हॉकी इंडिया ने महानिदेशक आर के श्रीवास्तव के सारे अधिकार छीने, जर्सी विवाद समेत लगे आठ गंभीर आरोपहृदय रोगियों के लिए मसूड़ों की ब्लीडिंग हो सकती है खतरनाक, डेंटिस्ट ने दी तुरंत ओरल चेकअप कराने की सलाहबुल्गारिया के सैन्य गोदाम में भीषण धमाके, मालिक का रूसी साजिश का दावा, सरकार ने शुरू की जांचजेन जी लड़कियों में तेजी से बढ़ रहे पीसीओएस और पीमॉस के मामले, पटना की डॉक्टर मीना सामंत ने बताए बचाव के प्रभावी उपायभारत में जुटे वैश्विक दिग्गज: नरेंद्र मोदी, व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग की जुगलबंदी ने बदला दुनिया का मिजाज, आर्थिक प्रभुत्व को खुली चुनौतीआगरा में चम्पारन के तंदूरी कबाब का बढ़ा क्रेज, सावन के बाद 140 रुपये में मिल रहा बेहतरीन स्वादसीकर में दिव्यांग छात्रों के लिए खोले जाएंगे विशेष संदर्भ कक्ष, राजस्थान सरकार ने जारी किया बजट और दिशा-निर्देशउत्तराखंड में विज्ञान का बड़ा चमत्कार, साहीवाल गाय की सरोगेसी से पैदा हुई पहाड़ी नस्ल की बद्री बछियाराजस्थान में डिजिटल स्क्रीन और उम्मीदों के भारी दबाव से घट रही बच्चों की एकाग्रता, मानसिक तनाव पर विशेषज्ञों की रायजन्म के केवल 7 दिन बाद बच्चे के मुंह में दिखे चार दांत, जानें क्या है नियोनेटल टीथ की दुर्लभ स्थिति
बॉलीवुड के लिए अभागा साबित हुआ 29 जुलाई जानिए फ्लॉप और डिजास्टर बनी 6 फ़िल्मों का हालबॉलीवुड
30 जुल॰ 2026, 12:03 am (45 दिन पहले)· 4

बॉलीवुड के लिए अभागा साबित हुआ 29 जुलाई जानिए फ्लॉप और डिजास्टर बनी 6 फ़िल्मों का हाल

हिंदी सिनेमा के इतिहास में 29 जुलाई की तारीख फ़िल्म निर्माताओं के लिए काफी निराशाजनक रही है। इस खास दिन रिलीज़ हुई छह प्रमुख फ़िल्मों में से केवल दो ही किसी तरह अपनी साख बचाने में कामयाब रहीं।

बॉक्स ऑफिस पर रिलीज़ की तारीखों का खेल बहुत अनूठा होता है। कुछ तारीखें फ़िल्म निर्माताओं और निर्देशकों की झोली में बंपर कमाई डालती हैं, जबकि कुछ तारीखों पर सिनेमाघरों के भीतर सन्नाटा पसर जाता है। भारतीय फ़िल्म उद्योग के इतिहास में 29 जुलाई एक ऐसी ही अभागी तारीख के रूप में दर्ज हो चुकी है। सालों के दौरान इस खास दिन पर बड़े सितारों और भारी-भरकम बजट के साथ कई फ़िल्में बड़े पर्दे पर उतरीं, लेकिन दर्शकों ने अधिकांश को सिरे से खारिज कर दिया। नब्बे के दशक के धांसू एक्शन ड्रामा से लेकर आधुनिक दौर की सस्पेंस थ्रिलर फ़िल्मों तक, 29 जुलाई का जादू बॉक्स ऑफिस पर हमेशा फीका ही साबित हुआ है। इस दिन थिएटरों में पहुंचीं छह चर्चित फ़िल्मों में से केवल दो फ़िल्में ही गिरते-पड़ते अपना बजट निकालने या अपनी साख बचाने में सफल हो सकीं, जबकि बाकी चार पूरी तरह डिजास्टर और फ्लॉप साबित हुईं। आइए 29 जुलाई को रिलीज़ हुई इन सभी छह फ़िल्मों के प्रदर्शन का सिलसिलेवार विश्लेषण करते हैं।

वरुण धवन और जॉन अब्राहम की एक्शन-कॉमेडी ढिशूम का प्रदर्शन

वर्ष 2016 में 29 जुलाई के दिन निर्देशक रोहित धवन की एक्शन-कॉमेडी फ़िल्म ढिशूम सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी। इस फ़िल्म में वरुण धवन, जॉन अब्राहम और जैकलीन फर्नांडीज ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। निर्माताओं ने इस प्रोजेक्ट पर पानी की तरह पैसा बहाया था, जिसमें जबरदस्त एक्शन सीक्वेंस और विदेशी लोकेशंस की भरमार थी। इतने बड़े बजट और सितारों की मौजूदगी के बावजूद, यह फ़िल्म बॉक्स ऑफिस पर वह धमाकेदार सफलता हासिल नहीं कर सकी जिसकी उम्मीद की जा रही थी। हालांकि, युवाओं के बीच फ़िल्म के क्रेज और शुरुआती दिनों में मिली शानदार ओपनिंग की बदौलत यह फ़िल्म किसी तरह अपनी लागत वसूलने में कामयाब रही। 29 जुलाई को रिलीज़ हुई सभी फ़िल्मों में ढिशूम का प्रदर्शन सबसे बेहतर माना गया और इसने बॉक्स ऑफिस पर एक औसत रेटिंग हासिल कर अपनी लाज बचा ली।

ये भी पढ़ें

सस्पेंस थ्रिलर एक विलेन रिटर्न्स की बॉक्स ऑफिस नाकामी

साल 2014 की ब्लॉकबस्टर फ़िल्म एक विलेन के सीक्वल के तौर पर 29 जुलाई 2022 को एक विलेन रिटर्न्स बड़े पर्दे पर पेश की गई थी। निर्देशक मोहित सूरी के निर्देशन में बनी इस सस्पेंस थ्रिलर में जॉन अब्राहम, अर्जुन कपूर, दिशा पटानी और तारा सुतारिया जैसे चर्चित और ग्लैमरस चेहरे शामिल थे। रिलीज़ से पहले फ़िल्म के गानों को दर्शकों का काफी प्यार मिला और संगीत हिट साबित हुआ। लेकिन जब फ़िल्म थिएटर्स में लगी, तो इसकी कमजोर पटकथा और ढीले सस्पेंस ने दर्शकों को निराश कर दिया। दर्शक कहानी से जुड़ाव महसूस नहीं कर सके, जिसके चलते फ़िल्म का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन औसत से भी नीचे चला गया। एक सफल फ्रैंचाइज़ी के सीक्वल के रूप में यह परिणाम निर्माताओं के लिए बेहद निराशाजनक रहा।

मिथुन चक्रवर्ती की जनता की अदालत को नहीं मिला दर्शकों का साथ

नब्बे के दशक में अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की फ़िल्मों का बॉक्स ऑफिस पर अलग ही जलवा हुआ करता था। 29 जुलाई 1994 को उनकी रिवेंज-ड्रामा फ़िल्म जनता की अदालत रिलीज़ हुई थी। टीएलवी प्रसाद के निर्देशन में बनी इस फ़िल्म से ट्रेड एनालिस्टों और निर्माताओं को काफी उम्मीदें थीं। लेकिन मिथुन चक्रवर्ती के जबरदस्त स्टारडम के बावजूद यह फ़िल्म दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में नाकाम रही। आउटडेटेड एक्शन सीक्वेंस और पुरानी ढर्रे की कमजोर कहानी के कारण दर्शकों ने इसे नकार दिया। बॉक्स ऑफिस पर खराब प्रदर्शन के बाद इसे आधिकारिक रूप से फ्लॉप करार दिया गया।

क्रिटिक्स की तारीफ के बाद भी फ्लॉप हुई अरशद वारसी की सेहर

29 जुलाई 2005 को रिलीज़ हुई फ़िल्म सेहर उत्तर प्रदेश में पनपे संगठित अपराध और पुलिस एनकाउंटर पर आधारित एक संजीदा क्राइम थ्रिलर थी। निर्देशक कबीर कौशिक के निर्देशन में बनी इस फ़िल्म में अरशद वारसी और महिमा चौधरी ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। फ़िल्म में अरशद वारसी के गंभीर और प्रभावशाली अभिनय की फ़िल्म समीक्षकों ने जमकर सराहना की। कबीर कौशिक के यथार्थवादी दृष्टिकोण की भी खूब प्रशंसा हुई। हालांकि, इसके बावजूद व्यावसायिक स्तर पर फ़िल्म मात खा गई। बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार की कमी और पारंपरिक कमर्शियल मसालों के न होने के कारण आम दर्शक सिनेमाघरों तक नहीं पहुंचे, जिससे यह बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई।

कमल सदाना और मधू स्टारर फ़ौज की बॉक्स ऑफिस तबाही

वर्ष 1994 में 29 जुलाई की तारीख को ही एक और फ़िल्म रिलीज़ हुई थी, जिसका नाम फ़ौज था। इस फ़िल्म का निर्देशन अशोक गायकवाड़ ने किया था और इसका निर्माण गुरुनाम कौर द्वारा किया गया था। स्टार कास्ट की बात करें तो इसमें कमल सदाना, फरहीन, मधू और किरण कुमार जैसे कलाकारों ने अभिनय किया था। लेकिन फ़िल्म की कहानी इतनी कमजोर और नीरस थी कि दर्शक इससे बिल्कुल भी नहीं जुड़ पाए। सिनेमाघरों में दर्शकों की अनुपस्थिति के चलते यह फ़िल्म बॉक्स ऑफिस पर पूरी तरह से डिजास्टर साबित हुई और अपनी लागत का छोटा सा हिस्सा भी नहीं निकाल पाई।

शूजित सरकार की डेब्यू फ़िल्म यहां को भी झेलना पड़ा नुकसान

आज हिंदी सिनेमा के जाने-माने निर्देशक माने जाने वाले शूजित सरकार ने 29 जुलाई 2005 को फ़िल्म यहां से अपने निर्देशन करियर की शुरुआत की थी। कश्मीर में आतंकवाद की पृष्ठभूमि पर रची गई यह एक संवेदनशील प्रेम कहानी थी, जिसमें जिमी शेरगिल और मिनिषा लांबा ने मुख्य किरदार निभाए थे। समीक्षकों ने फ़िल्म के विषय, शूजित सरकार के निर्देशन और गानों की खूब तारीफ की। इसके बावजूद, आम सिनेमाप्रेमियों ने इस फ़िल्म में कोई खास रुचि नहीं दिखाई। थिएटर्स में दर्शकों का टोटा बना रहा और शानदार समीक्षाएं मिलने के बाद भी यह फ़िल्म बॉक्स ऑफिस पर पस्त हो गई।

सवाल-जवाब

29 जुलाई को रिलीज हुई कौन सी फिल्म सबसे ज्यादा सफल रही?
2016 में रिलीज हुई वरुण धवन और जॉन अब्राहम की ढिशूम ने 29 जुलाई की रिलीज में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया और अपनी लागत वसूलने में सफल रही।
क्या एक विलेन रिटर्न्स बॉक्स ऑफिस पर हिट रही?
नहीं, 29 जुलाई 2022 को रिलीज हुई एक विलेन रिटर्न्स की कमजोर स्क्रिप्ट के कारण इसे दर्शकों ने नकार दिया और यह औसत से भी नीचे रही।
शूजित सरकार की डेब्यू फिल्म कौन सी थी और उसका प्रदर्शन कैसा रहा?
शूजित सरकार की डेब्यू फिल्म यहां थी जो 29 जुलाई 2005 को रिलीज हुई थी। समीक्षकों की तारीफ के बावजूद यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई।
अरशद वारसी की फिल्म सेहर बॉक्स ऑफिस पर क्यों असफल रही?
सेहर को समीक्षकों से बेहतरीन रिव्यू मिले, लेकिन प्रचार-प्रसार की कमी और कमर्शियल तत्वों की अनुपस्थिति के कारण दर्शक सिनेमाघरों तक नहीं पहुंचे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR