बॉलीवुड के प्रतिष्ठित निर्देशक राजकुमार संतोषी ने भारतीय सिनेमा के महान अभिनेता धर्मेंद्र के साथ कभी काम न कर पाने पर अपना गहरा अफसोस व्यक्त किया है। हालांकि दोनों के बीच काफी अच्छे संबंध थे और वे एक-दूसरे के बेहद करीब थे, लेकिन इसके बावजूद राजकुमार संतोषी अपने पूरे करियर में धर्मेंद्र को किसी फिल्म में निर्देशित नहीं कर सके। इस अधूरी ख्वाहिश का दर्द आज भी उनके मन में एक कसक बनकर बना हुआ है। हाल ही में एक बातचीत के दौरान उन्होंने धर्मेंद्र को याद करते हुए अपने दिल की बात साझा की और बताया कि जब भी वह इस छूटे हुए मौके के बारे में सोचते हैं, तो उनका मन पूरी तरह से भर आता है।
अधूरी ख्वाहिश को याद कर रो पड़ते हैं राजकुमार संतोषी
राजकुमार संतोषी ने बताया कि धर्मेंद्र के साथ काम करने का मौका हाथ से निकल जाना उनके जीवन के सबसे बड़े पछतावों में से एक है। उन्होंने कहा कि अक्सर जब वे अकेले में बैठते हैं और विचार करते हैं कि इतनी अच्छी जान पहचान होने के बाद भी वे धर्मेंद्र के साथ एक भी फिल्म क्यों नहीं बना पाए, तो वे अपने आंसुओं को रोक नहीं पाते हैं। उनके लिए यह सिर्फ एक परियोजना को खो देने का विषय नहीं था, बल्कि एक ऐसे विलक्षण कलाकार के साथ काम करने का सुअवसर गंवा देने की बात थी, जिनके प्रति उनके मन में असीम श्रद्धा और सम्मान था।
धर्मेंद्र की अदाकारी और प्रचार से दूर रहने की शैली
दिग्गज अभिनेता को श्रद्धांजलि देते हुए राजकुमार संतोषी ने कहा कि धर्मेंद्र न केवल एक असाधारण कलाकार थे, बल्कि इंसान भी बहुत दरियादिल और सहृदय थे। संतोषी के अनुसार, धर्मेंद्र की अभिनय क्षमता का जितना मूल्यांकन होना चाहिए था, उतना कभी नहीं हो सका। इसका सबसे बड़ा कारण यह था कि धर्मेंद्र ने कभी अपनी फिल्मों या अपनी अदाकारी का ढिंढोरा नहीं पीटा। वे बिना किसी शोर-शराबे के खामोशी से अपना काम करते रहे और विभिन्न शैलियों की फिल्मों में अपनी गहरी छाप छोड़ी।
संतोषी ने आगे रेखांकित किया कि धर्मेंद्र किसी एक विशेष प्रकार के अभिनय के ढांचे में सीमित होकर नहीं रहे। उन्होंने सिनेमा जगत के अलग-अलग मिजाज वाले महान निर्देशकों के साथ काम किया। एक ओर जहां उन्होंने मनमोहन देसाई की मसाला और एक्शन फिल्मों के माध्यम से दर्शकों का मनोरंजन किया, वहीं दूसरी ओर ऋषिकेश मुखर्जी और विमल रॉय की गंभीर तथा संवेदनशील फिल्मों में अपनी उत्कृष्ट अदाकारी का लोहा मनवाया।
2025 में जुहू स्थित घर पर हुआ था निधन
भारतीय सिनेमा के इस महान स्तंभ का 24 नवंबर 2025 को 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। उन्होंने मुंबई के जुहू क्षेत्र में स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली थी। उनके जाने के बाद पूरे फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई थी और कई बड़े कलाकारों तथा निर्देशकों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की थी। राजकुमार संतोषी भी उनके जाने के बाद से लगातार विभिन्न अवसरों पर उन्हें याद करते रहते हैं और उनके महान व्यक्तित्व को नमन करते हैं।
सनी देओल के साथ बनाई फिल्म 'बंटवारा 1947'
यद्यपि राजकुमार संतोषी की धर्मेंद्र को डायरेक्ट करने की इच्छा अधूरी रह गई, लेकिन उन्होंने धर्मेंद्र के बड़े बेटे सनी देओल के साथ हाल ही में काम किया। राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी फिल्म 'बंटवारा 1947' में सनी देओल ने मुख्य भूमिका निभाई थी। इस मल्टी-स्टारर फिल्म में सनी देओल के अलावा प्रीति जिंटा, शबाना आजमी, करण देओल, अली फजल और अभिमन्यु सिंह जैसे कलाकारों ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई थीं। यह फिल्म 14 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुई थी, जिसे दर्शकों तथा फिल्म समीक्षकों की तरफ से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं प्राप्त हुई थीं।



















