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जब हिमानी शिवपुरी के अभिनय ने बदला 'हम आपके हैं कौन' का ताना-बाना, निर्देशक ने खास तौर पर जोड़ा था नया किरदारबॉलीवुड
25 अक्तू॰ 2026, 9:44 am (3 दिन पहले)· 2

जब हिमानी शिवपुरी के अभिनय ने बदला 'हम आपके हैं कौन' का ताना-बाना, निर्देशक ने खास तौर पर जोड़ा था नया किरदार

थिएटर के मंच पर हिमानी शिवपुरी की अदाकारी देखकर निर्देशक सूरज बड़जात्या इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अपनी कल्ट फिल्म 'हम आपके हैं कौन' की तैयार पटकथा में बदलाव कर एक नया किरदार जोड़ दिया था।

भारतीय सिनेमा और रंगमंच की दुनिया में हिमानी शिवपुरी एक ऐसा नाम हैं, जिन्होंने अपनी स्वाभाविक अदाकारी से हर छोटे-बड़े किरदार को जीवंत बना दिया। नब्बे के दशक के पारिवारिक और हास्य सिनेमा में उनकी मौजूदगी दृश्यों में जान फूंक देती थी। बहुत कम लोग जानते हैं कि हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी पारिवारिक फिल्मों में शुमार 'हम आपके हैं कौन' में उनकी एंट्री योजनाबद्ध नहीं थी, बल्कि उनके बेजोड़ रंगमंच अभिनय का सीधा नतीजा थी। इस क्लासिक फिल्म की पूरी कहानी पहले ही फाइनल हो चुकी थी, लेकिन एक नाटक ने निर्देशक को अपनी स्क्रिप्ट बदलने पर विवश कर दिया।

थिएटर की बुनियाद और देहरादून से नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा तक का सफर

हिमानी शिवपुरी का जन्म 24 अक्टूबर 1960 को उत्तराखंड के खूबसूरत शहर देहरादून में हुआ था। उन्हें साहित्य और कला के संस्कार अपने घर से ही मिले। उनके पिता डॉ. हरिदत्त भट्ट 'शैलेश' एक प्रसिद्ध लेखक और शिक्षक थे। हिमानी की शुरुआती पढ़ाई देहरादून के प्रसिद्ध दून स्कूल में पूरी हुई थी। पढ़ाई के दौरान ही उनका झुकाव नाटकों और अभिनय की ओर होने लगा था।

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कला के प्रति इसी गहरे लगाव के चलते उन्होंने अभिनय को पूर्णकालिक करियर बनाने का फैसला किया और देश के प्रतिष्ठित संस्थान नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) में दाखिला ले लिया। नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में रहकर उन्होंने अभिनय के हर सूक्ष्म पहलू को बारीकी से समझा और सालों तक रंगमंच की दुनिया में सक्रिय रहीं। सिनेमा में बड़ा मुकाम पाने के बाद भी हिमानी का पहला प्यार हमेशा रंगमंच ही बना रहा।

नाटक 'अजहर का ख्वाब' और करियर को नया मोड़

हिमानी शिवपुरी के पेशेवर सफर में सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब वह मंच पर 'अजहर का ख्वाब' नामक नाटक का मंचन कर रही थीं। उसी शाम दर्शकों के बीच जाने-माने फिल्म निर्देशक सूरज बड़जात्या भी मौजूद थे, जो उस दौरान अपनी महत्वाकांक्षी फिल्म 'हम आपके हैं कौन' की तैयारियों में जुटे हुए थे। मंच पर हिमानी का अभिनय, उनके संवाद अदायगी का लहजा और भाव-भंगिमाएं देखकर बड़जात्या दंग रह गए।

खुद हिमानी शिवपुरी ने एक साक्षात्कार में इस दिलचस्प घटना को साझा किया था। उनके अनुसार, निर्देशक सूरज बड़जात्या ने उनसे साफ कहा था कि उनकी फिल्म का ताना-बाना और स्क्रिप्ट पूरी तरह लिखी जा चुकी थी। मगर नाटक में उनकी प्रतिभा देखने के बाद वह इतने मुरीद हो गए कि उन्होंने तैयार पटकथा में एक नया मुस्लिम किरदार जोड़ने का फैसला किया। निर्देशक का यह कदम किसी भी अभिनेता की कला के प्रति बहुत बड़ा सम्मान था।

सफलता की नई इबारत और यादगार फिल्मों की लंबी फेहरिस्त

'हम आपके हैं कौन' बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक साबित हुई और इस फिल्म की अप्रत्याशित सफलता ने हिमानी शिवपुरी के लिए बॉलीवुड में अनगिनत दरवाजे खोल दिए। इसके बाद वह कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों का अटूट हिस्सा बन गईं। उन्होंने 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे', 'कुछ कुछ होता है' और 'परदेस' जैसी सदाबहार फिल्मों में चरित्र भूमिकाएं निभाकर दर्शकों का दिल जीता।

चरित्र किरदारों के साथ-साथ कॉमेडी जॉनर में भी उनकी टाइमिंग लाजवाब रही। 'हीरो नंबर 1', 'बीवी नंबर 1' और 'एक और एक ग्यारह' जैसी लोकप्रिय फिल्मों में उनके किरदारों ने दर्शकों को जमकर हंसाया। हिमानी शिवपुरी ने यह साबित किया कि स्क्रीन टाइम चाहे जितना भी हो, एक सच्चा कलाकार अपने समर्पण और हुनर से हर भूमिका को हमेशा के लिए अमर बना सकता है।

सवाल-जवाब

हिमानी शिवपुरी का जन्म कब और कहां हुआ था?
हिमानी शिवपुरी का जन्म 24 अक्टूबर 1960 को देहरादून में हुआ था।
हिमानी शिवपुरी के पिता कौन थे?
उनके पिता डॉ. हरिदत्त भट्ट 'शैलेश' थे, जो एक जाने-माने लेखक और शिक्षक थे।
हिमानी शिवपुरी ने अभिनय की औपचारिक शिक्षा कहां से ली?
उन्होंने अपनी अभिनय की पढ़ाई देश के प्रतिष्ठित संस्थान नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) से पूरी की।
सूरज बड़जात्या ने हिमानी शिवपुरी का कौन सा नाटक देखा था?
सूरज बड़जात्या ने हिमानी शिवपुरी का नाटक 'अजहर का ख्वाब' देखा था।
सूरज बड़जात्या ने 'हम आपके हैं कौन' की स्क्रिप्ट में क्या बदलाव किया था?
उन्होंने हिमानी की अदाकारी से प्रभावित होकर पहले से तैयार स्क्रिप्ट में एक नया मुस्लिम किरदार जोड़ा था।
हिमानी शिवपुरी की कुछ प्रमुख 90 के दशक की फिल्में कौन सी हैं?
उनकी प्रमुख फिल्मों में 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे', 'कुछ कुछ होता है', 'परदेस', 'हीरो नंबर 1' और 'बीवी नंबर 1' शामिल हैं।
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टिप्पणियाँ 5

Rohan Gupta@rohan-gupta·3 दिन पहले

हिमानी जी का अभिनय वाकई कमाल का है। सूरज बड़जात्या ने सिर्फ एक नाटक देखकर उनके लिए स्क्रिप्ट बदल दी थी, यह बात जानकर बहुत अच्छा लगा। टैलेंट हो तो रास्ते अपने आप बन जाते हैं।

Aisha Khan@aisha-khan·3 दिन पहले

सूरज बड़जात्या ने सिर्फ एक नाटक देखकर स्क्रिप्ट बदल दी, यह बात जानकर वाकई बहुत मज़ा आया।

Priya Sharma@priya-sharma·3 दिन पहले

अरे आयशा, सच कहा! मैंने जब कॉलेज के दिनों में उनका नाटक 'अजहर का ख्वाब' देहरादून में देखा था, तभी समझ आ गया था कि वह परदे पर भी कमाल कर देंगी।

Tanvi Desai@tanvi-desai·3 दिन पहले

सूरज बड़जात्या ने सिर्फ नाटक देखकर किरदार जोड़ दिया, बात थोड़ी हजम नहीं होती।

Sneha Kulkarni@sneha-kulkarni·3 दिन पहले

तन्वी जी, एनएसडी के कलाकारों का रुतबा ही अलग होता है। सूरज बड़जात्या ने 'राजश्री' की फिल्मों में हमेशा दमदार अभिनय को तरजीह दी है, तो इसमें हैरानी कैसी!

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