सिनेमाघरों में अपनी अदाकारी से दर्शकों का दिल जीतने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री श्रद्धा कपूर ने अपने पेशेवर जीवन के एक बेहद अहम और साहसिक फैसले पर खुलकर बात की है। बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई फिल्म 'स्त्री 2' के बाद हर कोई यह जानने को उत्सुक था कि अभिनेत्री अगला कौन सा प्रोजेक्ट चुनेंगी। अपनी आने वाली फिल्म 'ईठा' की तैयारियों के बीच अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर प्रशंसकों के साथ सीधा संवाद किया। इस बातचीत के दौरान जब करियर को सही दिशा देने और फैसलों को लेकर सवाल पूछा गया, तब उन्होंने बताया कि किस तरह भारी भरकम रकम और बड़े ऑफर्स के सामने उन्होंने केवल सही कहानी का इंतजार करना चुना और उस फैसले पर उन्हें आज गर्व है।
स्त्री 2 के बाद बड़े ऑफर्स और धैर्य की परीक्षा
सोशल मीडिया पर आयोजित सवाल जवाब के सत्र में एक प्रशंसक ने युवा लड़कियों के करियर मार्गदर्शन को लेकर सुझाव मांगा था। इस पर श्रद्धा कपूर ने बिना किसी लाग लपेट के अपना व्यक्तिगत अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि 'स्त्री 2' की भारी सफलता के तुरंत बाद उन्हें कई बड़े फिल्म निर्माताओं की तरफ से प्रोजेक्ट्स की पेशकश की गई थी। इन ऑफर्स के साथ बहुत बड़ी धनराशि भी जुड़ी हुई थी। हालांकि, उन्होंने जल्दबाजी में कोई भी अनुबंध स्वीकार करने के बजाय खुद को एक स्पष्ट संदेश दिया। अभिनेत्री का दृढ़ निश्चय था कि जब तक किसी प्रोजेक्ट की पटकथा पूरी तरह सटीक और दिल को छू लेने वाली नहीं होगी, तब तक वह किसी भी नई फिल्म पर हस्ताक्षर नहीं करेंगी।
श्रद्धा कपूर ने अपनी बात रखते हुए कहा कि जिस मुकाम या चीज को व्यक्ति वास्तव में हासिल करना चाहता है, उसके लिए धैर्य रखना कभी कभी बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण लग सकता है। इसके बावजूद दिल की बात सुनकर सही वक्त का इंतजार करना अंततः सबसे सही परिणाम देता है। उनका मानना है कि करियर के महत्वपूर्ण पड़ाव पर भावनाओं और अंतरात्मा की आवाज पर भरोसा बनाए रखना हमेशा सार्थक सिद्ध होता है।
स्त्री 2 का बॉक्स ऑफिस इतिहास और रिकॉर्ड तोड़ आंकड़े
मैडॉक फिल्म्स के हॉरर कॉमेडी यूनिवर्स का विस्तार करते हुए अमर कौशिक के निर्देशन में बनी फिल्म 'स्त्री 2' साल 2024 की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शुमार हुई। इस फिल्म में श्रद्धा कपूर के साथ मुख्य भूमिका में राजकुमार राव नजर आए थे, जबकि पंकज त्रिपाठी, अपारशक्ति खुराना और अभिषेक बनर्जी ने अपनी बेहतरीन अदाकारी से दर्शकों को बांधे रखा। इस सिनेमाई सफर ने टिकट खिड़की पर पहले ही दिन से इतिहास रचना शुरू कर दिया था।
फिल्म ने पहले दिन पेड प्रिव्यू को मिलाकर लगभग 55 करोड़ रुपये का कारोबार किया था। इसके बाद के हफ्तों में भी दर्शकों की भारी भीड़ सिनेमाघरों में बनी रही, जिसकी बदौलत रिलीज के चंद दिनों के भीतर ही फिल्म ने वैश्विक स्तर पर 500 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया। आखिरकार 'स्त्री 2' ने दुनियाभर में कुल 857 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक कलेक्शन जुटाया और यह भारतीय सिनेमा के इतिहास में सबसे अधिक कमाई करने वाली हॉरर कॉमेडी फिल्म बनकर उभरी। इस अप्रत्याशित सफलता ने अभिनेत्री के स्टारडम को नए आयाम पर पहुंचा दिया।
बायोपिक 'ईठा' और विठाबाई के किरदार की तैयारी
सफलता के इस विशाल मंच के बाद श्रद्धा कपूर ने निर्देशक लक्ष्मण उतेकर की आगामी फिल्म 'ईठा' को चुना। यह प्रोजेक्ट मैडॉक फिल्म्स और कठपुतली क्रिएशन्स के संयुक्त बैनर तले तैयार किया जा रहा है, जिसे दिनेश विजान और करिश्मा शर्मा मिलकर प्रोड्यूस कर रहे हैं। इस फिल्म में श्रद्धा कपूर विख्यात लावणी कलाकार विठाबाई भाऊ मांग नारायणगांवकर का चुनौतीपूर्ण किरदार निभा रही हैं। कहानी एक ऐसी मजबूत महिला के इर्द गिर्द घूमती है, जिसने अपनी कला और अदम्य साहस के दम पर समाज में अपनी अमिट पहचान बनाई।
फिल्म में एक मजबूत और विविधतापूर्ण कलाकारों की टोली शामिल की गई है। श्रद्धा कपूर के साथ इस फिल्म में रणदीप हुड्डा, मोहम्मद जीशान अय्यूब, सिद्धार्थ जाधव, इश्तिहाक खान और अनंत जोशी मुख्य भूमिकाओं में दिखाई देंगे। यह सिनेमाई प्रयास लावणी कला के मंच और उस दौर के सामाजिक संघर्षों को बड़े पर्दे पर जीवंत करने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है।
मैडॉक फिल्म्स के साथ साझेदारी और किरदार की गहराई
इस भूमिका को स्वीकार करने के अपने अनुभव पर श्रद्धा कपूर ने विस्तार से चर्चा की। निर्देशक लक्ष्मण उतेकर के साथ अपनी बातचीत का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि जैसे जैसे उन्हें इस महान लावणी कलाकार के जीवन और संघर्षों की जानकारी मिलती गई, वह इस दुनिया से भावनात्मक रूप से गहराई से जुड़ती चली गईं। उन्होंने इस किरदार को निभाना एक बेहद रोमांचक सफर बताया और दर्शकों के सामने इसे पेश करने को लेकर गहरा उत्साह व्यक्त किया।
अभिनेत्री ने यह भी रेखांकित किया कि 'स्त्री' और 'स्त्री 2' जैसी ऐतिहासिक रूप से सफल फिल्मों के बाद मैडॉक फिल्म्स के साथ उनका यह नया जुड़ाव बेहद खास है। पूरी प्रोडक्शन टीम इस बायोपिक के लिए काफी मेहनत कर रही है। उनका मानना है कि बड़े पर्दे पर विठाबाई के संघर्ष, कला और साहस की कहानी देखना हर वर्ग के दर्शकों के लिए एक अविस्मरणीय और प्रेरणादायक अनुभव साबित होगा।



















