बॉलीवुड में मानसून की दस्तक के साथ ही विरह और अधूरी मोहब्बत से भरे गीतों का दौर शुरू हो जाता है. इनमें साल 1989 में रिलीज हुई फिल्म चांदनी का सदाबहार गीत लगी आज सावन की फिर वो झड़ी है आज भी सबसे आगे खड़ा नजर आता है. मशहूर निर्माता यश चोपड़ा के निर्देशन में बनी इस फिल्म का यह गाना सिर्फ एक बरसाती गीत नहीं है, बल्कि यह प्रेम में बिछड़न और पुरानी यादों के दर्द को बखूबी बयां करता है.
बरसात में यादों का जरिया बना संगीत
फिल्म में विनोद खन्ना और श्रीदेवी पर फिल्माया गया यह गीत सावन की बूंदों के साथ दिल की कसक को सामने लाता है. गीत के भावपूर्ण बोल और संगीत श्रोताओं को एक अलग ही भावनात्मक अहसास से जोड़ देते हैं. यही वजह है कि रिलीज के 37 साल बाद भी हर सावन में यह ट्रैक रेडियो, टेलीविजन, म्यूजिक प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर खूब सुना जाता है.
मानसून के अन्य सदाबहार बॉलीवुड गीत
हिंदी सिनेमा में बारिश और संगीत का रिश्ता बेहद गहरा रहा है. अमिताभ बच्चन पर फिल्माया गया और किशोर कुमार तथा लता मंगेशकर की आवाज में सजा गाना रिमझिम गिरे सावन भी मुंबई की असली बारिश में शूट हुआ एक और क्लासिक ट्रैक माना जाता है. लेकिन चांदनी का यह गीत प्रेमियों के बीच अपने अनूठे दर्द और विरह के अहसास के कारण हमेशा खास स्थान रखता है.



















