बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान सिनेमा जगत के सबसे महंगे अभिनेताओं में गिने जाते हैं। आमतौर पर किसी फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने के लिए उनका पारिश्रमिक 120 करोड़ रुपये से अधिक होता है। हालांकि, अपनी आगामी महत्वाकांक्षी फिल्म SVC 63 के लिए अभिनेता ने एक ऐसा कदम उठाया है जिसने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को चौंका दिया है। निर्देशक वामशी पैदिपल्ली के निर्देशन में बनने वाली इस फिल्म के लिए सलमान खान ने अपनी निर्धारित फीस में भारी कटौती करने पर सहमति जताई है। यह फिल्म वर्ष 2027 में ईद के खास मौके पर बड़े पर्दे पर रिलीज होने के लिए तैयार की जा रही है और इसकी शूटिंग जल्द ही शुरू होने वाली है।
दोस्ती की खातिर 50 करोड़ रुपये का डिस्काउंट
निर्माताओं के साथ हुई शुरुआती बातचीत में सलमान खान ने इस प्रोजेक्ट के लिए केवल 70 करोड़ रुपये चार्ज करने का फैसला किया है। पिछले दो दशकों से हर फिल्म के लिए 120 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा फीस वसूलने वाले अभिनेता ने इस बार सीधे 50 करोड़ रुपये की छूट दी है। इस फैसले के पीछे की मुख्य वजह उनका एक बेहद करीबी रिश्ता है। दरअसल, सलमान खान के पुराने मित्र रफी काजी इस प्रोजेक्ट को आकार देने में मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। इतना ही नहीं, रफी काजी इस फिल्म के सह-निर्माताओं की सूची में भी शामिल हैं। अपने पुराने दोस्त के इस प्रोजेक्ट से जुड़े होने के कारण ही भाईजान ने बिना किसी हिचकिचाहट के शुरुआती चरण में ही इतनी बड़ी रकम छोड़ने का मन बना लिया।
प्रॉफिट शेयरिंग और बैकएंड डील पर सस्पेंस
अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि फीस में इतनी बड़ी छूट देने के बदले में सलमान खान ने फिल्म के कुल मुनाफे में कोई हिस्सेदारी तय की है या नहीं। व्यावसायिक हलकों में फिलहाल किसी बैकएंड वित्तीय सौदे या प्रॉफिट शेयरिंग समझौते को लेकर कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है। यदि उनके पिछले करियर ट्रैक रिकॉर्ड को देखा जाए तो वर्ष 2010 में रिलीज हुई ब्लॉकबस्टर फिल्म 'दबंग' के बाद से सलमान खान ने मुख्य रूप से उन्हीं प्रोजेक्ट्स को पहली प्राथमिकता दी है जिनमें उनका अपना व्यावसायिक शेयर होता है। फिल्म 'दबंग' का निर्माण उनके भाई अरबाज खान ने किया था, जबकि 2011 में आई सुपरहिट फिल्म 'बॉडीगार्ड' की बागडोर उनकी बहन अलविरा खान अग्निहोत्री के हाथों में थी। इसके अलावा, उनकी अधिकतर फिल्में उनके पारिवारिक बैनर सलमान खान फिल्म्स (SKF) के तहत ही निर्मित होती रही हैं।
ओटीटी और सेटेलाइट अधिकारों से होने वाली भारी कमाई
जब भी सलमान खान किसी बाहरी निर्माता के साथ काम करते हैं, तो वे अपनी फीस के साथ-साथ फिल्म के डिजिटल और टेलीविजन अधिकारों पर विशेष पकड़ बनाए रखते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, वे या तो फिल्म के अधिकारों में बड़ा हिस्सा अपने पास रखते हैं या फिर ओटीटी (OTT) और सेटेलाइट राइट्स को पूरी तरह अपने नाम कर लेते हैं। इंडस्ट्री के जानकारों की मानें तो केवल इन ओटीटी और सेटेलाइट राइट्स का बाजार मूल्य लगभग 120 करोड़ रुपये से 140 करोड़ रुपये के बीच बैठता है। यश राज फिल्म्स (YRF) के साथ 'एक था टाइगर', 'टाइगर जिंदा है' और 'टाइगर 3' जैसी विशाल फ्रेंचाइजी फिल्मों के निर्माण के दौरान भी सलमान खान ने इसी तरह के विशेष व्यावसायिक समझौते किए थे। पूरी हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में इस प्रकार के अनोखे अधिकार और राजस्व शेयरिंग सौदे केवल सलमान खान और शाहरुख खान को ही मिलते आए हैं।
दोस्तों के लिए मुफ्त में काम करने का पुराना रिकॉर्ड
फिल्मों में अपनी नियमित फीस और अधिकारों से हटकर, सलमान खान का हिंदी सिनेमा में दोस्तों की मदद के लिए बिना किसी आर्थिक लाभ के काम करने का एक लंबा इतिहास रहा है। उन्होंने कई अवसरों पर अपने साथी कलाकारों की फिल्मों में कैमियो रोल और विशेष प्रस्तुतियां बिना एक भी रुपया लिए की हैं। उदाहरण के तौर पर, उन्होंने अजय देवगन की फिल्मों में कई बार बिन मांगे स्पेशल अपीयरेंस दिए हैं। इसके अलावा, उन्होंने रितेश देशमुख की महत्वाकांक्षी फिल्म 'राजा शिवाजी' के लिए भी बिना फीस काम करने का फैसला लिया। अजय देवगन ने एक बार एक बातचीत के दौरान खुलासा किया था कि जब उनकी फिल्म 'सन ऑफ सरदार' के लोकप्रिय गाने 'पो पो' की शूटिंग होनी थी, तब सलमान खान ने डांस नंबर में शामिल होने के लिए कोई भी पैसा लेने से साफ इनकार कर दिया था। उस वक्त सलमान ने सिर्फ इतना कहा था कि तू भाई है मेरा, मैं दोस्तों से पैसे नहीं लेता।



















