जीवन की नई शुरुआत करने वाले हर जोड़े के लिए विवाह के बाद का शुरुआती दौर बेहद खास होता है। एक दूसरे को करीब से जानने की कोशिश, आंखों में झिझक और दिल में उठने वाली मीठी सी हलचल इन पलों को हमेशा के लिए यादगार बना देती है। इन भावनाओं को शब्दों में पिरोना कई बार आसान नहीं होता, लेकिन सिनेमा के पर्दे ने इस नाज़ुक दौर को बहुत खूबसूरती से कैद किया है।
लगभग तीस साल पहले रिलीज हुई मणिरत्नम की फिल्म 'दिल से' का एक गाना आज भी इस जादुई अहसास का पर्याय बना हुआ है। शाहरुख खान और प्रीति जिंटा पर फिल्माया गया 'जिया जले' ट्रैक शादीशुदा जिंदगी के शुरुआती पलों की मासूमियत को जीवंत कर देता है। इस गाने को सुनते ही वह दौर आंखों के सामने आ जाता है जब दो अजनबी एक नई दुनिया में कदम रखते हैं।
इस रचना की सबसे बड़ी खूबी इसकी संवेदनशीलता और शालीनता है। एक नई दुल्हन के भीतर अपने जीवनसाथी को लेकर उठने वाली उम्मीदों और अनकही अंतरंगता को इसमें बेहद कलात्मक ढंग से उकेरा गया है। यही वजह है कि दर्शक इसे महज मनोरंजन नहीं बल्कि भावनाओं का एक काव्यात्मक सफर मानते हैं। आज भी इंटरनेट पर इसे बड़ी संख्या में सुना और पसंद किया जाता है।
प्रसिद्ध गीतकार गुलजार द्वारा रचे गए इसके बोल इस कलाकृति की असली ताकत हैं। उन्होंने बिना किसी भद्देपन या सतहीपन के, सीधे दिल को छूने वाले प्रतीकों का इस्तेमाल किया है। एक नई नवेली दुल्हन के मन की उलझन और उसकी झिझक को उन्होंने जिस शालीनता से लिखा है, उसकी मिसाल मिलना मुश्किल है।
संस्कृति और कला पर गहरी पकड़ रखने वाली नशरीन मुन्नी कबीर ने भी इस रचना की सराहना की है। उनका मानना है कि यह ट्रैक इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे मर्यादा में रहकर भी अंतरंग भावनाओं को दर्शकों तक पहुंचाया जा सकता है। पर्दे पर फिल्मांकन की नजाकत इस अनुभव को और अधिक गहरा बना देती है।
संगीत की दुनिया के उस्ताद एआर रहमान का संगीत इस रचना में जान फूंक देता है। उनकी मनमोहक धुनों के साथ जब गुलजार के शब्द जुड़ते हैं, तो एक अलग ही समां बंध जाता है। इसे महान गायिका लता मंगेशकर ने अपनी आवाज से अमर कर दिया है। गाने के बीच में गूंजने वाला मलयालम कोरस इसे एक अलग ही स्तर पर ले जाता है, जो सुनने वालों के मन में उतर जाता है।
स्क्रीन पर मुख्य कलाकारों की केमिस्ट्री और शानदार प्राकृतिक नजारे इसे एक क्लासिक बनाते हैं। यह फिल्म प्रीति जिंटा के अभिनय सफर की शुरुआत भी थी, जो आगे चलकर बहुत कामयाब रहीं। हालांकि इस कलाकृति को बने हुए दशकों बीत चुके हैं, लेकिन इसकी ताजगी आज भी उतनी ही बरकरार है जितनी रिलीज के वक्त थी।
आज के दौर में भले ही हर दिन नए रोमांटिक ट्रैक रिलीज होते हों, लेकिन इस क्लासिक धुन की बराबरी कोई नहीं कर पाया। जीवन के उस शुरुआती पड़ाव की झिझक और प्यार को जिस सलीके से इस रचना में ढाला गया है, वह अपने आप में अनूठा है। यही कारण है कि यह गीत आज भी हर दिल में पहली मोहब्बत का अहसास जिंदा रखे हुए है।



















