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अल्फाबेट ने 5 देशों के कर्मचारियों को दिया स्वैच्छिक एग्जिट पैकेज, एआई बजट साधने की तैयारीव्यापार
4 नव॰ 2026, 7:13 pm (3 मिनट पहले)· 0

अल्फाबेट ने 5 देशों के कर्मचारियों को दिया स्वैच्छिक एग्जिट पैकेज, एआई बजट साधने की तैयारी

गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट ने कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, जापान और स्विट्जरलैंड के कर्मचारियों को वॉलंटरी सेपरेशन पैकेज का विकल्प दिया है, ताकि एआई निवेश के बीच लागत घटाई जा सके।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दौड़ में भारी पूंजी झोंक रही तकनीकी कंपनियां अब अपने बढ़ते खर्चों को संतुलित करने के लिए वित्तीय पुनर्गठन का सहारा ले रही हैं। भारी निवेश के बीच बजट को साधने के लिए टेक दिग्गज गूगल ने अपने कर्मचारियों के सामने एक स्वैच्छिक एग्जिट योजना रखी है। इस पहल के तहत कंपनी अपने कर्मचारियों को आर्थिक मुआवजे के साथ स्वेच्छा से पद छोड़ने का विकल्प दे रही है।

पांच प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्वैच्छिक विदाई योजना

अल्फाबेट ने इस स्वैच्छिक बायआउट योजना का विस्तार कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, जापान और स्विट्जरलैंड में काम कर रहे अपने कर्मचारियों तक किया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य उन कर्मचारियों को सम्मानजनक पैकेज देकर विदा करना है जो कंपनी की प्राथमिकताओं के साथ आगे नहीं बढ़ना चाहते।

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कंपनी के आधिकारिक प्रवक्ता के अनुसार, साल 2025 के दौरान गूगल की कुछ चुनिंदा टीमों ने उचित वित्तीय मुआवजे के साथ स्वैच्छिक एग्जिट प्रक्रिया शुरू की थी। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय की प्राथमिकताओं और सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने के मकसद से इस गर्मियों में इस योजना को दुनिया के कई अन्य देशों में भी लागू कर दिया गया है।

एआई पर भारी पूंजीगत खर्च और शेयर बाजार की चिंताएं

यह फैसला ऐसे दौर में सामने आया है जब तकनीकी जगत में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर अंधाधुंध खर्च किया जा रहा है। टेक कंपनियों के इस भारी-भरकम पूंजीगत व्यय को लेकर वॉल स्ट्रीट और व्यापक शेयर बाजार में लगातार असहजता देखी जा रही है, जिसका सीधा दबाव अल्फाबेट के शेयरों पर भी पड़ा है।

लागत में कटौती का यह दबाव केवल गूगल तक सीमित नहीं है। पिछले हफ्ते ही माइक्रोसॉफ्ट ने भी अपने खर्च घटाने की कवायद के तहत करीब 60,000 कर्मचारियों को इसी तरह का बायआउट विकल्प दिया था। अब सुंदर पिचाई के नेतृत्व में गूगल भी अपनी पूंजी और मानव संसाधनों को उन्हीं रणनीतिक क्षेत्रों में केंद्रित करना चाहता है जो आने वाले समय के लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण हैं।

हालिया वर्कफोर्स विस्तार और विज का अधिग्रहण

कंपनी का यह कदम इसलिए भी ध्यान खींचता है क्योंकि पिछले कुछ महीनों में संगठन के भीतर बड़े पैमाने पर नए लोग जोड़े गए थे। सितंबर 2026 के अंत तक गूगल का कुल वर्कफोर्स बढ़कर 2,04,757 कर्मचारियों तक पहुंच गया था। इसका सीधा मतलब यह है कि कंपनी ने महज 6 महीनों की अवधि के अंदर ही करीब 10,000 नए कर्मचारी अपने साथ जोड़े थे।

इस वर्कफोर्स विस्तार में साइबर सिक्योरिटी कंपनी विज का अधिग्रहण एक बड़ा कारक रहा। विज के अधिग्रहण के बाद, मार्च के महीने में इस फर्म के लगभग 2,000 कर्मचारी सीधे गूगल के संगठन का हिस्सा बन गए थे।

डीपमाइंड और क्लाउड टीमों को रखा गया पूरी तरह सुरक्षित

गूगल की मौजूदा रणनीति का केंद्र बिंदु पूरी तरह से एआई विकास और क्लाउड कंप्यूटिंग के इर्द-गिर्द घूम रहा है। इसी प्राथमिकता के चलते गूगल क्लाउड और कंपनी की प्रमुख एआई रिसर्च यूनिट डीपमाइंड में काम कर रहे कर्मचारियों को इस एग्जिट ऑफर के दायरे से बिल्कुल बाहर रखा गया है।

इन महत्वपूर्ण विभागों से जुड़े कर्मचारियों के पदों पर किसी तरह का कोई खतरा नहीं है। यह स्वैच्छिक पैकेज खास तौर पर उन लोगों के लिए तैयार किया गया है जो खुद यह महसूस करते हैं कि वे कंपनी के नए रणनीतिक लक्ष्यों और तकनीकी प्राथमिकताओं के साथ सहजता से तालमेल नहीं बना पा रहे हैं।

स्विट्जरलैंड में कर्मचारियों को मिला 12 महीने तक के वेतन का पैकेज

स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख शहर में गूगल का एक विशाल इंजीनियरिंग हब स्थित है, जहां लगभग 5,000 पेशेवर कार्यरत हैं। ज्यूरिख में काम करने वाले कर्मचारियों को जून के मध्य में इस एग्जिट पैकेज की पेशकश की गई थी, जिसके तहत आवेदन करने की अंतिम तिथि जुलाई के मध्य तक निर्धारित की गई थी।

जिन कर्मचारियों ने स्वेच्छा से इस पैकेज को स्वीकार करने का निर्णय लिया, उन्हें सेवा के प्रत्येक वर्ष के बदले एक महीने के वेतन की दर से वित्तीय मुआवजा दिया गया है, जिसकी अधिकतम सीमा 12 महीने के वेतन तक तय की गई थी।

सवाल-जवाब

गूगल ने किन देशों के कर्मचारियों को स्वैच्छिक एग्जिट ऑफर दिया है?
कंपनी ने यह स्वैच्छिक बायआउट ऑफर कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, जापान और स्विट्जरलैंड के कर्मचारियों को दिया है।
क्या इस एग्जिट ऑफर में भारत के कर्मचारी भी शामिल हैं?
नहीं, यह कार्यक्रम केवल कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, जापान और स्विट्जरलैंड तक ही सीमित है और इसमें भारत का उल्लेख नहीं है।
स्विट्जरलैंड में कर्मचारियों को क्या पैकेज दिया गया है?
स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में काम करने वाले कर्मचारियों को हर एक साल की सेवा पर एक महीने का वेतन और अधिकतम 12 महीने तक की सैलरी का पैकेज दिया गया है।
किन विभागों के कर्मचारियों की नौकरी पूरी तरह सुरक्षित है?
गूगल क्लाउड और प्रमुख एआई यूनिट डीपमाइंड के कर्मचारियों को इस एग्जिट ऑफर से बाहर रखा गया है और उनकी नौकरी सुरक्षित है।
सितंबर 2026 के अंत तक गूगल में कुल कितने कर्मचारी थे?
सितंबर 2026 के अंत तक गूगल के वर्कफोर्स में कुल 2,04,757 कर्मचारी कार्यरत थे।
माइक्रोसॉफ्ट ने हाल ही में कितने कर्मचारियों को ऐसा ऑफर दिया था?
माइक्रोसॉफ्ट ने अपनी परिचालन लागत कम करने के लिए करीब 60,000 कर्मचारियों को बायआउट ऑफर दिया था।
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