धौलपुर से सरमथुरा ब्रॉडगेज परियोजना के अंतर्गत नवविकसित रेलमार्ग पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में धौलपुर स्टेशन से गढ़ी सांद्ररा के बीच तैयार किए गए लगभग 19.8 किलोमीटर लंबे नए रेलखंड का निरीक्षण रेल संरक्षा आयुक्त (CRS) द्वारा पूरा कर लिया गया है। उत्तर पूर्वी परिक्षेत्र के रेल संरक्षा आयुक्त ई. श्रीनिवास के नेतृत्व में विशेषज्ञों और वरिष्ठ रेल अफसरों की एक उच्चस्तरीय टीम ने पूरे ट्रैक, सिग्नल व्यवस्था और बुनियादी ढांचे की तकनीकी जांच की।
पैनल रूम और मोटर ट्रॉली से हुआ सुरक्षा तंत्र का मुआयना
इस पूरे सुरक्षा निरीक्षण का आरंभ धौलपुर स्टेशन परिसर में स्थित पैनल रूम की पड़ताल से हुआ। पैनल रूम के भीतर ट्रेन संचालन से जुड़े तंत्र और सिग्नलिंग व्यवस्था की कार्यप्रणाली को बारीकी से समझा गया। इसके पश्चात मुख्य दल मोटर ट्रॉली पर सवार होकर धौलपुर से गढ़ी सांद्ररा की ओर रवाना हुआ।
ट्रॉली निरीक्षण के दौरान रास्ते में पड़ने वाले लेवल क्रॉसिंग फाटकों, ट्रैक की फिटिंग और सुरक्षा से जुड़े सभी जरूरी तकनीकी उपकरणों की स्थिति परखी गई। इसके साथ ही नुरपुरा स्टेशन और गढ़ी सांद्ररा स्टेशन पर पहुंचकर अधिकारियों ने वहां यात्रियों के लिए विकसित सुविधाओं तथा परिचालन से संबंधित व्यवस्थाओं का विस्तार से जायजा लिया।
गढ़ी सांद्ररा से धौलपुर तक 121 किमी प्रति घंटे की गति से ट्रायल
ट्रैक के भौतिक निरीक्षण और जमीनी मुआयने की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद उच्च गति परीक्षण का चरण शुरू हुआ। इसके लिए गढ़ी सांद्ररा से धौलपुर के मध्य एक 'सीआरएस स्पेशल ट्रेन' चलाई गई। इस विशेष परीक्षण ट्रेन को 121 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार पर दौड़ाया गया।
इस उच्च गति परीक्षण के जरिए नए ब्रॉडगेज मार्ग की भार वहन क्षमता, रेल पटरियों की मजबूती, ट्रेन के अंदर महसूस होने वाले कंपन और सुरक्षा से जुड़े विविध तकनीकी पैमानों का व्यावहारिक आकलन किया गया। इस समूची जांच और स्पीड ट्रायल के दौरान मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) अजीत सिंह यादव तथा उत्तर मध्य रेलवे के आगरा मंडल रेल प्रबंधक (DRM) गगन गोयल के साथ कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी स्टाफ मौजूद रहे।























