खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में नया व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहे लोगों के लिए उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक सुनहरा अवसर सामने आया है। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के अंतर्गत उद्यान विभाग मिठाई और दुग्ध उत्पाद निर्माण प्लांट लगाने पर 3,50,000 रुपये तक की सब्सिडी प्रदान कर रहा है। इस योजना के माध्यम से नए उद्यमियों को बैंक ऋण और सरकारी अनुदान दोनों की सुविधा एक साथ उपलब्ध कराई जा रही है ताकि वे कम लागत में एक लाभदायक व्यवसाय स्थापित कर सकें।
सब्सिडी और वित्तीय संरचना का गणित
भारत सरकार की इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत दूध और दुग्ध उत्पादों से जुड़े प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस श्रेणी में मिठाई निर्माण इकाइयां विशेष रूप से शामिल हैं, जहां कच्चे दूध से मावा यानी खोया तैयार करके विभिन्न प्रकार की मिठाइयां बनाई जाती हैं। योजना के अंतर्गत प्लांट लगाने के लिए आवश्यक मशीनरी की कुल लागत पर 35 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जाता है, जिसकी अधिकतम सीमा 3 लाख 50 हजार रुपये तय की गई है। इसमें क्रीम निकालने की मशीन, खोया बनाने की आधुनिक मशीन, मिश्रण मशीन और अन्य आवश्यक उपकरण शामिल हैं।
इस वित्तीय व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह है कि निवेशक को कुल लागत का केवल 10 प्रतिशत अंशदान अपनी जेब से लगाना पड़ता है। शेष 90 प्रतिशत राशि बैंक से ऋण के रूप में प्राप्त हो जाती है, जिस पर 35 प्रतिशत का सरकारी अनुदान स्वीकृत किया जाता है।
ऑनलाइन आवेदन और स्वीकृति की प्रक्रिया
प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए सरकार ने आवेदन से लेकर लोन स्वीकृति तक की पूरी व्यवस्था को ऑनलाइन रखा है। योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक के पास कुछ बुनियादी दस्तावेज होने अनिवार्य हैं। इनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, नवीनतम बिजली का बिल, पिछले छह महीने का बैंक खाता विवरण और खरीदी जाने वाली मशीनों का आधिकारिक दर पत्र या कोटेशन शामिल हैं।
आवेदन ऑनलाइन जमा होने के बाद फाइल को सबसे पहले संबंधित बैंक शाखा में जांच के लिए भेजा जाता है। बैंक स्तर पर कागजातों के सत्यापन के बाद पत्रावली को जिला स्तरीय समिति के पास स्वीकृति के लिए भेजा जाता है। समिति से मंजूरी मिलने के बाद फाइल वापस बैंक शाखा पहुंचती है, जहां से ऋण की राशि और सब्सिडी की प्रक्रिया पूरी कर दी जाती है।
मुरादाबाद में धरातल पर दिख रहा असर
उद्यान विभाग में डीआरपी पद पर कार्यरत विमल कुमार तोमर के अनुसार, यह योजना मुरादाबाद जिले में सफलता के साथ संचालित हो रही है। अब तक जिले में इस योजना के तहत चार मिठाई निर्माण प्लांट सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं। ये सभी इकाइयां वर्तमान में पूरी क्षमता के साथ कार्य कर रही हैं और इनसे जुड़े उद्यमी बेहतर मुनाफा कमा रहे हैं।



















