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छत्तीसगढ़ में 1 सितंबर से अनिवार्य हुई बिजली कनेक्शन की ई-केवाईसी, आधार मिलान जरूरीव्यापार
24 अग॰ 2026, 11:45 am (2 घंटे पहले)· 2

छत्तीसगढ़ में 1 सितंबर से अनिवार्य हुई बिजली कनेक्शन की ई-केवाईसी, आधार मिलान जरूरी

छत्तीसगढ़ के सभी बिजली उपभोक्ताओं के लिए 1 सितंबर से ई-केवाईसी प्रक्रिया अनिवार्य कर दी गई है। इसके लिए आधार और बिजली बिल में नाम का एक जैसा होना जरूरी है।

छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होने जा रही है, जो राज्यभर के तमाम बिजली कनेक्शन धारकों के लिए अनिवार्य होगी। इस नए नियम के दायरे में घरेलू, गैर-घरेलू, कृषि, औद्योगिक, सड़क बत्ती और नलजल कनेक्शन समेत हर श्रेणी के बिजली कनेक्शन आएंगे। इस पूरी प्रक्रिया का मकसद उपभोक्ता की असली पहचान को उसके बिजली कनेक्शन के साथ जोड़ना और पुख्ता करना है। इसके लिए आधार प्रमाणीकरण का सहारा लिया जाएगा, जिससे फर्जी या गलत रिकॉर्ड की गुंजाइश खत्म हो सके।

नाम का मिलान होना है जरूरी

इस वेरिफिकेशन प्रक्रिया की सबसे अहम शर्त यह है कि बिजली कनेक्शन के रिकॉर्ड में दर्ज नाम और आधार कार्ड पर छपे नाम में सौ फीसदी समानता होनी चाहिए। यदि दोनों दस्तावेजों के नाम में कोई भी अंतर या वर्तनी की गलती पाई जाती है, तो सिस्टम प्रमाणीकरण स्वीकार नहीं करेगा। ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं को सबसे पहले बिजली कंपनी के पास जाकर अपने रिकॉर्ड ठीक कराने होंगे। सुधार होने के बाद ही ई-केवाईसी की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया जा सकेगा, इसलिए उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे समय रहते अपने दस्तावेजों की जांच कर लें।

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घर बैठे मोर बिजली एप से करें वेरिफिकेशन

उपभोक्ताओं की सुविधा का ध्यान रखते हुए बिजली विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया को बेहद सुलभ बनाया है। लोगों को ई-केवाईसी के वास्ते बिजली कार्यालयों के चक्कर काटने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। उपभोक्ता अपने स्मार्टफोन पर ‘मोर बिजली’ एप के जरिए घर बैठे ही अपना आधार प्रमाणीकरण कर सकते हैं। इसके लिए बस एप पर जाकर तय की गई ई-केवाईसी प्रक्रिया के चरणों का पालन करना होगा और कुछ ही मिनटों में यह काम पूरा हो जाएगा।

वितरण केंद्रों और मीटर रीडरों से भी मिलेगी मदद

यदि किसी उपभोक्ता को ऑनलाइन माध्यम से प्रक्रिया पूरी करने में तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, तो उनके पास ऑफलाइन विकल्प भी उपलब्ध रहेगा। ऐसे कंज्यूमर्स अपने नजदीकी वितरण केंद्र या जोन कार्यालय में जाकर अपना वेरिफिकेशन करवा सकते हैं। वहां तैनात कर्मचारी ‘प्रकाश एप’ के ई-केवाईसी पोर्टल के माध्यम से इस काम को पूरा करेंगे। इसके अलावा, मैदानी स्तर पर काम करने वाले मीटर रीडर भी उपभोक्ताओं से संपर्क साधेंगे और उन्हें इस प्रक्रिया को पूरा करने में हरसंभव सहायता प्रदान करेंगे।

पूरी तरह से निःशुल्क है यह सेवा

बिजली कंपनी ने स्पष्ट शब्दों में यह बात साफ कर दी है कि ई-केवाईसी कराने के लिए उपभोक्ताओं से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं वसूला जाएगा। यह सेवा पूरी तरह से मुफ्त है। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि कोई कर्मचारी, मीटर रीडर या अन्य व्यक्ति इस काम के नाम पर पैसे की मांग करता है, तो उसे एक पैसा भी न दें। उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की धोखाधड़ी या ठगी से बचने के लिए पूरी तरह सतर्क रहने की जरूरत है।

सवाल-जवाब

छत्तीसगढ़ में बिजली कनेक्शन की ई-केवाईसी कब से शुरू हो रही है?
छत्तीसगढ़ में बिजली कनेक्शन की ई-केवाईसी प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू हो रही है।
ई-केवाईसी के दायरे में कौन-कौन से बिजली कनेक्शन आएंगे?
इसके दायरे में घरेलू, गैर-घरेलू, कृषि, औद्योगिक, सड़क बत्ती और नलजल समेत सभी प्रकार के बिजली कनेक्शन आएंगे।
क्या ई-केवाईसी के लिए कोई शुल्क देना होगा?
नहीं, बिजली कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी तरह से निःशुल्क है और इसके लिए कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा।
घर बैठे ई-केवाईसी किस माध्यम से की जा सकती है?
उपभोक्ता घर बैठे ‘मोर बिजली’ एप के जरिए अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
यदि ऑनलाइन प्रक्रिया में परेशानी आए तो कहां संपर्क करें?
समस्या आने पर उपभोक्ता नजदीकी वितरण केंद्र या जोन कार्यालय जाकर ‘प्रकाश एप’ के जरिए वेरिफिकेशन करा सकते हैं।
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