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राजस्थान पुलिस को लव एंड वॉर केस में नहीं मिले सबूत, संजय लीला भंसाली को बड़ी राहतबॉलीवुड
1 अग॰ 2026, 1:19 am (3 घंटे पहले)· 0

राजस्थान पुलिस को लव एंड वॉर केस में नहीं मिले सबूत, संजय लीला भंसाली को बड़ी राहत

राजस्थान पुलिस ने फिल्म लव एंड वॉर से जुड़े धोखाधड़ी मामले में जांच के बाद क्लोजर रिपोर्ट तैयार कर ली है। सबूत न मिलने के कारण अब संजय लीला भंसाली और उनकी टीम को इस कानूनी विवाद से राहत मिलती दिख रही है।

प्रसिद्ध फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली और उनकी निर्माण टीम को एक बड़े कानूनी मामले में राहत मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। राजस्थान पुलिस ने आगामी हिंदी फिल्म लव एंड वॉर की शूटिंग से जुड़े धोखाधड़ी के आरोपों की गहन पड़ताल के बाद अदालत में क्लोजर रिपोर्ट जमा करने का निर्णय लिया है। पुलिस जांच अधिकारियों के अनुसार मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं पाया गया है। जिसके कारण मामले को समाप्त करने के लिए अंतिम नकारात्मक रिपोर्ट तैयार की गई है। इस रिपोर्ट के आने से भंसाली के साथ ही उनकी कंपनी के दो वरिष्ठ सहयोगियों के लिए कानूनी संकट कम होता दिख रहा है।

बीकानेर पुलिस जांच और क्लोजर रिपोर्ट की प्रक्रिया

बिछवाल पुलिस स्टेशन द्वारा की गई विस्तृत जांच के बाद पुलिस प्रशासन ने निष्कर्ष निकाला है कि आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा चलाने योग्य प्रमाण मौजूद नहीं हैं। कानून की भाषा में नेगेटिव फाइनल रिपोर्ट का तात्पर्य यह होता है कि जांच एजेंसी को दर्ज एफआईआर के आधार पर आरोपियों को दोषी सिद्ध करने लायक सामग्री हासिल नहीं हुई है। अब यह निर्णय संबंधित ट्रायल कोर्ट के पाले में चला गया है जहां जज महोदय तय करेंगे कि पुलिस द्वारा प्रस्तुत क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार किया जाए या मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं।

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इसी बीच राजस्थान उच्च न्यायालय ने संजय लीला भंसाली प्रोडक्शन मैनेजर उत्कर्ष बाली तथा अरविंदर गिल द्वारा दायर उस याचिका पर आगे की कार्यवाही करने से इनकार कर दिया जिसमें एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई थी। उच्च न्यायालय की पीठ ने स्पष्ट किया कि मामले की वर्तमान स्थिति को देखते हुए इसमें हस्तक्षेप करने की आवश्यकता प्रतीत नहीं होती है। हालांकि अदालत ने याचिकाकर्ताओं को यह अधिकार दिया है कि वे उपयुक्त समय पर सक्षम ट्रायल कोर्ट के समक्ष अपने पक्ष में सभी जरूरी कानूनी तर्क रख सकते हैं।

लाइन प्रोड्यूसर प्रतीक राज माथुर के गंभीर आरोप

इस विवाद का आरंभ 1 सितंबर 2025 को हुआ था जब बीकानेर शहर के बिछवाल पुलिस स्टेशन में संजय लीला भंसाली और उनके दो सहयोगियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता प्रतीक राज माथुर हैं जो एक फिल्म निर्माण और हॉस्पिटैलिटी सेवा कंपनी के संस्थापक हैं तथा राजस्थान में लाइन प्रोडक्शन का कार्य संभालते हैं। पुलिस में दर्ज कराई गई इस एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। इनमें धारा 318(4) धोखाधड़ी धारा 61(2) आपराधिक साजिश धारा 352 जानबूझकर अपमान और धारा 351(2) आपराधिक धमकी शामिल हैं।

प्रतीक राज माथुर ने अपने शिकायती पत्र में दावा किया था कि नवंबर 2024 में संजय लीला भंसाली की टीम के मैनेजर उत्कर्ष बाली ने उनसे संपर्क साधा था। उत्कर्ष बाली ने उन्हें आश्वासन दिया था कि आने वाली बड़ी फिल्म लव एंड वॉर के लिए राजस्थान शेड्यूल के दौरान उन्हें मुख्य लाइन प्रोड्यूसर के रूप में अनुबंधित किया जाएगा। इस आश्वासन के आधार पर माथुर को राज्य में शूटिंग स्थल की सुरक्षा सुरक्षा गार्डों के प्रबंध तथा लॉजिस्टिक्स से जुड़ी संपूर्ण तैयारियों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

माथुर का आरोप था कि उन्होंने भंसाली की टीम के निर्देशों का पालन करते हुए जमीनी स्तर पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं आरंभ कर दीं और इस प्रक्रिया में भारी मात्रा में खर्च किए। हालांकि उनका दावा है कि कुछ समय बाद प्रोडक्शन हाउस ने उन्हें सूचित किए बिना किसी अन्य व्यक्ति को लाइन प्रोड्यूसर नियुक्त कर दिया। इसके अतिरिक्त शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि जब उन्होंने अपनी सेवाओं के बदले हुए बकाये का भुगतान मांगा तो प्रोडक्शन टीम के सदस्यों ने उन्हें डराया व धमकाया।

भंसाली की टीम का स्पष्टीकरण और 2 लाख रुपये का विवाद

संजय लीला भंसाली और उनकी प्रोडक्शन टीम के अन्य सदस्यों ने प्रतीक राज माथुर द्वारा लगाए गए सभी आरोपों का सिरे से खंडन किया है। भंसाली की ओर से अदालत के समक्ष तर्क दिया गया कि माथुर के साथ हुई बातचीत केवल शुरुआती दौर की थी और यह व्यवसायिक संभावनाओं को टटोलने के स्तर पर थी। उनके बीच कोई औपचारिक या अंतिम अनुबंध हस्ताक्षरित नहीं हुआ था।

याचिकाकर्ताओं ने माथुर द्वारा किए गए लगभग 2 लाख रुपये के व्यय के दावे पर भी गंभीर सवाल उठाए। भंसाली की टीम का कहना था कि माथुर ने यदि कोई राशि खर्च की भी थी तो वह बिना किसी पूर्व स्वीकृति या लिखित अनुमति के की गई थी। इसके लिए निर्माण टीम उत्तरदायी नहीं है। भंसाली के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि यह शुद्ध रूप से एक व्यावसायिक लेन देन से जुड़ा आपसी मतभेद है जिसे आपराधिक रूप देने का प्रयास किया गया था। फिल्म लव एंड वॉर में मुख्य भूमिकाओं में रणबीर कपूर विक्की कौशल और आलिया भट्ट जैसे बड़े सितारे शामिल हैं जिसके कारण इस मामले ने बॉलीवुड में काफी सुर्खियां बटोरी थीं। पुलिस की इस क्लोजर रिपोर्ट के बाद भंसाली और उनकी टीम को बड़ी कानूनी राहत मिलना लगभग तय माना जा रहा है।

सवाल-जवाब

संजय लीला भंसाली को किस मामले में राहत मिली है?
राजस्थान पुलिस ने फिल्म लव एंड वॉर से जुड़े धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी के आरोपों में पर्याप्त सबूत न मिलने पर अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने का फैसला किया है।
यह एफआईआर किसने और कहां दर्ज कराई थी?
यह एफआईआर लाइन प्रोड्यूसर प्रतीक राज माथुर ने 1 सितंबर 2025 को बीकानेर के बिछवाल पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी।
शिकायतकर्ता ने संजय लीला भंसाली की टीम पर क्या आरोप लगाए थे?
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उन्हें लव एंड वॉर के लिए लाइन प्रोड्यूसर बनाने का भरोसा देकर लॉजिस्टिक्स का काम कराया गया फिर किसी अन्य को रख लिया गया और बकाया पैसे मांगने पर धमकी दी गई।
पुलिस की नेगेटिव फाइनल रिपोर्ट का क्या अर्थ होता है?
इसका मतलब है कि जांच एजेंसी को आरोपियों के खिलाफ अदालत में मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं और अब ट्रायल कोर्ट इस रिपोर्ट पर अंतिम फैसला लेगा।
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