भारतीय पूंजी बाजार में अब तक के सबसे बड़े इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। डिजिटल सेवा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड का बहुप्रतीक्षित पब्लिक इश्यू अगले सप्ताह 21 अक्टूबर को आम निवेशकों के लिए खोल दिया जाएगा। बुधवार को नियामक के समक्ष जमा किए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) के अनुसार, बोली लगाने की यह प्रक्रिया 23 अक्टूबर को समाप्त होगी, जबकि बड़े संस्थागत यानी एंकर निवेशकों को 19 अक्टूबर को ही बोली लगाने का अवसर मिलेगा। कंपनी इसी महीने के अंत तक घरेलू शेयर बाजारों में अपनी औपचारिक शुरुआत करने की तैयारी कर चुकी है।
कर्मचारियों और मौजूदा शेयरधारकों के लिए विशेष कोटा
कंपनी ने अपने इश्यू में आंतरिक कर्मचारियों और मूल कंपनी के निवेशकों के हितों का खास ध्यान रखा है। विवरण पुस्तिका के मुताबिक, पात्र कर्मियों के वास्ते 500 करोड़ रुपये मूल्य के इक्विटी शेयर अलग रखे गए हैं। इसके समानांतर, पैरेंट कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के योग्य इक्विटी निवेशकों के लिए भी 2500 करोड़ रुपये तक का विशेष आवंटन कोटा तय किया गया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज में पब्लिक शेयर रखने वाले आम नागरिक और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF), निर्धारित नियमों व शर्तों के तहत शेयरधारक कोटा श्रेणी में 14 अक्टूबर तक अपनी पात्रता सुनिश्चित कर आवेदन के योग्य माने गए हैं।
12 लाख करोड़ रुपये से अधिक के मूल्यांकन का अनुमान
वैश्विक निवेशकों से प्राप्त उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया के आधार पर जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रारंभिक उद्यम मूल्यांकन 143 से 146 अरब डॉलर आंका जा रहा है, जो भारतीय मुद्रा में 12 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक बैठता है। कुल इश्यू का आकार लगभग 3.8 अरब डॉलर रहने की संभावना जताई गई है। यदि यह आंकड़ा वास्तविकता में बदलता है, तो यह निर्गम भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम बन जाएगा।
जून में सौंपे गए थे मसौदा दस्तावेज
पूंजी बाजार नियामक SEBI ने चालू वर्ष में 28 अगस्त को इस पब्लिक ऑफरिंग के संबंध में अपनी अंतिम टिप्पणियां जारी की थीं। इससे पूर्व कंपनी ने जून के महीने में सेबी के समक्ष अपने विवरण दस्तावेज दाखिल किए थे। ड्राफ्ट प्रस्ताव के अनुसार, कंपनी इस सार्वजनिक पेशकश के जरिए लगभग 27 करोड़ तक नए इक्विटी शेयर जारी करने का इरादा रखती है, जो निर्गम के पश्चात कंपनी की कुल चुकता इक्विटी पूंजी का करीब 2.9 प्रतिशत हिस्सा होगा।
वित्तीय मोर्चे पर निरंतर मजबूत प्रदर्शन
कंपनी की बैलेंस शीट पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान जियो प्लेटफॉर्म्स ने 15 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज करते हुए 30,053 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया था। वित्तीय वर्ष के दौरान कुल सालाना आमदनी भी 14.5 प्रतिशत के उछाल के साथ 1,46,885 करोड़ रुपये पर पहुंच गई थी। वित्तीय शोध फर्म नुवामा रिसर्च के विश्लेषकों का आकलन है कि वित्त वर्ष 2025-26 से वित्त वर्ष 2029-30 की अवधि के दौरान रिलायंस जियो का शुद्ध लाभ तकरीबन 18 प्रतिशत की सालाना चक्रवृद्धि दर से रफ्तार पकड़ सकता है।



















