‘तुमसे बढ़कर दुनिया में ना देखा कोई और’ और ‘तुझ संग प्रीत लगाई सजना’, ये गाने आज भी कानों में पड़ते ही दिल में मोहब्बत के अरमान जगा देते हैं। प्यार एक नाजुक अहसास है और अपने महबूब के सामने दिल की बात कहना हर किसी के बस की नहीं। ऐसे में गाने ही जज्बात का सहारा बनते हैं। साल 1982 में आई एक फिल्म के गानों के साथ कुछ ऐसा ही जादू जुड़ा है, जिन पर आज सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा रील्स बनती हैं। दिलचस्प बात यह है कि इसी कहानी पर एक और फिल्म भी बनी, लेकिन वो बुरी तरह नाकाम रही। बात हो रही है ‘कामचोर’ और ‘राजा जी’ की।
पहले बात करते हैं ‘कामचोर’ की, जो 24 दिसंबर 1982 को सिनेमाघरों में पहुंची थी। इसका निर्देशन के. विश्वनाथ ने किया था और लीड रोल में राकेश रोशन तथा जया प्रदा की जोड़ी थी। फिल्म की कहानी और स्क्रीनप्ले खुद के. विश्वनाथ ने लिखे, जबकि संवाद जैनेंद्र जैन के थे। निर्माता की कुर्सी पर राकेश रोशन खुद बैठे थे।
गानों ने दिलाई कामयाबी
फिल्म का संगीत राजेश रोशन ने तैयार किया और यादगार गाने गीतकार इंदीवर की कलम से निकले। ‘कामचोर’ का म्यूजिक सुपरहिट साबित हुआ और फिल्म की कामयाबी का बड़ा श्रेय जया प्रदा के साथ इन्हीं गानों को गया। फिल्म में कुल पांच गाने थे, जिनमें से दो ने खूब धूम मचाई। ये गाने थे ‘तुमसे बढ़कर दुनिया में ना देखा कोई और, जुबां पर आज दिल की बात आ गई’ और ‘तुझ संग प्रीत लगाई सजना’। दोनों को किशोर कुमार ने अपनी आवाज दी थी। ‘तुमसे बढ़कर दुनिया में ना देखा कोई’ किशोर कुमार और अलका याज्ञनिक का ड्यूएट होने के साथ-साथ सोलो वर्जन में भी मौजूद था।
परदे के पीछे की नाराजगी
फिल्म में सुरेश ओबेरॉय, सुजीत कुमार, श्रीराम लागू और तनूजा भी अहम किरदारों में नजर आए। हालांकि सुरेश ओबेरॉय अपने रोल से खुश नहीं थे और इसके बाद उन्होंने राकेश रोशन के साथ दोबारा काम नहीं किया। फिल्म में दिखीं नीता मेहता ने भी रिलीज के बाद राकेश रोशन पर जमकर नाराजगी जताई थी। उनका आरोप था कि फिल्म से उनके कई सीन हटा दिए गए।
‘कामचोर’ असल में के. विश्वनाथ की ही 1980 में आई एक तेलुगू फिल्म का रीमेक थी। संगीत राकेश रोशन के बड़े भाई राजेश रोशन ने रचा था। इस फिल्म में राकेश रोशन के भतीजे का किरदार सोनू निगम ने निभाया था, जो आगे चलकर मशहूर प्लेबैक सिंगर बने। बॉक्स ऑफिस पर ‘कामचोर’ ने जबरदस्त कमाई की और मैसिव हिट साबित हुई।
17 साल बाद बनी ‘राजा जी’
इसी कहानी को आधार बनाकर पूरे 17 साल बाद ‘राजा जी’ नाम से एक कॉमेडी ड्रामा फिल्म तैयार की गई। इसके निर्माता और निर्देशक विमल कुमार थे, जबकि लीड रोल में गोविंदा और रवीना टंडन की जोड़ी थी। फिल्म 21 मई 1999 को रिलीज हुई। इसका संगीत आनंद-मिलिंद और विश्वजीत मुखर्जी ने दिया और गीत समीर ने लिखे। फिल्म में 41:07 मिनट के कुल आठ गाने थे और इसका म्यूजिक भी हिट रहा। ‘राजा चलो अकेले में’ और ‘सासू जी थारो लल्ला मचाए यार हल्ला’ जैसे गाने लोगों की जुबान पर चढ़े।
क्यों पिट गई फिल्म
‘राजा जी’ काफी हद तक ‘कामचोर’ से प्रेरित थी, लेकिन दर्शक इसकी कहानी से जुड़ नहीं पाए। फिल्म का बजट करीब 4.75 करोड़ रुपये था और इसने बॉक्स ऑफिस पर 7.57 करोड़ रुपये की कमाई की। नतीजा यह रहा कि फिल्म फ्लॉप साबित हुई। यानी एक ही कहानी पर बनी दो फिल्मों में से एक ने इतिहास रच दिया और दूसरी गुमनामी में खो गई।













