भारत और बांग्लादेश के बीच कूटनीतिक मोर्चे पर जारी तनातनी के दौर के बीच अब रिश्तों की बर्फ पिघलने की उम्मीद बंध गई है। बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी का मानना है कि दोनों पड़ोसी देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच होने वाली सीधी बातचीत से तमाम पेचीदा मसले सुलझ जाएंगे। ढाका स्थित इंडियन वीजा एप्लीकेशन सेंटर में बच्चों के खेलने के क्षेत्र के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए यह बात कही।
लोकप्रिय नेताओं के मेल से सुलझेंगी मुश्किलें
दिनेश त्रिवेदी ने बताया कि उन्होंने कई मौकों पर बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को सुना है और उनकी कार्यशैली में जनसमर्थन की झलक मिलती है, ठीक उसी तरह जैसे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता से सीधे जुड़े हुए हैं। उनका साफ कहना था कि जब भी दो ऐसे कद्दावर और जनप्रिय नेता आपस में बैठते हैं, तो आपसी अड़चनें और जटिलताएं खुद-ब-खुद दूर होने लगती हैं। कूटनीतिक दायरे में नकारात्मकता को किनारे रखकर सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की जरूरत पर उन्होंने जोर दिया।
तीस्ता और गंगा जल समझौते पर टकटकी
शेख हसीना के बयानों की वजह से दोनों देशों के बीच पिछले दिनों जो दूरियां बढ़ी थीं, उन्हें पाटने के प्रयास अब तेज हो गए हैं। इस उच्च स्तरीय संवाद की प्रक्रिया से तीस्ता नदी के जल बंटवारे और गंगा जल संधि के नवीनीकरण जैसे बहुप्रतीक्षित मामलों में ठोस सहमति बनने की आस जग गई है। भारतीय उच्चायुक्त का मानना है कि बांग्लादेशी प्रधानमंत्री की संभावित भारत यात्रा से दोनों मुल्कों के दरमियान रणनीतिक साझेदारी और आपसी भरोसे को एक नई ऊंचाई मिलेगी।
वैश्विक मंचों पर होगी अहम भेंट
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, फरवरी 2026 में कार्यभार संभालने के फौरन बाद ही तारिक रहमान को भारत आने का आधिकारिक बुलावा भेजा गया था। इसके साथ ही, बिम्सटेक के मौजूदा अध्यक्ष के तौर पर भारत ने उन्हें नई दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के विशेष आउटरीच सत्र में शिरकत करने का निमंत्रण भी दिया है। दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के सात सदस्य देशों को एक सूत्र में पिरोने वाले बिम्सटेक मंच के जरिए दोनों देशों के पास द्विपक्षीय संबंधों को एक नई दिशा देने का बेहतरीन मौका होगा।


















