लगातार पांच फिल्में फ्लॉप होने पर पायलट बनने वाले थे मोहनीश बहल, जानिए कैसे सलमान खान की सिफारिश से मिला नया जीवनविदेशों में मिली आजादी और भारत में अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर शशि थरूर ने साझा किए विचारनई दिल्ली में खुला लाइबेरिया का नया दूतावास, एस जयशंकर और सारा बयसोलो न्यांती ने समुद्री सुरक्षा व खनन पर की चर्चा7वीं पास जॉन प्रकाश राव जनुमाला कैसे बने कॉमेडी किंग जॉनी लीवर, 300 से अधिक फिल्मों में दर्ज कराया नामरयानएयर विमान में उड़ान के दौरान खौफनाक हादसा: इंजन का टुकड़ा टकराने से टूटी खिड़की, बाहर की ओर खिंचा यात्रीसुनिधि चौहान की आवाज और कैटरीना कैफ के डांस से सजा तीस मार खान का गाना आज भी बना है पार्टी एंथमसिनेमा में 67 साल पूरे होने पर कमल हासन का विचार, केवल 20 वर्ष को माना असली सीखलेट समर में मानसिक सेहत सुधारने के आठ आसान और विज्ञान सम्मत उपायकक्षाओं में सजा के बजाय जुड़ाव पर जोर, जानिए कैसे बदल रहा है स्कूलों का माहौलनांदेड में सुखबीर सिंह बादल पर हमले के बाद अखिलेश यादव ने महाराष्ट्र सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर दागे सवाल
बॉलीवुड की ये 7 फिल्में दिखाती हैं शादीशुदा जिंदगी के अनोखे रूप, थ्रिलर से लेकर कॉमेडी तक सब शामिलबॉलीवुड
12 अग॰ 2026, 11:32 pm (1 दिन पहले)· 0

बॉलीवुड की ये 7 फिल्में दिखाती हैं शादीशुदा जिंदगी के अनोखे रूप, थ्रिलर से लेकर कॉमेडी तक सब शामिल

शादी के बाद के रिश्तों पर बनीं बॉलीवुड की 7 बेहतरीन फिल्में, जिनमें कॉमेडी के अलावा सस्पेंस, शक और लालच के डरावने पहलू भी दिखाए गए हैं।

भारतीय सिनेमा ने वैवाहिक जीवन के ताने-बाने को कई अलग-अलग दृष्टिकोणों से पर्दे पर उतारा है। जब भी शादीशुदा जिंदगी या पति-पत्नी के संबंधों पर आधारित फिल्मों की चर्चा होती है, तो लोगों के दिमाग में आमतौर पर पारिवारिक ड्रामा या फिर ठहाकों से भरपूर कॉमेडी फिल्में ही आती हैं। लेकिन बॉलीवुड के कई निर्देशकों ने इस पारंपरिक सोच से आगे बढ़कर वैवाहिक रिश्तों में छुपे शक, लालच, मानसिक दबाव, गैर-महिला संबंधों और निस्वार्थ प्रेम जैसे गंभीर विषयों को भी बड़ी निडरता से दिखाया है। 'माई वाइफ्स मर्डर' जैसी साइकोलॉजिकल थ्रिलर से लेकर 'बीवी नंबर 1' जैसी पारिवारिक कॉमेडी तक, हिंदी सिनेमा में ऐसे कई प्रोजेक्ट्स बने हैं जिन्होंने दर्शकों को हंसाने के साथ-साथ हैरान भी किया है। आइए जानते हैं पति-पत्नी के रिश्तों के इर्द-गिर्द बुनी गई ऐसी ही 7 यादगार फिल्मों के बारे में, जिन्हें हर सिनेमा प्रेमी को जरूर देखना चाहिए।

1. 'बीवी नंबर 1': एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर पर डेविड धवन की ब्लॉकबस्टर कॉमेडी

वर्ष 1999 में सिनेमाघरों में आई निर्देशक डेविड धवन की फिल्म 'बीवी नंबर 1' पति-पत्नी के रिश्ते पर बनी सबसे लोकप्रिय और मनोरंजक फिल्मों में से एक है। इस फिल्म में सलमान खान ने प्रेम, करिश्मा कपूर ने पूजा और सुष्मिता सेन ने रूपाली का किरदार निभाया था। फिल्म की कहानी एक ऐसे शादीशुदा पुरुष के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी सीधी-सादी पत्नी और दो मासूम बच्चों को छोड़कर एक ग्लैमरस मॉडल के प्यार में पड़ जाता है। हालांकि, पत्नी अपने आत्मसम्मान से समझौता किए बिना अपनी समझदारी और चालाकी से पति को सही रास्ते पर वापस लाती है। यह फिल्म एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर जैसे संवेदनशील विषय को बहुत हल्के-फुल्के और हास्य भरे अंदाज में पेश करती है और पारिवारिक मूल्यों का एक मजबूत संदेश देती है।

ये भी पढ़ें

2. 'पति, पत्नी और वो': वैवाहिक जीवन में तीसरे इंसान का ड्रामा

शादीशुदा रिश्ते में जब किसी तीसरे व्यक्ति का प्रवेश होता है, तो उससे पैदा होने वाली उलझनों को वर्ष 1978 की क्लासिक फिल्म 'पति, पत्नी और वो' में बेहद रोचक तरीके से प्रस्तुत किया गया था। इस मूल फिल्म में संजीव कुमार, विद्या सिन्हा और रंजीता ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। इसी कहानी को वर्ष 2019 में आधुनिक अंदाज में दोबारा बनाया गया, जिसमें कार्तिक आर्यन, भूमि पेडनेकर और अनन्या पांडे नजर आए। कहानी एक आम शादीशुदा इंसान की है जो अपनी रोजमर्रा की जिंदगी की बोरियत से परेशान होकर अपनी सहकर्मी से झूठ बोलता है और अफेयर शुरू कर देता है। जब उसकी पत्नी को इस बात की भनक लगती है, तो झूठ का एक ऐसा जाल बनता है जो दर्शकों को हंसा-हंसाकर लोटपोट कर देता है। दोनों ही संस्करणों में इस विषय को बहुत ही मनोरंजक ढंग से पर्दे पर उतारा गया है।

3. 'माई वाइफ्स मर्डर': जब शादी का तनाव बना साइकोलॉजिकल थ्रिलर

यदि आपको लगता है कि वैवाहिक जीवन पर केवल हल्की-फुल्की या मजेदार फिल्में ही बन सकती हैं, तो वर्ष 2005 में आई राम गोपाल वर्मा की फिल्म 'माई वाइफ्स मर्डर' आपकी सोच को बदल देगी। अनिल कपूर और सुचित्रा कृष्णमूर्ति के अभिनय से सजी यह फिल्म शादीशुदा जिंदगी के डरावने और मानसिक रूप से असहज करने वाले पहलू को उजागर करती है। इसे इस सूची की सबसे जरूरी और 'मस्ट वॉच' फिल्म माना जा सकता है। कहानी एक ऐसे पति की है जो अपनी हर बात पर ताना मारने वाली और शक्की मिजाज पत्नी से बुरी तरह तंग आ चुका है। एक दिन तीखी बहस के दौरान अनजाने में उसकी पत्नी की मौत हो जाती है। इसके बाद पुलिस का खौफ, पछतावा और खुद को बेगुनाह साबित करने की जद्दोजहद पति के मेंटल ट्रॉमा को इस हद तक बढ़ा देती है कि दर्शकों की रूह कांप जाती है।

4. 'जुदाई': पैसों की हवस में टूटते रिश्तों का अनोखा ताना-बाना

वर्ष 1997 में रिलीज हुई निर्देशक राज कंवर की फिल्म 'जुदाई' बॉलीवुड की सबसे अनोखी और हैरान कर देने वाली कहानियों में गिनी जाती है। अनिल कपूर ने फिल्म में राज, श्रीदेवी ने काजल और उर्मिला मातोंडकर ने जाह्नवी का किरदार निभाया था। यह फिल्म इस बात को रेखांकित करती है कि कैसे अत्यधिक धन का लालच किसी खुशहाल परिवार को तबाह कर सकता है। कहानी एक महत्वाकांक्षी गृहिणी के इर्द-गिर्द घूमती है जो रातों-रात बेहद अमीर बनने के सपने देखती है। ज्यादा पैसों के लालच में आकर वह अपने सीधे-सादे पति की दूसरी शादी एक बेहद अमीर लड़की से कराने का सौदा तक कर लेती है। हालांकि, जब उसे बाद में अपने परिवार, प्यार और सम्मान के खोने का अहसास होता है, तो पछतावे का एक दर्दनाक दौर शुरू होता है।

5. 'चलते चलते': शादी के बाद की व्यावहारिक चुनौतियां और ईगो

अजीज मिर्जा के निर्देशन में वर्ष 2003 में बनी फिल्म 'चलते चलते' में शाहरुख खान ने राज और रानी मुखर्जी ने प्रिया का किरदार निभाया था। अधिकतर प्रेम कहानियां शादी के मोड़ पर आकर समाप्त हो जाती हैं, लेकिन यह फिल्म दिखाती है कि असल कहानी तो शादी के बाद शुरू होती है। फिल्म में बहुत ही यथार्थवादी ढंग से दिखाया गया है कि कैसे दो अलग-अलग सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाले लोग जब शादी करते हैं, तो आर्थिक तंगी, व्यक्तिगत ईगो और गलतफहमियां उनके रिश्ते में दरार डाल सकती हैं। फिल्म का पहला आधा हिस्सा एक खूबसूरत प्रेम कहानी दिखाता है, जबकि दूसरा हिस्सा शादी के बाद आने वाले व्यावहारिक तूफानों और उन्हें सुलझाने के लिए जरूरी परिपक्वता को दर्शाता है।

6. 'रब ने बना दी जोड़ी': निस्वार्थ प्रेम और समर्पण की मिसाल

वर्ष 2008 में सिनेमाघरों में आई आदित्य चोपड़ा की फिल्म 'रब ने बना दी जोड़ी' वैवाहिक रिश्ते की पवित्रता और निस्वार्थ प्रेम का एक अनुपम उदाहरण पेश करती है। शाहरुख खान ने इसमें सुरिंदर साहनी और राज का दोहरा अंदाज निभाया था, जबकि अनुष्का शर्मा तानी के किरदार में नजर आई थीं। कहानी एक ऐसी शादी पर आधारित है जो बेहद दुखद परिस्थितियों में अचानक संपन्न होती है। एक साधारण, शर्मीला और सीधा-सादा सरकारी कर्मचारी अपनी दुखी पत्नी के चेहरे पर मुस्कान लाने और उसका दिल जीतने के लिए 'राज' नाम के एक आधुनिक और कूल नवयुवक का भेष धारण करता है। यह फिल्म यह संदेश देती है कि सच्चा प्यार बाहरी दिखावे या चमक-धमक में नहीं, बल्कि अपने जीवनसाथी की खुशी के लिए खुद को पूरी तरह समर्पित कर देने में निहित है।

7. 'हम तुम्हारे हैं सनम': शक और कम्यूनिकेशन गैप का विनाशकारी असर

वर्ष 2002 में रिलीज हुई फिल्म 'हम तुम्हारे हैं सनम' इस बात की मिसाल है कि कैसे शक की एक छोटी सी चिंगारी पूरे वैवाहिक जीवन को खाक कर सकती है। इस फिल्म में शाहरुख खान ने गोपाल, माधुरी दीक्षित ने राधा और सलमान खान ने सूरज की भूमिका निभाई थी। फिल्म की पूरी कहानी वैवाहिक जीवन में सही बातचीत की कमी और असुरक्षा की भावना पर केंद्रित है। इसमें दिखाया गया है कि किस तरह एक पति को अपनी पत्नी की उसके बचपन के दोस्त के साथ घनिष्ठता पर बेबुनियाद शक होने लगता है। धीरे-धीरे यह वहम इस कदर बढ़ जाता है कि उनका हंसता-खेलता परिवार टूटने की कगार पर पहुंच जाता है। यह फिल्म सीख देती है कि किसी भी शादी को बचाए रखने के लिए आपसी विश्वास और साफ बातचीत कितनी अनिवार्य है।

सवाल-जवाब

इस सूची में पति-पत्नी के रिश्ते पर बनी कौन सी साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म शामिल है?
इस सूची में वर्ष 2005 की राम गोपाल वर्मा की फिल्म 'माई वाइफ्स मर्डर' शामिल है, जिसमें अनिल कपूर और सुचित्रा कृष्णमूर्ति ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं।
फिल्म 'बीवी नंबर 1' किस साल रिलीज हुई थी और इसके मुख्य कलाकार कौन हैं?
डेविड धवन द्वारा निर्देशित 'बीवी नंबर 1' वर्ष 1999 में रिलीज हुई थी, जिसमें सलमान खान, करिश्मा कपूर और सुष्मिता सेन मुख्य भूमिकाओं में थे।
फिल्म 'पति, पत्नी और वो' का मॉडर्न रीमेक किस साल रिलीज हुआ था?
फिल्म 'पति, पत्नी और वो' का modern रीमेक वर्ष 2019 में रिलीज हुआ था, जिसमें कार्तिक आर्यन, भूमि पेडनेकर और अनन्या पांडे ने काम किया था।
फिल्म 'जुदाई' की कहानी किस विषय पर आधारित है?
वर्ष 1997 की फिल्म 'जुदाई' (अनिल कपूर, श्रीदेवी, उर्मिला मातोंडकर) की कहानी पैसों के अत्यधिक लालच में टूटते पारिवारिक रिश्तों और पछतावे पर आधारित है।
शाहरुख खान की फिल्म 'चलते चलते' में शादी के बाद की क्या समस्याएं दिखाई गई हैं?
वर्ष 2003 की फिल्म 'चलते चलते' में दो अलग-अलग बैकग्राउंड के लोगों की शादी के बाद पैसों की तंगी, ईगो और गलतफहमियों जैसी व्यावहारिक समस्याओं को दिखाया गया है।
फिल्म 'हम तुम्हारे हैं सनम' क्या संदेश देती है?
यह फिल्म सिखाती है कि शादीशुदा रिश्ते में बेबुनियाद शक और कम्यूनिकेशन गैप रिश्ते को तोड़ सकता है, इसलिए आपस में भरोसा और साफ बातचीत बहुत जरूरी है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR