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बिलासपुर के किसान Jadoonandan Prasad Verma का धान बीज तैयार करने का नया तरीका: कम खर्च में पाएं बेहतर पैदावारव्यापार
19 जून 2026, 7:32 am (41 दिन पहले)· 3

बिलासपुर के किसान Jadoonandan Prasad Verma का धान बीज तैयार करने का नया तरीका: कम खर्च में पाएं बेहतर पैदावार

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर ज़िले के प्रगतिशील किसान Jadoonandan Prasad Verma ने धान की खेती के लिए घर पर ही उन्नत और रोगमुक्त बीज तैयार करने का एक सरल और किफायती तरीका साझा किया है, जिससे किसानों को हर साल महंगे बीज खरीदने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी और उत्पादन में भी सुधार होगा।

धान की सफल खेती के लिए उच्च गुणवत्ता वाले बीज का चुनाव अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। हालांकि, किसानों को अक्सर हर फसल के लिए बाज़ार से महंगे बीज खरीदने पड़ते हैं। इस समस्या का एक व्यावहारिक समाधान बिलासपुर ज़िले के नगर पंचायत नहर में रहने वाले एक अभिनव किसान Jadoonandan Prasad Verma ने प्रस्तुत किया है। उन्होंने किसानों के लिए अपने खेत से प्राप्त धान को ही बेहतर, रोगमुक्त और उच्च श्रेणी का बीज बनाने की एक आसान विधि बताई है।

कम लागत में उन्नत बीज की तैयारी

जैविक खेती के प्रति समर्पित Jadoonandan Prasad Verma का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी और एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाकर किसान खुद ही अपनी धान की फसल से उत्कृष्ट बीज तैयार कर सकते हैं। उनका दावा है कि इस विधि से तैयार किए गए बीजों की गुणवत्ता में वृद्धि होती है, अंकुरण दर बेहतर होती है, बीमारियों का प्रकोप कम होता है और अंततः पैदावार में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिलती है। यह किसानों के लिए लागत प्रभावी होने के साथ-साथ उपज में सुधार का एक बेहतरीन अवसर प्रदान करता है।

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बीज चयन की वैज्ञानिक विधि

Jadoonandan Prasad Verma द्वारा सुझाए गए तरीके में सबसे पहला कदम बीजों का प्रभावी ढंग से चयन करना है। इसके लिए, एक प्लास्टिक की बाल्टी में पानी भर लें और उसमें एक आलू डालें। अब धीरे-धीरे पानी में नमक मिलाते जाएं, जब तक कि आलू पानी में तैरना शुरू न कर दे। जैसे ही आलू तैरने लगे, इस नमक के घोल में धान के दाने डालें। जो धान के दाने पानी की सतह पर तैरने लगें, उन्हें तुरंत अलग कर देना चाहिए, क्योंकि वे अक्सर हल्के और कमज़ोर होते हैं। इसके विपरीत, जो धान के दाने बाल्टी के तल में बैठ जाते हैं, वे गुणवत्ता में बेहतर और भारी बीज माने जाते हैं, जिनका उपयोग आगे की बुवाई के लिए किया जाना चाहिए।

सफाई और सुखाने का सही तरीका

चयनित उच्च गुणवत्ता वाले धान के बीजों को कम से कम दो से तीन बार साफ पानी से अच्छी तरह धोना बहुत ज़रूरी है। यह प्रक्रिया बीजों से नमक के अवशेष और किसी भी अन्य अशुद्धि को पूरी तरह से हटा देती है। धुले हुए बीजों को सीधे धूप में सुखाने के बजाय, उन्हें घर के फर्श पर एक सूती कपड़े पर फैलाकर सुखाना चाहिए। यदि संभव हो, तो पंखे का उपयोग करें, इससे बीज जल्दी और समान रूप से सूखते हैं, जिससे उनकी गुणवत्ता बनी रहती है।

बीजों का रोग-प्रतिरोधी उपचार

बीजों को सुखाने के बाद, उन्हें 'जीवन अमृत' या 'स्यूडोमोनास' जैसे जैविक उपचार से संस्कृत किया जाना चाहिए। यह महत्वपूर्ण कदम बीजों में मौजूद किसी भी हानिकारक बैक्टीरिया या रोग पैदा करने वाले तत्वों को नष्ट कर देता है। उपचारित बीज बीमारियों से सुरक्षित रहते हैं और उनकी अंकुरण क्षमता में भी काफी सुधार होता है, जिससे खेत में स्वस्थ पौधों के विकास की संभावना बढ़ जाती है।

कम लागत में अधिक उत्पादन की गारंटी

Jadoonandan Prasad Verma इस बात पर जोर देते हैं कि इस सरल और प्रभावी विधि से तैयार किए गए बीजों का अंकुरण बेहतरीन होता है। इससे उगने वाले पौधे अधिक स्वस्थ होते हैं और फसल को रोगों का कम खतरा होता है। इस तकनीक के सकारात्मक प्रभाव खेती में जल्द ही दिखाई देने लगते हैं, जिससे किसानों को बेहतर उत्पादन और अधिक पैदावार मिलती है। यह कम लागत में उच्च गुणवत्ता वाले धान के बीज तैयार करने का एक अत्यंत उपयोगी तरीका है, जो किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधारने में सहायक हो सकता है।

सवाल-जवाब

Jadoonandan Prasad Verma कौन हैं?
Jadoonandan Prasad Verma बिलासपुर, छत्तीसगढ़ के नगर पंचायत नहर निवासी एक प्रगतिशील किसान हैं, जिन्होंने धान के उन्नत बीज तैयार करने की एक सरल विधि विकसित की है।
धान के बीज को घर पर तैयार करने का मुख्य लाभ क्या है?
इसका मुख्य लाभ यह है कि किसानों को हर साल महंगे बीज खरीदने की ज़रूरत नहीं पड़ती, जिससे खेती की लागत कम होती है और गुणवत्तापूर्ण बीजों से पैदावार भी बढ़ती है।
बीज चयन के लिए आलू और नमक का उपयोग कैसे किया जाता है?
एक बाल्टी पानी में आलू डालकर धीरे-धीरे नमक मिलाया जाता है जब तक आलू तैरने न लगे, फिर उस घोल में धान डाला जाता है; जो धान तैरते हैं उन्हें अलग कर दिया जाता है और जो नीचे बैठते हैं उन्हें गुणवत्तापूर्ण माना जाता है।
चयनित बीजों को सुखाने का सही तरीका क्या है?
बीजों को सीधे तेज धूप में नहीं सुखाना चाहिए। उन्हें घर के फर्श पर सूती कपड़े पर फैलाकर सुखाना बेहतर होता है, और यदि उपलब्ध हो तो पंखे का उपयोग करना चाहिए ताकि वे जल्दी और समान रूप से सूख सकें।
बीजों को 'जीवन अमृत' या 'स्यूडोमोनास' से उपचारित क्यों किया जाता है?
इस उपचार से बीजों में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और रोगजनक तत्व नष्ट हो जाते हैं, जिससे बीज रोगों से सुरक्षित रहते हैं और उनकी अंकुरण क्षमता बेहतर होती है।
यह विधि किसानों के लिए कितनी उपयोगी है?
यह विधि किसानों के लिए बहुत उपयोगी है क्योंकि यह कम लागत में उच्च गुणवत्ता वाले, रोगमुक्त बीज तैयार करने में मदद करती है, जिससे पौधों का स्वास्थ्य बेहतर होता है और अंततः अधिक पैदावार मिलती है।
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