रॉ एजेंट का किरदार
साल 2017 में रिलीज हुई स्पाई थ्रिलर 'नाम शबाना' का मामला रिप्लेसमेंट से थोड़ा अलग था। यह फिल्म साल 2015 की सफल एक्शन थ्रिलर 'बेबी' का एक स्पिन-ऑफ थी। इस फिल्म में कहानी का केंद्र बिंदु तापसी पन्नू द्वारा निभाया गया शबाना खान का किरदार था, जो एक आम लड़की से सीक्रेट एजेंट बनने के सफर को दर्शाती है। इस फिल्म में अक्षय कुमार की भूमिका मुख्य नायक की न होकर एक वरिष्ठ रॉ एजेंट की थी। उन्होंने संकट के समय शबाना का मार्गदर्शन किया और मिशन में महत्वपूर्ण सहायता पहुंचाई। भले ही स्क्रीन टाइम सीमित था, लेकिन उनकी उपस्थिति ने पूरी कथा को एक ठोस आधार प्रदान किया।
'भूल भुलैया' की सफलता और फ्रेंचाइजी का अगला सफर
साल 2007 में रिलीज हुई हॉरर-कॉमेडी फिल्म 'भूल भुलैया' अक्षय कुमार के करियर की सबसे आइकॉनिक फिल्मों में से एक मानी जाती है। इसमें उन्होंने मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. आदित्य श्रीवास्तव का यादगार किरदार निभाया था। फिल्म में विद्या बालन, शाइनी आहूजा और अमीषा पटेल की अहम भूमिकाएं थीं। इस फिल्म की अपार सफलता और अक्षय की टाइमिंग ने इसे एक कल्ट क्लासिक बना दिया। हालांकि, जब इस लोकप्रिय फ्रेंचाइजी के अगले भागों 'भूल भुलैया 2' और 'भूल भुलैया 3' का निर्माण किया गया, तो अक्षय कुमार इन सीक्वल्स का हिस्सा नहीं रहे और नई स्टार कास्ट के साथ फ्रेंचाइजी आगे बढ़ी।



















