ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी के इलाके में बुनियादी ढांचे और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए हाल ही में अहम फैसले लिए गए हैं। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की 92वीं बोर्ड बैठक में कई बड़े प्रस्तावों को आधिकारिक मुहर मिल गई है, जिससे इस क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। इन नई पहलों के तहत निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ रोजगार के नए द्वार खोलने की तैयारी है।
सेक्टर-6 में आकार लेगी ताइवान सिटी
इस योजना के तहत YEIDA के सेक्टर-6 में लगभग 300 एकड़ जमीन को ताइवान से जुड़ी कंपनियों के लिए आरक्षित किया गया है। ताइवान को दुनियाभर में सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईसीटी और उन्नत मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र माना जाता है। इस विशेष क्षेत्र के बसने से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से जुड़े उद्योगों का एक पूरा तंत्र यानी इकोसिस्टम यहां स्थापित होगा। इससे स्थानीय युवाओं को तकनीकी क्षेत्र में काम करने के बेहतरीन मौके मिलेंगे और छोटे-बड़े उद्योग वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा बन सकेंगे। इस बारे में अधिक जानकारी एक्स पर साझा की गई पोस्ट में देखी जा सकती है।
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बड़ा मेडिकल हब
क्षेत्र को चिकित्सा और स्वास्थ्य अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए लगभग 500 एकड़ भूमि पर एक आधुनिक मेडिकल हब तैयार किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट में अत्याधुनिक अस्पताल, मेडिकल रिसर्च और ट्रायल सेंटर, डिजिटल हेल्थ यूनिट, बायोटेक तथा फार्मा से जुड़े केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, इसी सेक्टर के भीतर 100 से 125 एकड़ के भूभाग पर एक फार्मास्युटिकल फॉर्मुलेशन मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर भी बनाया जाएगा। इस क्लस्टर में टैबलेट, कैप्सूल, इंजेक्शन, सिरप, क्रीम और मलहम जैसी जीवन रक्षक दवाओं का उत्पादन करने वाली कंपनियों को जमीन आवंटित की जाएगी।
चिकित्सा उपकरणों की जांच होगी आसान
मेडिकल डिवाइस पार्क में वैश्विक मानकों के अनुकूल एक उन्नत टेस्टिंग सेंटर बनाए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है। इस सुविधा के शुरू होने से देश की घरेलू कंपनियों और एमएसएमई (MSME) इकाइयों को अपने मेडिकल उपकरणों की जांच कराने के लिए विदेशी प्रयोगशालाओं पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इस टेस्टिंग केंद्र में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कम्पैटिबिलिटी, इलेक्ट्रिकल सेफ्टी, मैकेनिकल परफॉर्मेंस, पैकेजिंग और सॉफ्टवेयर से जुड़ी विभिन्न प्रकार की जांच की सुविधाएं एक ही छत के नीचे मुहैया कराई जाएंगी।
शिक्षा और खेल के नए केंद्र
औद्योगिक और चिकित्सा विकास के अलावा शिक्षा और खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी पूरा जोर दिया गया है। प्राधिकरण के सेक्टर-14 में लगभग 480 एकड़ क्षेत्र में एक विशाल यूनिवर्सिटी पार्क का निर्माण किया जाएगा, जहां देश और दुनिया के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों को परिसर स्थापित करने के लिए जमीन दी जाएगी। खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों के लिए सेक्टर-23डी में लगभग 50 एकड़ जमीन पर एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम को विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही, आम जनता और कारोबारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सेक्टर-34 में लगभग 36 एकड़ पर एक आधुनिक मंडी और सेक्टर-23सी में एक नए अंतरराज्यीय बस अड्डे के निर्माण को भी स्वीकृति दी गई है। क्षेत्र के विकास से जुड़ी अन्य योजनाओं के बारे में नोएडा एयरपोर्ट के पास नए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़े अपडेट्स में विस्तार से पढ़ा जा सकता है।



















