जरबेरा फूल की खेती से चमकी कोडरमा के किसान की किस्मत, हर महीने 30 हजार की कमाईव्यापार
14 घंटे पहले· 0

जरबेरा फूल की खेती से चमकी कोडरमा के किसान की किस्मत, हर महीने 30 हजार की कमाई

कोडरमा के डोमचांच प्रखंड के किसान सुमन मेहता ने व्यावसायिक स्तर पर जरबेरा फूल की खेती शुरू कर हर महीने करीब 30 हजार रुपये की आय अर्जित की है। सरकारी योजना और आधुनिक तकनीक ने उनकी तकदीर बदल दी।

कोडरमा: झारखंड के कोडरमा जिले के किसान अब परंपरागत खेती के साथ-साथ नई और आधुनिक कृषि पद्धतियों को भी तेजी से अपनाने लगे हैं। एक समय था जब यहां के अधिकांश किसान सिर्फ धान, गेहूं और मौसमी सब्जियों तक ही सीमित रहते थे, लेकिन अब कई किसान अधिक मुनाफा देने वाली फसलों की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। इसी बदलाव की मिसाल बने हैं डोमचांच प्रखंड के किसान सुमन मेहता, जिन्होंने अपने गांव में सबसे पहले व्यावसायिक तौर पर जरबेरा फूल की खेती शुरू कर अलग पहचान कायम की है। आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं का सहारा लेकर वे आज हर महीने करीब 30 हजार रुपये कमा रहे हैं।

सुमन मेहता बताते हैं कि जरबेरा फूल की खेती की ओर उन्हें जिला उद्यान विभाग ने प्रेरित किया। विभाग के उद्यान मित्र ने उन्हें इस खेती के फायदों और इसमें छिपी संभावनाओं की जानकारी दी, जिसके बाद उन्होंने इस दिशा में आगे बढ़ने का मन बनाया। खेती की शुरुआत से पहले उन्होंने रांची में छह दिनों का विशेष प्रशिक्षण लिया, जहां उन्हें फूलों की खेती, पौधों की देखभाल, उत्पादन बढ़ाने के उपायों और आधुनिक तकनीकों के बारे में बारीकी से समझाया गया।

प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्होंने अपने खेत को आधुनिक ढंग से तैयार किया। करीब 10 हजार वर्ग फीट इलाके में ग्रीन नेट हाउस बनाया गया, जिसमें ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक की मदद से जरबेरा के पौधे रोपे गए। इस तरीके से पौधों को जरूरत के मुताबिक पानी मिलता है और खेत में खरपतवार उगने की दिक्कत भी काफी हद तक खत्म हो जाती है।

सुमन मेहता का कहना है कि ग्रीन नेट हाउस में खेती करने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि पौधे तेज धूप, मूसलाधार बारिश और कीटों के हमले से काफी हद तक बचे रहते हैं। नियंत्रित वातावरण मिलने से फूलों की गुणवत्ता तो बेहतर होती ही है, साथ ही उत्पादन भी लगातार बना रहता है।

फिलहाल उनके बागान से हर हफ्ते करीब 1500 जरबेरा फूलों की पैदावार हो रही है। स्थानीय माली और फूल विक्रेता खुद खेत तक पहुंचकर ये फूल खरीद ले जाते हैं। बाजार में एक जरबेरा फूल की कीमत 5 से 6 रुपये तक मिल जाती है, जिससे उन्हें नियमित आमदनी हो रही है। उन्होंने बताया कि गुलदस्तों, शादी-ब्याह, समारोहों और सजावट के कामों में जरबेरा फूलों की सबसे ज्यादा मांग रहती है।

सुमन मेहता ने बताया कि इस पूरी परियोजना की सबसे बड़ी खूबी यह रही कि जरबेरा के पौधे और ग्रीन नेट हाउस का पूरा सेटअप उन्हें उद्यान विभाग की सरकारी योजना के तहत निशुल्क मुहैया कराया गया। इस वजह से उन्हें शुरुआत में कोई बड़ा निवेश नहीं करना पड़ा और अब उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा सीधे मुनाफे के रूप में उनकी जेब में आ रहा है।

उनके बागान में लाल, पीले, गुलाबी, सफेद और नारंगी समेत कई आकर्षक रंगों के जरबेरा फूल खिले हुए हैं, जो दूर से ही लोगों की नजरें अपनी ओर खींच लेते हैं। सुमन मेहता की यह कामयाबी अब इलाके के दूसरे किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई है और कई किसान आधुनिक फूलों की खेती में दिलचस्पी दिखाने लगे हैं।

ट्रेंडकिया रिवॉर्ड्स

खबरें पढ़ें, असली रिवॉर्ड कमाएँ

हर लेख पढ़ने पर पॉइंट्स — ₹10,000 तक के गिफ्ट रिडीम करें। शामिल होना फ्री है।

फ्री रजिस्टर करें और कमाना शुरू करें
250मोबाइल रिचार्ज
12,500 · ≈ 12,500 रीड्स
कमाना शुरू करें
500गिफ्ट वाउचर
25,000 · ≈ 25,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
1,000गिफ्ट कार्ड
50,000 · ≈ 50,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
2,000गिफ्ट कार्ड
1,00,000 · ≈ 1,00,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
3,000शॉपिंग वाउचर
1,50,000 · ≈ 1,50,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
5,000कैश / UPI
2,50,000 · ≈ 2,50,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
प्रीमियम7,500कैश / UPI
3,75,000 · ≈ 3,75,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
प्रीमियम10,000कैश / UPI
5,00,000 · ≈ 5,00,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
प्रीमियम15,000मेगा कैश
7,50,000 · ≈ 7,50,000 रीड्स
कमाना शुरू करें

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

नागरिक पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
नागरिक पत्रकारनागरिक पत्रकार
नागरिक पत्रकार
नागरिक पत्रकार