देश भर में पोस्टल सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है और आम नागरिक अपने जरूरी कागजात तथा सामान भेजने के लिए डाकघर पर भरोसा जताते हैं। यदि आप भी डाक सेवाओं का उपयोग करने का विचार बना रहे हैं, तो यह ताजा बदलाव आपके लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है। सरकार ने पार्सल और कागजातों के बीच अंतर स्पष्ट करने के लिए पहली बार दस्तावेज की औपचारिक परिभाषा को आधिकारिक रूप से अधिसूचित कर दिया है।
क्या होगा दस्तावेज और क्या कहलाएगा पार्सल
नई अधिसूचना के अनुसार दस्तावेज श्रेणी में मुख्य रूप से पत्र, छपाई सामग्री और ऐसी वस्तुएं रखी गई हैं जिनका कोई कमर्शियल मूल्य नहीं होता है। इसके अलावा बाकी बची सभी सामग्रियों को पार्सल की श्रेणी में रखा गया है। इस स्पष्ट विभाजन से ग्राहकों को यह समझने में आसानी होगी कि उनका सामान किस वर्ग में आता है और उस पर कितना शुल्क देय होगा।
किन चीजों को मिली है दस्तावेज वर्ग में जगह
बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र से जुड़ी सामग्री जैसे वेलकम किट, पासबुक, चेक बुक, बैंक स्टेटमेंट, प्लास्टिक कार्ड, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड को कागजात की श्रेणी माना गया है। इसके अलावा पैन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे महत्वपूर्ण सरकारी पहचान पत्र भी इसी दायरे में आते हैं। इसके साथ ही राखी के पैकेट और ग्रीटिंग कार्ड जैसे 500 ग्राम तक के व्यक्तिगत व गैर-व्यावसायिक लिफाफे भी दस्तावेजों के अंतर्गत ही भेजे जाएंगे।
खुदरा ग्राहकों के लिए क्या हैं शुल्क के नियम
आम और खुदरा ग्राहकों के लिए पुरानी डाक दरों में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन थोक बुकिंग के लिए नए शुल्क लागू किए गए हैं। एक अगस्त से प्रभावी होने वाली व्यवस्था के तहत 24 घंटे वाली स्पीड पोस्ट के लिए खुदरा शुल्क दूरी और वजन के हिसाब से 38 रुपये से 186 रुपये के बीच तय किया गया है। पचास ग्राम से कम वजन वाले पैकेट पर स्थानीय स्तर पर 38 रुपये और पूरे देश में भेजने के लिए 94 रुपये शुल्क देना होगा, जिस पर जीएसटी अलग से लगेगा।
वजन के आधार पर तय किए गए नए दाम
नियमों के मुताबिक 51 से 250 ग्राम तक के वजन के लिए डाक शुल्क 118 से 154 रुपये के दायरे में रहेगा। वहीं 251 से 500 ग्राम तक के पैकेट भेजने पर 140 से 186 रुपये प्रति पैकेट का भुगतान करना होगा। थोक ग्राहकों के लिए 24 घंटे वाली सेवा का शुल्क 38 से 100 रुपये और 48 घंटे वाली सेवा के लिए 48 से 72 रुपये निर्धारित किया गया है। इसके अलावा 48 स्पीड पोस्ट सेवा के तहत आम ग्राहकों को वजन और दूरी के आधार पर 61 रुपये से 121 रुपये तक चुकाने होंगे।
किन शहरों में मिल रही है यह विशेष सेवा
डाक विभाग द्वारा शुरू की गई 24 स्पीड पोस्ट और 48 स्पीड पोस्ट जैसी ये खास सेवाएं अभी शुरुआती चरण में देश के चुनिंदा छह महानगरों तक ही सीमित हैं। ये सुविधाएं फिलहाल दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में ही सक्रिय हैं, जहां ग्राहक तय समय सीमा के भीतर अपना सामान सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचा सकते हैं।



















