सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (सिंटा) के भीतर का विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। संस्था के 11 कार्यकारी सदस्यों के एक साथ अपने पदों से पीछे हटने के बाद मौजूदा कमेटी पूरी तरह भंग हो चुकी है। इस बड़े घटनाक्रम के बीच वरिष्ठ अभिनेत्री उपासना सिंह ने संगठन के कामकाज और वरिष्ठ पदाधिकारियों के रवैये को लेकर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संस्था के अंदर लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा था और बिना किसी सहमति अथवा पूर्व सूचना के सदस्यों के पद बदले जा रहे थे।
सिंटा में अंदरूनी कलह और 11 सदस्यों का सामूहिक इस्तीफा
संगठन में बढ़ते असंतोष के कारण मुकेश ऋषि, पुनीत इस्सर और विंदू दारा सिंह सहित कुल 11 कार्यकारिणी सदस्यों ने अपना त्यागपत्र सौंपा है। इस्तीफा देने वाले सदस्यों का स्पष्ट कहना है कि संस्था में किसी भी महत्वपूर्ण मुद्दे पर सहमति नहीं बनाई जाती थी और फैसले अकेले ही थोप दिए जाते थे। बिना नोटिस दिए प्रशासनिक बदलाव करने की प्रथा से नाराज होकर सदस्यों ने यह कदम उठाया। उपासना सिंह का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर इस्तीफे होने के बाद अब कमेटी का अस्तित्व समाप्त हो गया है।
अंग्रेजी न आने पर अपमान और कैरेक्टर आर्टिस्ट का ठप्पा
उपासना सिंह ने बैठकों के दौरान हुए कथित दुर्व्यवहार की परतें खोलते हुए कहा कि उन्हें भाषा के आधार पर नीचा दिखाया गया। अंग्रेजी में पारंगत न होने के कारण उनके लिए 'ऐरा-गैरा' जैसे अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया। उन्होंने पूनम ढिल्लो और पद्मिनी कोल्हापुरे पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि उनसे कहा गया कि वह महज एक कैरेक्टर आर्टिस्ट हैं, जबकि वे खुद को स्टार मानती हैं। उपासना सिंह ने इस वर्गीकरण पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे शब्दों का इस्तेमाल केवल दूसरों को हीन भावना महसूस कराने के लिए किया गया।
छोटे शहर से वैश्विक पहचान तक का सफर
अपने करियर और नीयत को साफ करते हुए उपासना सिंह ने कहा कि वह श्यारपुर जैसे एक छोटे से शहर से आई थीं और उन्होंने इस उद्योग में शून्य से अपनी यात्रा शुरू की थी। आज यदि विश्वभर में लोग उन्हें पहचानते हैं, तो यह सिर्फ उनके काम और करियर की बदौलत है। उन्होंने बताया कि सिंटा से जुड़ने का उनका एकमात्र उद्देश्य फिल्म उद्योग को वापस लौटाना था। वह सिर्फ कलाकारों ही नहीं, बल्कि तकनीशियनों और पूरी इंडस्ट्री के कल्याण के लिए काम करना चाहती थीं।
दीपक पराशर के साथ बदसलूकी और अस्पताल में भर्ती होने की नौबत
बैठकों के माहौल पर बात करते हुए उपासना सिंह ने एक अन्य वरिष्ठ अभिनेता दीपक पराशर से जुड़ी घटना का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि दीपक पराशर को भी अंग्रेजी न आने के ताने दिए गए थे। सीपी ठाकुर के साथ हुई कथित बदसलूकी के बाद दीपक पराशर बेहद आहत हुए और रोते हुए बैठक से बाहर निकल गए। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि उनके शरीर में तेज दर्द शुरू हो गया और उपासना सिंह को उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा। उपासना सिंह के अनुसार, सदस्य पिछले ढाई सालों से इस अपमानजनक स्थिति को सहन कर रहे थे और जब बर्दाश्त की सीमा पार हो गई, तो इस्तीफा देना ही एकमात्र रास्ता बचा।



















