देशभर में आयोजित नीट परीक्षा के पेपर लीक मामले ने पूरे भारत के युवाओं और छात्रों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया था। इस बड़े विवाद के बाद देश की युवा पीढ़ी सड़कों पर उतर आई और व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन शुरू किया। जहां सोनाक्षी सिन्हा और शबाना आजमी जैसी नामचीन हस्तियों ने युवाओं के इस विरोध प्रदर्शन का समर्थन करते हुए उनकी मांगों को बिल्कुल जायज ठहराया, वहीं बॉलीवुड के कुछ अन्य जाने-माने चेहरों ने जेन जी यानी आज के युवाओं को लेकर काफी विवादित और आपत्तिजनक बयान दिए। सलमान खान, अनुपम खेर, हेमा मालिनी और कंगना रनौत जैसे कलाकारों के रवैये की अब मशहूर लेखिका शोभा डे ने तीखी आलोचना की है। उन्होंने एक लेख के जरिए फिल्म उद्योग के दोहरे रवैये पर अपनी नाराजगी जाहिर की है।
सोनम वांगचुक पर सलमान खान के कमेंट पर बरसीं शोभा डे
शोभा डे के इस तीखे हमले के केंद्र में सबसे पहले बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान आए। दरअसल, जब पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे थे, तब सलमान खान ने सोशल मीडिया पर उन पर तंज कसते हुए एक टिप्पणी की थी। सलमान खान ने लिखा था, "इट्स डन, ब्रो! अब इसे मत बढ़ाओ और कुछ खा लो, कहो तो घर से खाना भिजवा दूं।" सलमान खान के इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा भड़क उठा था और उनकी काफी खिंचाई की गई थी।
लेखिका शोभा डे ने सलमान खान की इस टिप्पणी को पूरी तरह से घटिया और बेतुका करार दिया। शोभा डे के अनुसार, सलमान खान को शायद यह लगा होगा कि उनका यह अनौपचारिक अंदाज देश के युवाओं के बीच काफी कूल और दोस्ताना दिखाई देगा। हालांकि, इसका असर बिल्कुल उल्टा हुआ। शोभा डे ने स्पष्ट किया कि आज की जागरूक युवा पीढ़ी के लिए कूल होने की परिभाषा बदल चुकी है। किसी भी गंभीर सामाजिक मुद्दे, छात्रों के आंदोलन या पर्यावरण संरक्षण की लड़ाई को "इट्स डन, ब्रो" कहकर खारिज कर देना बेहद बचकाना और संवेदनहीन माना गया। इसी वजह से इंटरनेट पर सलमान खान का जमकर मज़ाक उड़ाया गया।
बॉलीवुड का अनकूल रवैया और चैट जीपीटी जैसे पोस्ट
सलमान खान के बाद शोभा डे ने बॉलीवुड के अन्य वरिष्ठ कलाकारों को भी अपने निशाने पर लिया जो युवाओं की मांगों का मज़ाक उड़ा रहे थे। शोभा डे ने लिखा कि हिंदी सिनेमा उद्योग आज से पहले कभी इतना अनकूल और सतही नहीं लगा था। उनका कहना था कि राजनीतिक दलों से हरी झंडी मिलने के बाद इन कलाकारों ने बिल्कुल एक जैसे संदेश तैयार किए, जो ऐसा लगता है कि चैट जीपीटी की मदद से लिखे गए थे।
शोभा डे ने अनुपम खेर और हेमा मालिनी जैसे बड़े कलाकारों की आलोचना करते हुए कहा कि इन हस्तियों ने युवाओं के संवेदनशील आंदोलन पर बेहद गैर-जिम्मेदाराना और निरर्थक बातें कही हैं। किसी गंभीर मुद्दे पर सहानुभूति जताने की बजाय देश के नामचीन चेहरों द्वारा ऐसी बातें करना उनकी सतही सोच को उजागर करता है।
कंगना रनौत की टिप्पणी और समर्थन करने वाले सितारे
कंगना रनौत का जिक्र करते हुए शोभा डे ने कहा कि उन्होंने अपनी बेबाकी साबित करने की होड़ में सभी नैतिक मर्यादाएं लांघ दीं। कंगना रनौत की आपत्तिजनक टिप्पणियों की वजह से उनके बचे-कुचे युवा प्रशंसक भी उनसे दूर हो गए हैं। लेखिका ने जोर देकर कहा कि कंगना रनौत की बयानबाजी बेहद शर्मनाक रही।
इसके विपरीत, शोभा डे ने सोनाक्षी सिन्हा और शबाना आजमी जैसी अभिनेत्रियों की सराहना की, जिन्होंने युवाओं की आवाज में अपनी आवाज मिलाई और उनके संघर्ष को अपना पूरा समर्थन दिया। शोभा डे के मुताबिक, एक तरफ जहां कुछ कलाकार सत्ता और राजनीति की भाषा बोल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ कलाकार समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझ रहे हैं।



















