पार्श्व गायिका आशा भोसले का इस साल 12 अप्रैल को निधन हो गया था और राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया. हिंदी समेत कई भाषाओं में गाने गा चुकीं आशा भोसले ने फिल्मी गीतों के अलावा पॉप सॉन्ग्स से भी अपनी पहचान बनाई थी. अब उनके निधन के करीब 2 महीने बाद उनकी बहन उषा मंगेशकर ने आशा से जुड़ा एक भावुक किस्सा साझा किया है, जिसमें उन्होंने बताया कि बरसों तक दोनों बहनों के बीच बातचीत बंद रही और जब वे दोबारा मिलीं तो वह पल सिर्फ प्रोफेशनल मुलाकात नहीं था.
सालों बाद हुई थी दोबारा मुलाकात
उषा मंगेशकर के मुताबिक, वह मौका था जब एक फिल्मी गाने के लिए दोनों बहनों को साथ गाना गाना था. यही वह पहला मौका भी था जब उषा ने आशा को घर छोड़ने के बाद दोबारा देखा था. दरअसल आशा भोसले ने बेहद कम उम्र में घर से भागकर गणपतराव भोसले से शादी कर ली थी. उस समय आशा सिर्फ 16 साल की थीं, जबकि गणपतराव उनसे 20 साल बड़े थे. फिल्मफेयर से बातचीत में उषा मंगेशकर ने बताया कि जब उनकी मुलाकात आशा से हुई, तब तक उनकी बहन हेमंत की मां भी बन चुकी थीं.
उषा मंगेशकर ने कहा, "यह शादी के बाद पहली बार था जब मैं उन्हें देख रही थी. वे तभी हेमंत की मां बनी थीं. उन्होंने घर छोड़ा था जब वे करीब 15-16 साल की थीं. और अब, इतने सालों बाद, वह पहली बार था जब मैं उन्हें फिर से देख रही थी." उषा ने बताया कि वे आशा को बस देखती रह गई थीं, क्योंकि उनके सामने खड़ी महिला बचपन की उस बहन से बिल्कुल अलग नजर आ रही थी, जिसे उन्होंने आखिरी बार याद रखा था.
बचपन में टॉमबॉय थीं आशा भोसले
उषा मंगेशकर ने आगे बताया, "उससे पहले मैं उन्हें सिर्फ एक छोटी-सी टॉमबॉय के तौर पर याद करती थी, जो पैंट-शर्ट और वेस्टकोट पहनती थी. सिर्फ सात-आठ साल की उम्र में वे साइकिल चलाया करती थीं, इधर-उधर घूमती थीं और लड़ाइयां भी करती थीं. मैंने उन्हें हमेशा ऐसे ही देखा था, इसलिए मुझे लगा था कि वे अब भी वैसी ही होंगी, हंसती-मजाक करती हुई, सबको चिढ़ाती हुई और मस्ती में पीछे पड़कर मारने को तैयार."
आशा भोसले ने लगाई थी उषा मंगेशकर को डांट
लेकिन जब उषा मंगेशकर की नजर आशा भोसले पर पड़ी, तो वे बस उन्हें घूरती रह गईं. उषा ने बताया, "लेकिन जब मैंने उन्हें देखा, तो बस उन्हें घूरती रह गई. उनके माथे पर बड़ा-सा टीका लगा था, बाल बंधे हुए थे, वे सादी सफेद साड़ी पहने हुए थीं. हाथों में सोने के कंगन थे और कलाई पर घड़ी. और उन्होंने मुझे देखा." उषा ने आगे बताया कि आशा ने मिलते ही सबसे पहले उनके बिखरे बालों पर गौर किया और बाल ठीक से न बांधने के लिए उन्हें डांट भी लगाई. उस मुलाकात को याद करते हुए उषा मंगेशकर ने यह भी बताया कि शादी के बाद आशा भोसले के बोलने का अंदाज पूरी तरह बदल चुका था.













